सोमवार, 15 अगस्त 2022

राहू शांति के उपाय

राहु जिस कुंडली में 1,2,4,5,7,8,9,10 या 12वे भाव में स्थित हो अथवा शत्रु या नीच राशि में या शत्रु ग्रह युक्त दृष्ट हो तो ऐसे जातक को शरीर कष्ट,तनाव,धन संबंधी उलझने,बुद्धि भ्रम,कलह – क्लेश,व्यर्थ भ्रमण आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है राहु जनित अरिष्ट फल निवारण हेतु निम्नलिखित किसी एक मंत्र का 18000 की संख्या में जाप करना चाहिए |

तंत्रोक्त राहु मंत्र – ॐ भ्राम भ्रीम भ्रौ स: राहवे नमः

राहु गायत्री मंत्र – ॐ शिरो रुपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहु प्रचोदयात |

सुनिश्चित मन्त्र जाप के अतिरिक्त राहु से सम्बन्धित वस्तुओं का दान, शनिवार का व्रत, विधिपूर्वक निर्मित राहु यन्त्र धारण करना, राहु औषधि स्नान, गोमेद नग पहनना,शिव स्तोत्र एवं राहु स्तोत्र का पाठ करना,चलते पानी में नारियल बहाना,श्री दुर्गा पूजा करना,अपाहिज कुष्टाश्रम में अनाज, फल, आदि ।

राहु दान योग्य वस्तुएँ - सप्तधान्य (सतनाजा), गोमेद, सीसा, काला घोड़ा, तिल, तैल, काले पुष्प, नीला वस्त्र, उड़द, खडग (चाकू इत्यादि), कम्बल,बिल्वपत्र, मौसमी फल, कस्तूरी आदि । राहु का दान रात्रि कालीन करना शुभ माना जाता है ।

उपाय - अशुभ राहु या राहु की महादशा या अन्तर्दशा में निम्नलिखित उपाय करें |

(1) काले व नीले वस्त्र पहनने से परहेज़ करें तथा चाँदी की चेनी व लॉकेट पहनना शुभ होगा ।

(2) चपाती को खीर लगाकर कौओं को एवं काले रंग की गाय को खिलाएँ ।

(3) काले तिल, कच्चा कोयला, नीले रंग के ऊनी कपड़े में बाँधकर शनिवार अथवा राहु के नक्षत्रों में घर के आंगन में दबाना शुभ होगा अथवा नीले वस्त्र के बांधे रूमाल को राहु मन्त्र पढ़ते हुए जल में प्रवाह कर देवें ।

 

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