बुधवार, 30 अप्रैल 2014

तिलक लगाने से क्या होता हैं ?

5)तिलक लगाने से क्या होता हैं ?


हमारे ज्ञान तन्तुओ का विचारक केंद्र भुक्रूटी और ललाट का मध्य भाग होता हैं जब हम मस्तिष्क से काम लेते हैं तो इसी केंद्र मे दवाब पड़ने से हमे दर्द महसूस होने लगता हैं इस केंद्र बिन्दु पर जब हम तिलक लगाते हैं तब वह तिलक हमारे ज्ञान तंतुओ को संयमित सक्रिय कर देता हैं जिससे हमे दर्द की अनुभूति नहीं हो पाती हैं इसी कारण से तिलक लगाने का विधान हैं एक अन्य वजह जो की नजरदोष से संबन्धित हैं जब हम तिलक लगाते हैं तो हमें देखने वाले का पहला प्रभाव तिलक पर चला जाता हैं जिस कारण उसकी समस्त नकारात्मक ऊर्जा अपना समस्त प्रभाव हम पर नहीं डाल पाती और हमारा नज़र दोष से बचाव हो जाता हैं |

रविवार, 27 अप्रैल 2014

गहने पहनाने के पीछे क्या कारण हैं ?

4) गहने पहनाने के पीछे क्या कारण हैं ?


आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर मे सौ से अधिक चेतना केंद्र होते हैं जिन पर मामूली सा दवाब हमारे शरीर के किसी ना किसी अंग को प्रभावित करता हैं शरीर के किस हिस्से पर किस धातु के बने आभूषण द्वारा दवाब देने से क्या प्रभाव पड़ता हैं इसका पता जानने के लिए गहने पहनाए जाते हैं | इनके प्रयोग से प्राचीन समय मे लोग स्वस्थ्य रहा करते थे जिस कारण यह आधुनिक जीवन मे भी प्रयोग किए जाते हैं |

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

रत्न धारण करने के पीछे क्या महत्व हैं ?

3)रत्न धारण करने के पीछे क्या महत्व हैं विभिन्न प्रकार के रत्न जैसे नीलम,पुखराज आदि धारण करने से क्या होता हैं ?


प्रत्येक ग्रह एक विशेष रंग की ऊर्जा अथवा किरणे प्रसारित करता हैं जो की धरती पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी पर पड़ती हैं जब किसी व्यक्ति विशेष पर किसी ग्रह विशेष की किरणे किसी भी कारण से कम रूप मे विद्दमान होती हैं तो उसे उस ग्रह से संबन्धित रत्न धारण कर पूरा किया जा सकता हैं जिससे उस व्यक्ति विशेष पर उस ग्रह के रंग की ऊर्जा की कमी पूरी हो जाती हैं |

बुधवार, 23 अप्रैल 2014

तुलसी को प्रत्येक घर मे लगाना अनिवार्य क्यू कहाँ गया हैं |

2)तुलसी को प्रत्येक घर मे लगाना अनिवार्य क्यू कहाँ गया हैं |


तुलसी के पौधे से निकालने वाली ऊर्जा संक्रामक रोगो को मारने मे अत्यंत प्रबल मानी जाती हैं जिसके प्रभाव से व्यक्ति को संक्रामक रोग नहीं हो पाते हैं | प्राचीन समय मे जब संक्रामक रोग जैसे हैजा,प्लेग,मलेरिया इत्यादि के होने से गाव के गाव समाप्त हो जाते दे तब ऐसे मे यह कहाँ जाता था की इस तुलसी नामक पौधे के घर पर होने से उस घर पर ऐसी बीमारिया प्रवेश नहीं कर पाती हैं चूंकि हर व्यक्ति अपने घर मे तुलसी  नहीं लगाना चाहता था इसलिए इसे धार्मिकता से जोड़ कर हमारे ऋषि मुनियो ने इस तुलसी नामक पौधे को घर घर मे स्थान दिलाया |