गुरुवार, 28 जून 2012

सावन में शिव पूजा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सावन मास,सोमवार व कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी भगवान् शिव को अत्यंत प्रिय हैं ।गृहस्थ व्यक्ति को पांच देवताओ की पूजा नित्य करनी चाहिये जिनमे शिवजी का प्रमुख नाम हैं ।


आईये जानते हैं की शिवजी की सावन मास में कैसे पूजा करे ।


1)लक्ष्मी प्राप्ति हेतु भगवान् शिव की बिल्वपत्र,कमल,व शंख पूष्प के एक लाख पुष्पों  से  पूजा की जानी चाहिए।


2) भोग व मोक्ष प्राप्ति के लिए एक लाख तुलसी पत्रों से पूजा करनी चाहिए।


3) वाहन प्राप्ति हेतु चमेली के फूलो से पूजा करनी चाहिए।


4) शुभ लक्षणा पत्नी प्राप्ति हेतु बेला के फूल से पूजा करनी चाहिए।


5) पुत्र कामना हेतु लाल डंठल वाले धतूरे से पूजा करनी चाहिए।


6) वस्त्र प्राप्ति हेतु कनेर पुष्प से पूजा करनी चाहिए।


7) अन्न प्राप्ति हेतु जूही के पुष्पों से पूजा करनी चाहिए।


8) सुख सम्पति के लिए हर सिंगार के फूलो से पूजा करनी चाहिए।


9) दीर्घायु प्राप्ति के लिए दूर्बाओ द्वारा पूजा करनी चाहिए।


10) चंपा और केवड़े के फूलो से शिव की पूजा नहीं करनी चाहिए ।

मंगलवार, 26 जून 2012

देहरादून वाशियो  का  आभार व धन्यवाद 


देहरादून में लोगो ने हमें जो मान  सम्मान दिया हम उससे बेहद प्रसन्न हैं हमे अपने जन्मस्थान में जाकर वाकई  बड़ी ख़ुशी हुयी हम अपने ज्योतिष भाइयो विशेषकर राणाजी,ललित मोहन जोशी जी,पाठकजी ,कुश जी का शुक्रिया करते हैं जिन्होंने हमे यह सौभाग्य प्राप्ति का अवसर प्रदान किया ।........कोटि कोटि धन्यवाद । 

श्रीमाली जी की गलती...... हमे फ़ोन ना करे |


आज सुबह "सब"टीवी पर ग्रहों का खेल कार्यक्रम में सुरेश श्रीमाली जी ने एक कुंडली का गलत विश्लेषण कर दिया जिस कारण ज्योतिशियो ने हमे फ़ोन करना शुरू कर दिया, हम यह नहीं समझ पा रहे हैं की इसमें हमे फ़ोन क्यों किया जा रहा हैं ।

हमने जब उस पत्रिका को देखा जो की 23-2-1956 की मध्यरात्रि की थी जिसमे इस जातक के बेटे ने उन्हें  उनके कारोबार(वेल्डिंग का कार्य) से हटा कर किराये के घर में रहने को मजबूर कर दिया तथा इनका दामाद भी इन्हें इनकी बेटी से मिलने नहीं देता अब यह जातक बहुत मुसीबत में हैं और इन्होने श्रीमाली जी से समाधान माँगा था ।

कुंडली में ग्रह  इस प्रकार से हैं--वृश्चिक लग्न लग्न में शनि व राहू,दुसरे भाव में मंगल,तीसरे में बुध,चोथे में सूर्य(मध्य रात्रि का जन्म और बुध सूर्य से ज्यादा दूर नहीं हो सकता हैं )शुक्र उंच का होकर पंचम भाव में,सप्तम में केतु,अष्टम में चन्द्र,तथा दशम में गुरु हैं ।
  
श्रीमाली जी ने इन्हें अपने अनुसार सब ठीक बताया था परन्तु वह पंचमेश को नीच राशी का तीसरे भाव में बता गए जबकि जातक का पंचमेश गुरु दशम भाव में होकर संतान द्वारा उनकी कार्य क्षेत्र पर होना दर्शा रहा था
श्रीमालीजी यह भी बोले की अभी एक साल तक स्थिति यही रहेगी जो की बिलकुल सही आंकलन था ।यह हो सकता हैं की भूलवश ऐसा हुआ हो परन्तु इसमें हम कहाँ आते हैं हमे नहीं पता  कृपया कर हमे फ़ोन ना करे । 

सोमवार, 18 जून 2012

आप सभी को यह सुचना देते हुए हमें बड़ी प्रसन्नता हो रही हैं हम 20-21 जून को देहरादून अपने मित्र राना जी के ज्योतिषीय समाधान शिविर में रहेंगे यदि आप में से कोई या उनके रिश्तेदार,मित्रगण हमसे मिलना चाहे तो हमें शगुन बैंकट हॉल सहस्त्रधारा देहरादून में इन 2 दिनों में मिल सकता हैं हमारा फ़ोन नंबर 09540715969 ,9412018457 हैं । हम 22-23 को रूड़की में रहेंगे वहां भी हमें कोई मिलना चाहे तो संपर्क कर सकता हैं ।

गुरुवार, 7 जून 2012

सभी को नमस्कार ,
आप सभी से बहुत समय बाद मिलना हो रहा हैं आशा हैं हमारे सभी पाठक कुशलता से होंगे आज से अगले तीन दिनों के लिए हम कोटा राजस्थान में रहेंगे यदि कोई हमसे मिलना चाहे तो हमें अवश्य मिल सकता हैं हम वहां ज्योतिष सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं वहां निशुल्क  समाधान भी करेंगे