बुधवार, 20 मई 2026

स्वास्थ्य के उत्तम उपाय

 


कोई भी रोग हो शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को दवाइयां शिवलिंग पर रखकर एक माला जाप " जूं सः" मंत्र या महामृत्युंजय का पूरे मंत्र की रुद्राक्ष माला से जाप करें। उसके बाद दवाइयों का सेवन आरंभ करें स्वास्थ्य जल्दी से सुधरने लगेगा।

अपने वजन के बराबर सात अनाज पिसवाएं उस पर गुड़ की एक डली रख दें। यह अनाज गौशाला में जाकर रोगी स्वयं गायों को खिलायें रोगी ठीक होने लगेगा। रोग ज्यादा तीव्र हो तो हर माह ऐसा करें।

मोती शंख में जल भर कर रखें। इसको अपने घर के मंदिर में रखें और दवाइयां मोती शंख में भरे जल से ही लें। रोगी जल्दी-जल्दी ठीक होगा

मंगलवार को गरीबों में गुड़ बांटें। हनुमान जी को लाल गुलाब की माला अर्पित करें।

संध्या के समय "ऊँ क्लीं कृष्णाय नमः" का रोज 1-3-5 माला जाप करें

रोगी के कमरे में एक कटोरी में केसर घोल कर रखें सात दिन बाद पानी बदल दें। पुराना जल पौधों में डाल दें I

 

मंगलवार, 19 मई 2026

दुर्भाग्य से पीछा छुड़ाने का टोटका :

 


सरसों के तेल में सिंके गेहूं के आटे पुराने गुड़ से तैयार सात पूए, सात मदार (आक) के फूल, सिन्दूर, आटे से तैयार सरसों के तेल का दीपक, पत्तल या अरंडी के पत्ते पर रखकर शनिवार की रात में किसी चौराहे पर रखकर कहें- 'हे मेरे दुर्भाग्य, तुझे यहीं छोड़े जा रहा हूं, कृपा करके मेरा पीछा ना करना सामान रखकर पीछे मुड़कर देखें।

सोमवार, 18 मई 2026

संतान प्राप्ति के उपाय

 



बृहस्पतिवार को गेहूं के आटे की गोलियां बनाकर उसमें चने की दाल और थोड़ी हल्दी मिलाकर गाय को खिलायें

43 शुक्रवार आटे की लोई में पनीर मिलाकर गाय को खिलायें या शुक्रवार से आरंभ कर 43 दिनों तक यह प्रयोग लगातार करें संतान प्राप्ति की बाधा समाप्त होगी।

चांदी की बांसुरी राधा कृष्ण मंदिर में उनके चरणों में समर्पित करें

संतान गोपाल यंत्र की स्थापना करें सवा लाख संतान गोपाल मंत्र का जाप करें। इस प्रयोग के साथ दस मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

गुड़हल का एक फूल रोज खाली पेट 90 दिन तक खायें।

हरिवंश पुराण पति-पत्नी पढ़ें। एक पढें दूसरा सुनें।

श्यामा तुलसी के बीज 200 ग्राम पानी में उबाल कर उसका जल ग्रहण करें। उसमें धागे वाली मिश्री उबालकर ठंडा करके माहवारी के दिनों में लगातार ग्रहण करें।


सोमवार, 20 अप्रैल 2026

आपके गुर्दों के लिए अदृश्य खतरा: मधुमेह और उच्च रक्तचाप

मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि ये वर्षों तक शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाते हैं। गुर्दे इनके प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।

गुर्दे कैसे काम करते हैं

गुर्दे में लाखों छोटी फिल्टरिंग इकाइयाँ होती हैं जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है। मधुमेह में, उच्च रक्त शर्करा (Blood Sugar) इन नाजुक फिल्टरों को नुकसान पहुँचाती है, जिससे गुर्दों की विषाक्त पदार्थों को निकालने की क्षमता कम हो जाती है। इसे डायबिटिक किडनी डिजीज कहते हैं।

उच्च रक्तचाप का प्रभाव

यह गुर्दे की रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है, जिससे वे संकरी या सख्त हो जाती हैं। इससे गुर्दे की कार्यक्षमता कम हो जाती है।

लक्षण और पहचान

शुरुआती चरणों में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। जब तक पैर में सूजन, थकान या पेशाब में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक गुर्दे गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके होते हैं।

बचाव के उपाय:

नमक और परिष्कृत चीनी (Refined Sugar) का कम सेवन।

नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना।

तंबाकू का त्याग और निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन।

पेशाब की जांच (प्रोटीन/माइक्रोएल्ब्यूमिन के लिए) और रक्त परीक्षण (क्रिएटिनिन और eGFR) के माध्यम से शुरुआती पहचान।

शनिवार, 18 अप्रैल 2026

मन को शांत करने के लिए सांस लेने की ये 5 तकनीकें आजमाएं

लंबे समय तक तनाव शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है, जिससे उच्च रक्तचाप, टाइप-2 मधुमेह और अनिद्रा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सचेत होकर सांस लेने (Conscious Breathing) से शरीर "सिम्पैथेटिक ओवरड्राइव" (तनाव की स्थिति) से निकलकर "पैरासिम्पैथेटिक काम" (शांति की स्थिति) में जाता है।

सांस लेने की 5 तकनीकें:

डायाफ्रामिक (पेट से) सांस लेना: नाक से सांस लें ताकि पेट फूले। यह हृदय गति और रक्तचाप को कम करता है। इसे 'बेली ब्रीदिंग' भी कहते हैं।

बॉक्स ब्रीदिंग (Box Breathing): इसमें 4 सेकंड तक सांस अंदर लें, 4 सेकंड तक रोकें, 4 सेकंड में बाहर छोड़ें और फिर 4 सेकंड तक रुकें। यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है।

वैकल्पिक नथुने से सांस लेना (अनुलोम-विलोम): एक नथुने से सांस लें और दूसरे से छोड़ें। यह मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में तालमेल बिठाता है।

‎4-7-8 तकनीक: 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में छोड़ें। यह वेगस नर्व (Vagus Nerve) को सक्रिय कर गहरी राहत देता है।

गुंजन (भ्रामरी) ब्रीदिंग: सामान्य रूप से सांस लें और धीरे-धीरे 'हूँ' (Hum) की आवाज के साथ सांस छोड़ें। यह साइनस और गहरी शांति के लिए बेहतरीन है।

अभ्यास का समय:

सुबह सोकर उठने पर (5 मिनट)

रात को सोने से पहले (5 मिनट)

तनावपूर्ण क्षणों के दौरान (2-3 मिनट)