कोई भी रोग हो शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को दवाइयां शिवलिंग पर रखकर एक माला जाप "ॐ जूं सः" मंत्र या महामृत्युंजय का पूरे मंत्र की रुद्राक्ष माला से जाप करें। उसके बाद दवाइयों का सेवन आरंभ करें स्वास्थ्य जल्दी से सुधरने लगेगा।
अपने वजन
के बराबर सात अनाज
पिसवाएं उस पर गुड़
की एक डली रख
दें। यह अनाज गौशाला में जाकर रोगी
स्वयं गायों को खिलायें । रोगी ठीक होने लगेगा। रोग ज्यादा तीव्र हो तो हर माह ऐसा करें।
मोती शंख
में जल भर कर
रखें। इसको अपने घर
के मंदिर में रखें
और दवाइयां मोती शंख
में भरे जल से
ही लें। रोगी जल्दी-जल्दी ठीक होगा
।
मंगलवार को गरीबों में गुड़ बांटें। हनुमान जी को लाल गुलाब की माला अर्पित करें।
संध्या के
समय "ऊँ क्लीं कृष्णाय नमः" का
रोज 1-3-5 माला जाप
करें ।
रोगी के
कमरे में एक कटोरी में केसर घोल
कर रखें सात दिन
बाद पानी बदल दें।
पुराना जल पौधों में
डाल दें I