रात्रि के भोजन के पश्चात् रात्रि को टहलने से मांसपेशियां सुदृढ़ होती हैं तथा आपको नींद शीघ्र आती है। टहलते वक्त बहुत जोर लगाने की आवश्यकता नहीं है,अपने घर की चारदीवारी में ही कुछ चक्कर लगाने से आपका लक्ष्य पूरा हो जाएगा । व्यायाम करने से भी नींद आती है।
जब आप विद्यार्थी थे तब आपने देखा होगा कि रात्रि को जैसे ही आप पढ़ने बैठते थे, आपको नींद आ जाती थी । यदि आप अनिद्रा रोग से पीड़ित हैं तो अपने विद्यार्थी जीवन के उस अनुभव को जिंदगी के सोपान में भी अनुसरण कर सकते हैं। सोने के लिए बिस्तर पर तब जाइए जब आपको झपकी आने लगे। यदि आपको बिस्तर पर लेटने के पश्चात् 15-30 मिनट के पश्चात् भी नींद नहीं आए, तो कोई पत्रिका, पुस्तक उठाकर पढ़ना शुरू कर दीजिए। इसके विकल्प पर आप रेडियो भी चालू कर सकते हैं या टेपरिकार्डर पर कोई हल्का-फुल्का संगीत बजाकर सुन सकते हैं।
ज्यादातर प्राकृतिक चिकित्सकों की मान्यता है कि सोने से पूर्व एक प्याला गर्म दूध पीने से नींद शीघ्र आती है लेकिन वृद्ध व्यक्तियों को दूध अधिक नहीं पीना चाहिए क्योंकि रात्रि को सोते समय उन्हें तमाम बार पेशाब करने के लिए उठना पड़ सकता है जिससे उनकी नींद बाधित हो सकती है ।
रात को सोने से पूर्व गर्म जल से स्नान आपको जल्द बढ़िया नींद आ सकती है । स्नान करने से स्फूर्ति का अहसास करते हैं तथा आपको जल्द बढ़िया नींद आ सकती है।
यदि अनिद्रा की परेशानी आपको यदा-कदा होती है तो आपको नींद की गोलियां लेने की जरूरत नहीं है। विकल्प रूप में आप गर्म जल से स्नान, गर्म दूध पीना या तेज टहलने सरीखे दूसरे उपाय अपना सकते हैं।
आमतौर पर एक मनुष्य अपनी नींद का अधिकतर भाग रात्रि की नींद में ही बिताता है। स्वप्न वाली नींद और प्रगाढ़ नींद का समय बराबर होता है ।