शनिवार, 28 अक्तूबर 2017

नाडी सूत्रम

1) नाड़ी ज्योतिष पद्दती मे ग्रहो के कारकत्व को मुख्य आधार मानते हैं |

2) पंचम भाव पूर्वजन्म को और नवम भाव पूर्व जन्मो के शुभ कर्म बतलाता हैं |

3) गुरु पुरुष व शुक्र स्त्री बताते हैं |

4) शुक्र पत्नी व मंगल पति बताता हैं |

5) गुरु के आगे पीछे ग्रह जातक के छोटे व बड़े दोनों भाई और बहन का होना बताता हैं |

6) गुरु के आगे ग्रह हो तो जातक के छोटे भाई बहन होते हैं बड़े नहीं |

7) सिंह राशि का मंगल भाई की अचानक हानी करता हैं |

8) जिस भाव मे मंगल हो उस भाव के कारकत्वों की हानी होती हैं |

9) पंचमेश दशम भाव मे हो तो व्यक्ति ऊंच पद पर और लोकप्रियता प्राप्त करने वाला होगा |


10) पंचमेश और सप्तमेश संबंध हो तो या तो वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह पाता या फिर संतान पीड़ित होती हैं |

गुरुवार, 26 अक्तूबर 2017

लाल किताब मे चन्द्र केतू युति

चन्द्र-केतू युति – अपनी संपत्ति का सुख ना मिले,मन हमेशा परेशान रहे,उतावलापन लगा रहे,माँ की सेहत खराब रहे,सुख शांति ना हो,एकाग्रता ना हो,माँ,मौसी,दादी,नानी भी परेशान रहे,घर मे पैसा ना टीके,अचानक धन संपत्ति लूट जाये,खयाली पुलाव खूब बनाए पर काम ना कर पाये |

ऐसे मे निम्न उपाय करे |

1)पीतल के बर्तन मे चांदी डाल कर गंगाजल घर पर रखे |


2)52 साल की उम्र तक हर चन्द्र ग्रहण के दिन घरानुसार नारियल,बादाम,सरसों तेल,10 गुना प्लेन सिगरेट सभी को मिलाकर काले कपड़े मे पोटली बनाकर अपने ऊपर से 7 बार उतारा कर जलप्रवाह करे |  

मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

लाल किताब मे चन्द्र राहू युति

1)चन्द्र-राहू युति - अचानक चोट लगे,पैसा आना बंद हो जाए,बचत ना हो,निर्णय लेने मे ग़लती होने लगे,बुद्दि खराब होने लगे,माँ की सेहत मे खराबी आने लगे अथवा छलावा होने लगे,सरदर्द व थायरायड जैसी बीमारी हो जाए,मकान बनाते ही दिक्कते शुरू हो जाए,बिजली संबंधी दंड मिले,6ठे,12वे,अथवा 24वे साल ज़्यादा परेशानिया महसूस हो | 

ऐसे मे निम्न उपाय करे

1)4 किलो रांगा धातु 10 टुकड़ो मे कर कर 52 वर्ष की आयु तक हर जन्मदिन मे जलप्रवाह  करे |

2)चाँदी के बरतंन मे गंगाजल घर पर खे |

3)कबाड़,खोटे-सिक्के,बंद-घड़ियाँ,कोयले,तेज़ाब,नील,विदेशी-मुद्रा अपने पास ना रखे |

4)नीला-काला प्रयोग ना करे |

5)6ठे,12वे,24वे वर्ष गहरे पानी से दूर रहे |  

लाल किताब व शनि


शनि ग्रह शुभ होतो- मकान,वाहन,चाचा व नौकर सभी के सुख मिले,वफादार लोग मिले,काम बढ़िया चलता रहे |

अशुभ होने पर जोड़ो मे दर्द,शरीर मे छलावा चले,ना समझ मे आए ऐसी बीमारी हो,मेहनत मजदूरी ज़्यादा हो पर उतना लाभ ना मिले,मकान ना बने,नौकर परेशानी दे और ना टीके,वाहन सुख ना हो,बुराई मिलती रहे,चेहरे मे तेज की कमी होकर कालापन आने लगे,धन संपत्ति व सुख का नाश होने लगे सबसे लड़ाइयाँ होने लगे,सभी दुश्मन लगने लगे,घर की नालियाँ रुकने लगे,अजीब सी गंध घर पर आने लगे |

ऐसे मे निम्न उपाय करे |

1)कव्वे,भैंसे की सेवा करे |

2)चाचा को खुश रखे |

3)शनि दान करे |

4)साबुत बादाम,चने मजदूर को दान करे अथवा मंदिर मे दे |

5)कोयला लंगर के लिए दान करे |

6)उड़द साबुत,काले चने,सरसों तेल आदि का दान करे |


7))वजन बराबर लोहा दान करे |

लाल किताब व मंगल

मंगल-आकर्षक,गुस्सा ज़्यादा,ताकतवर,स्वयं के दिमाग से ज़्यादा काम करने का इच्छुक,भाइयो व दोस्तों का भक्त,उत्तम स्वस्थय वाला,आदर मान सम्मान पाने वाला,15 से 33 वर्ष तक शुभ समय,मांगलिक कार्य करवाने वाला,

मंगल बद होने पर-खून की बीमारी,फोड़ेफुंसी,मुहाँसे,तोडफोड करने वाला शरारती,जिद्दी,स्वार्थी बहुत चोटे खाने वाला,पंगेबाज,चुगली करने वाला व क्लेशी,अपनी मर्जी से चलना चाहे,खून की कमी,खाने मे लापरवाह,खाये तो खाये नहीं तो नहीं,भाई से ना बने,घर पर मंगल कार्य ना हो,सास बहू की ना बने,कोई अंग टूटा फूटा हो,घर के सामने मैदान हो,धूल उड़ती हो,कीकर बेरी नीम का पेड़ हो तंदूर भट्टी आसपास हो,खुशी के बाद क्लेश हो,दिमाग खराब रहे,दुर्घटनाए लगी रहे धेर्य ना हो गुस्सा ज़्यादा हो सहनशीलता ना हो,कोई कार्य समय से ना हो किसी से भी नहीं बनती,परिवार मे एका ना रहे,खुशी का माहौल घर पर ज़्यादा देर तक ना रहे |

ऐसे मे निम्न उपाए करे |

1)शराब मांस व तला भोजन तथा लाल रंग प्रयोग ना करे |

2)तंदूर भट्टी हलवाई आदि आस पास ना  रखे |

3)चाँदी पहने,चकोर चाँदी का टुकड़ा संग रखे रोजाना दूध व चावल खाये |

4)43 दिन गुड की रेवड़िया बहाये | लाल मसूर दान करे |

5)माफ करना सीखे,पड़ोस से बनाकर रखे |

6)काला नीला ना पहने हल्के रंग प्रयोग करे |

7)43 दिन कुत्तो,कव्वो को गुड लगी तंदूरी रोटी खिलाये |


8)दक्षिण मुखी मकान मे ना रहे तथा घर के आगे धूल ना उड़ने दे |

लाल किताब व सूर्य

सूर्य- शुभ होने पर पिता को लाभ मिले,पिता का मान-सम्मान,प्रतिष्ठा व रुतबा बहुत होता हैं | जातक स्वयं धैर्यवान होता हैं तथा खूब तरक्की करता हैं |

अशुभ होने पर जातक की पिता से ना बने तथा पिता को कष्ट मिले,घर के लोगो मे कोई ना कोई बीमारी लगी रहे,स्वयं मे चिड़चिड़ापन रहे जिस कारण सहन शक्ति नहीं हो,पढ़ाई अच्छी ना हो,उपहास का पात्र बने,शरीर ना बने,काम मे टिकाऊपन नहीं हो,सरकार से किसी भी प्रकार का लाभ ना हो,42 वे वर्ष नौकरी छूटे |

ऐसे मे निम्न उपाय करे |

1)घर पर गुड,तांबा,गेहूं ना रखे बल्कि इनका दान करे |

2)43 दिन लगातार गुड जलप्रवाह करे |

3)पूर्व दिशा की और शौचालय इत्यादि ना बनाए|

4)सेहत के लिए माणिक पहने |

5)पिता का आशीर्वाद लेते रहे |

6)सूर्य को जल मे गेरू डालकर अर्ग्य दिया करे |

7) नीले काले का प्रयोग कम करे |


8)गायत्री मंत्र का जाप करे |

लाल किताब मे चन्द्र

चन्द्र – शुभ होतो माँ,मौसी,दादी,नानी का सुख मिले,एकाग्रता ज़्यादा हो,चंचल प्रकृति परंतु पढ़ाई अच्छी हो,जन्म के 6 वर्ष बाद संपत्ति व वाहन सुख मिलने लगे,सुख समृद्दि व ऐश भरा जीवन हो |

अशुभ होने पर इसके विपरीत प्रभाव मिले,माँ की सेहत खराब रहे घर पर क्लेश व पैसा कम टीके,कमर पाव का जोड़ो मे दर्द होने लगे,संपत्ति का सुख नहीं मिले,घर का फर्श धँसने लगे व घर मे सीलन आने लगे,बच्चे झूठ बोलने लगे चिड़चिड़ापन दर्शाने लगे,6,12,24 वे वर्ष ज़्यादा कष्ट मिले,पैसा फंस जाये,निर्णय लेने मे कमी महसूस होने लगे,संपत्ति व पैसा घटने लगे |

ऐसे मे निम्न उपाय करे |

1)चाँदी के पात्र मे गंगाजल घर पर रखे |

2) घर के पानी के श्रोत को बंद ना करे ढके नहीं |

3)10 अन्धो को साल मे 2,3 बार भोजन कराये | 

4)रात को दूध ना पिए |

5)कुत्ते,कव्वे,भैसे की सेवा करे |

6)घर की छत साफ रखे |

7)भोलेनाथ की पुजा करके ही हर कार्य करे |       


लाल किताब व गुरु ग्रह उपाय



1)गुरु – शुभ होने पर ज्ञान व पढ़ाई पूरी हो,दादा दादी का सुख मिले,याददाश्त अच्छी व संस्कार भी अच्छे हो,दूसरों का आदर सम्मान करे व स्वयं भी पाये,मदद करने को हमेशा तैयार रहे |  

अशुभ होने पर शिक्षा पूरी ना हो पाना,दादा-दादी का सुख ना मिल पाना,केवल 10-11 साल तक ही दादा दादी जीवित रहे, समझदारी ज़्यादा होना,सायनस,फेफड़े,जुकाम अथवा सांस की तकलीफ़े होना,चिड़चिड़ापन होना,घर मे गृहकलेश रहना,सरकारी काम न बनना,पड़ोसियो से संबंध खराब रहना,बच्चे का अपनी मनमर्जी करना,पैसे की तकलीफ लगे रहना,बड़ो का सम्मान ना हो पा रहा हो,याददाश्त कमजोर हो रही हो,परिणाम अच्छे ना आ रहे हो,लाभ कम होता जा रहा हो,ग्रेजुशन स्तर की पढ़ाई ना हो पायी हो,ज्ञान पूरा प्राप्त ना हो,खुद को औरों से बेहतर समझने लगे,पुजा यज्ञ इत्यादि मे मन ना लगे,परीक्षा समय भूलने की बीमारी हो जाए |           

ऐसा होने पर समझ लेना चाहिए की आपके परिवार मे गुरु ग्रह खराब हैं इसको ठीक करने के लिए निम्न उपाय करने चाहिए |

1)घर से बुध की वस्तुए हटाये जैसे बंद घड़िया,खोटे सिक्के ढोलक तुलसी इत्यादि |

2)नीला व हरा प्रयोग ना करे |

3)गुरुवार हरा व बुधवार पीला सेवन ना करे |

4)43 दिन लगातार 400 ग्राम चने की दाल जल प्रवाह करे |

5)साल मे दो बार घर पर हवन,यज्ञ अथवा कीर्तन अवश्य करे |

6)माँ बाप व बड़ो का आदर करे |

7)केसर तिलक नाभि जुबान व माथे पर लगाया करे |

8)43 दिन बड़ के पेड़ की जड़ पर दूध,पानी व चीनी डालकर गीली मिट्टी का तिलक माथे पर 
लगाए |

9)धर्मस्थान मे पैसे देकर आशीर्वाद ले |

10) घर का उत्तर पूर्व हिस्सा साफ रखे |