गुरुवार, 30 नवंबर 2017

दिसंबर 2017 का राशिफल



1)मेष राशि-पुरानी संपत्ति बिकने अथवा नई संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे,आपकी सकारात्मक सोच के चलते विरोधी आपका कुछ नहीं कर पाएंगे निश्चिंत रहे,संबंधो मे मधुरता रहेगी परंतु दाम्पत्य जीवन मे पत्नी मे क्रोध की अधिकता के कारण मतभेद होंगे जिससे गृह क्लेश हो सकते हैं,सर्दी जुकाम अथवा बुखार जैसी परेशानीयो का सामना करना पड सकता हैं |

उपाय-अपनी दैनिक दिनचर्या व्यवस्थित रखे तथा सतनाजा दान करे |

2)वृष राशि-बनते कामो मे देरी होगी जिस कारण मानसिक तनाव होगा,धार्मिकता की तरफ रुझान बढ़ेगा,संपत्ति खरीदने अथवा पूंजी निवेश करने के अवसर प्राप्त होंगे,दाम्पत्य जीवन मे पत्नी से मतभेद हो सकते हैं,योजनाबद्द तरीके से कार्य करना लाभकारी रहेगा |

उपाय-जल्दबाज़ी मे कोई कार्य ना करे तथा ब्राह्मण को पीले वस्त्र दान करे |

3)मिथुन राशि-पूर्व नियोजित कार्यो मे सफलता मिलेगी,सामान्य अथवा मिश्रित फलो की प्राप्ति होगी,गले व कान के रोग हो सकते हैं,आर्थिक लाभ व नौकरी मे परिवर्तन हो सकता हैं दाम्पत्य जीवन सामान्य परंतु प्रेम संबंधो मे तनाव हो सकता हैं |

उपाय- शुक्र मंत्र का जाप करे |

4)कर्क राशि-माह की शुरुआत मे परेशानियाँ लगी रहेगी जिससे कामो मे देरी होगी,धन खर्च की अधिकता होगी,पेट अथवा रक्त संबंधी दिक्कते हो सकती हैं लग्नस्थ राहू चेहरे की आकृति बदलवा सकता हैं,घर मे बिना बात तनाव अथवा बहस बाजी का माहौल रहेगा पत्नी की वाचालता के कारण दाम्पत्य सुख मे वृद्दि होगी,आय के नए श्रोत प्राप्त होंगे |  

उपाय-साबुत मूंग की दाल दान करे |

5)सिंह राशि-लाभ व उन्नति होने की संभावना बनेगी,आलस की अधिकता होगी जिससे निर्णय लेने मे देरी हो सकती हैं,संपत्ति संबन्धित विवाद सुलझने के योग बनेंगे,कमजोरी के कारण थकान,कब्ज अथवा नींद ना आना जैसी परेशानी हो सकती हैं,संतान की और से कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा,पत्नी से अच्छा ताल मेल रहेगा परंतु प्रेम संबंधो मे दरार आ सकती हैं |

उपाय- शनि चालीसा का पाठ करे |

6)कन्या राशि-शत्रु हानी पहुँचाने का प्रयास करेंगे अत: सावधान रहे,खर्च की अधिकता व लाभ मे देरी के कारण घरेलू बजट बिगड़ सकता हैं,क्रोध के कारण वाणी मे तेजी रहेगी जिससे घर पर तनाव हो सकता हैं,पेट गला व सर दर्द जैसी परेशानी हो सकती हैं,कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती हैं |

उपाय-मसूर दाल का दान करे व सुंदरकाण्ड का पाठ पढे |

7)तुला राशि-शत्रु परास्त होंगे पुजा पाठ मे रुचि बढेगी,पेट अथवा आँखों मे परेशानी कारण मानसिक तनाव बना रहेगा,लेन-देन मे सावधानी रखे अन्यथा परेशानी हो सकती हैं,व्यापार मे वृद्दि होगी,परिवार मे हंसी खुशी का माहौल बना रहेगा,पत्नी संग कोई छोटी यात्रा हो सकती हैं परिवार की सहमति से संपत्ति खरीदने अथवा पूंजी निवेश करने के अवसर प्राप्त होंगे |

पाय-सूर्य को जल दे |

8)वृश्चिक राशि- यह मास आपके लिए थोड़ा संघर्ष वाला रहेगा अत: धैर्य से काम ले जल्दबाज़ी ना करे,कमजोरी के कारण थकान हो सकती हैं इसलिए बिना वजह तनाव ना ले,आर्थिक परेशानियाँ कम होने से धन मे वृद्दि होगी,दाम्पत्य जीवन मे आकर्षण बढ़ेगा जिससे पूर्व की समस्याएँ समाप्त हो जाएगी |

उपाय-गुरुवार के दिन ब्राह्मण को भोजन कराये |

9)धनु राशि- लाभ व उन्नति होने के हालात बनेंगे,वाणी मे कटु वचन के कारण स्वयं अपने काम बिगाड़ेंगे इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखे,आकस्मिक धन लाभ होने की संभावना हैं,पुराने विवाद सुलझने से प्रेम संबंधो मे तनाव कम होगा,नयी संपत्ति खरीदने के बारे मे सोचेंगे |

उपाय-शनिवार के दिन कुत्तो को कुछ खिलाये |

10)मकर राशि-बनते कामो मे देरी होगी,बिना सोचे समझे काम करेंगे जिससे नुकसान होगा,लंबी यात्रा के योग हैं,वाणी व खानपान का ध्यान रखना शुभ रहेगा,सर्दी के कारण जोड़ो व नसो मे परेशानी हो सकती हैं,मानसिक तनाव मे कमी हेतु प्राणायाम करना सही रहेगा,दाम्पत्य जीवन मे सुख सहयोग रहेगा |

उपाय-बुध मंत्रो का जाप करे |

11)कुम्भ राशि-बहकावे मे आकार कोई ग़लत निर्णय ले सकते हैं,आर्थिक परेशानी हो सकती हैं पुजा पाठ-धर्म कर्म मे रुचि बढ़ेगी,कोई नया वाहन खरीदने की योजना बनेगी जिसमे जल्दबाज़ी ना करे,प्रेम संबंधो मे मतभेद हो सकते हैं दाम्पत्य जीवन सामान्य रहेगा |

उपाय-शिवजी की पुजा करे |

12)मीन राशि-बनते कामो मे देरी होगी,धन की अधिकता के कारण संपत्ति लेने की सोचेंगे,कामो मे उन्नति होगी,प्रेम संबंधो मे आकर्षण बढ़ेगा,घरेलू समस्याओ के कारण दाम्पत्य जीवन मे सुख सहयोग की कमी महसूस होगी,कार्यक्षेत्र मे दबाव हो सकता हैं |

उपाय-शनिवार के दिन काले रंग का कंबल दान करे |

डॉ किशोर घिल्डियाल


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बुधवार, 29 नवंबर 2017

ज्योतिष मे सामान्य फलित


यह सत्य हैं की राशियाँ भाव के समान नहीं होती पर कुछ परिस्थितियो मे ऐसा हो भी जाता हैं इसलिए फलित को भावो के आधार पर राशि अनुसार होना चाहिए जिसके लिए भाव को संधि मे देखना आना चाहिए इन भावो की संधि बनाने के सूत्र कई पुस्तकों मे दिये गए हैं | भाव कारक निम्न रखे गए हैं |

प्रथम अथवा लग्न व नवम का कारक सूर्य,2,5,11 भावो का कारक गुरु,3 का मंगल,4 का चन्द्र व बुध,6 का मंगल व शनि,7 का शुक्र,8 व 12 का शनि,तथा 10 के कारक सूर्य,बुध शनि व गुरु रखे गए हैं | इनमे से गुरु को 2रे व शनि को 8 वे भाव मे छोड़कर प्रत्येक कारक का अपने भाव मे बैठना अशुभ फल देता देखा जाता हैं |

कुंडली मे किसी भी राशि व भाव को शुभता देने के लिए सारे योग पूर्ण होने चाहिए परंतु कुछ एक अवस्थाए ऐसी भी होती हैं जब ग्रह अपने उचित परिणाम नहीं दे पाते हैं |जिनमे से कुछ अवस्थाए निम्न हैं |

1)अस्तावस्था - सूर्य द्वारा अस्त होने पर,समान्यत: चन्द्र 12,बुध 14 वक्री होने पर 12,मंगल 17 वक्री होने पर 8,गुरु 11,शुक्र 10 वक्री होने पर 8 और शनि 15 अंशो पर अस्त होते हैं | अनुभव मे देखने मे आता हैं की शनि व शुक्र का अस्त होना मान्य नहीं होता इन्हे सिर्फ आयु निर्णय के समय ही अस्त का प्रभाव देते देखा गया हैं |

अस्त ग्रह जातक को ऊंच सोच वाला बनाते हैं जब शुक्र अस्त होकर केंद्र/त्रिकोण/स्व/ऊंच/2/11 भाव मे होते हैं तो जातक दार्शनिक प्रवृति का होता हैं शुक्र को सूर्य से 48 अंशो तक की दूरी तक ही जाने की इजाज़त हैं सूर्य से शुक्र का ज़्यादा दूर होना भौतिक सुख सम्पदा हेतु अच्छा होता हैं वैसे इस शुक्र को अस्त होने पर भी संपन्नता देता देखा गया हैं |

2)ग्रह युद्ध – जब दो ग्रह समान अंशो मे होते हैं तब देखने मे आता हैं की जो ग्रह ज्यादा  मिनटो का होता हैं वह विजयी होता हैं ऐसे मे विजेता ग्रह पराजित ग्रह के फल देता देखा गया हैं |

3)समागम – चन्द्र के साथ किसी भी शुभ ग्रह की युति होना समागम कहलाता हैं | जो शुभ मानी जाती हैं |

4)अतिचारी- ग्रह का अपनी सामान्य गति से तेज गोचर करना अतिचारी कहलाता हैं |
यह सभी नियम फलित के सिद्दांत पर अपना अपना असर डालते हैं | प्रत्येक ग्रह की 5 स्थितियाँ शास्त्रो मे बताई गयी है जिनके अनुसार वो अपना विषम राशि मे तथा उल्टी अवस्था मे सम राशि फल देते हैं |

1 से 6 अंश होने पर शिशु अवस्था जिसका फल तरक्की देना होता हैं |

7-12 अंश होने पर बाल अवस्था जिसका फल प्रसन्नता देना होता हैं |

13-18 अंश होने पर तरुण अवस्था जिसका फल राजकीय सुख देना होता हैं |

19-24 अंश होने पर युवा अवस्था जिसका फल बीमारी देना होता हैं |

25-30 अंश होने पर वृद्दा अवस्था जिसका फल मृत्यु देना होता हैं |

द्रेस्कोण-आयुध,पाश,निगड़,बाजमुख,पक्षी,सूअर,सर्प,चतुष्पद द्रेस्कोण मे जन्मे जातक ज़्यादा धन वाले तथा अच्छे चरित्र वाले नहीं होते | चर राशि के द्रेस्कोण वाले उत्तम,मध्यम व अधम,स्थिर राशि के अशुभ,शुभ व मिश्र तथा द्विस्वभाव राशि के अधम,माध्यम व उत्तम होते हैं |     

वर्ग – किसी भी ग्रह का ज्यादा वर्गों मे जाना अथवा वर्गोत्तम होना शुभ व कम वर्गो मे जाना अशुभ होता हैं |

वर्गोत्तम गए ग्रह के फल इस प्रकार से होते हैं |

2 वर्गो मे गया ग्रह पारिजात कहलाता हैं जो जातक को सम्मान,धन व प्रसन्नता देता हैं |

3 वर्गो मे गया ग्रह उत्तम कहलाता हैं जो जातक को चालक व अच्छा व्यवहार देता हैं  |

4 वर्गो मे गया ग्रह गोपुर कहलाता हैं जो जातक को धन,ज़मीन,मकान व बुद्दि देता हैं |

5 वर्गो मे गया ग्रह सिंहासन कहलाता हैं जो जातक को राजा का मित्र बनाता हैं  |

6 वर्गो मे गया ग्रह पर्वत कहलाता हैं जो जातक को धनी,वाहनवाला तथा राजकुमार के समान 
बनाता हैं |

7 वर्गो मे गया ग्रह देवलोक कहलाता हैं जो जातक को प्रसिद्दि देता हैं |

8 वर्गो मे गया ग्रह सुरलोक कहलाता हैं जो जातक को राजकीय सुख लेने वाला भाग्यवान  बनाता हैं |

9 वर्गो मे गया ग्रह इरावत कहलाता हैं जो जातक को भगवान समान बनाता हैं |

किसी भी ऊंच के ग्रह का केंद्र/त्रिकोण उपचय भावो मे होना उसके ऊंच के फल देने मे सहायक होता हैं | दो विपरित प्रकृति के ग्रह कुंडली मे ऊंच के होकर अच्छा फल नहीं देते जबकि मित्र होने पर शुभ फल देते हैं |

इसी प्रकार यदि चन्द्र सूर्य संग हो/बुध चौथे/गुरु 5वे/मंगल 2रे/शुक्र 6ठे तथा शनि 7वे भावो मे होतो फलहीन माने गए हैं |

शुभ ग्रह का वक्री होना अच्छा तथा अशुभ ग्रहो का वक्री होना अशुभ माना जाता हैं |

शीर्ष उदय राशि मे स्थित ग्रह प्रारंभिक जीवन मे,प्रष्ठोदय राशि मे स्थित ग्रह जीवन की अंतिम अवस्था मे तथा उभय उदय राशि मे स्थित ग्रह सारे जीवन मे अपना प्रभाव देते हैं |

सूर्य 2,6,10 का स्वामी होकर शुभ तथा 4,8,12 का स्वामी होकर अशुभ फल देते हैं जबकि  चन्द्र 4,8,12 का स्वामी होकर अच्छा तथा 2,6,10 का स्वामी होकर अशुभ फल देते हैं |

1,5,9 का स्वामी होना सूर्य चन्द्र दोनों के लिए शुभ तथा 3,7,11 का स्वामी होना दोनों के लिए अशुभ होता हैं | लग्नेश का मित्र होने पर सूर्य का छठे भाव का स्वामी होना तथा चन्द्र का ठवे भाव का स्वामी होना शुभ होता हैं |

      

सोमवार, 20 नवंबर 2017

पद्मावती का क्या होगा



दिनांक 17/11/2017 को रात 21:26 पर दिल्ली मे हमसे मित्र ने यह जानने के लिए फोन किया की पद्मावती फिल्म का क्या होगा |

प्रश्न अनुसार हमारा विश्लेषण कुछ इस प्रकार से हैं | प्रश्न के समय मिथुन लग्न बना हैं तथा चन्द्र पंचम भाव मे गुरु व शुक्र संग हैं जो मनोरंजन अथवा फिल्म के प्रश्न को सही बता रहा हैं मिथुन लग्न का स्वामी बुध छठे भाव मे हैं जो विवादो से संबन्धित भाव हैं स्पष्ट हैं की फिल्म विवादो मे आ चुकी हैं | मंगल षष्ठेश व एकादशेष होकर चौथे भाव मे हैं जिसकी दृस्टी सप्तम व दशम दोनों भावो के अतिरिक्त एकादश भाव मे भी हैं जो राजपूत अथवा युवा लोगो द्वारा फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिए की गयी कार्यवाही को बता रहा हैं चूंकि राजस्थान व राजपूत तुला राशि से संबन्धित हैं जिनका स्वामी शुक्र पंचम मनोरंजन के भाव से एकादश भाव को देख रहा हैं स्पष्ट हैं की यह मामला पैसे लेकर सुलझ जाने की और इशारा कर रहा हैं | संभवत: राजपूतो के नेता इस फिल्म को देखकर व कुछ पैसा लेकर इसका प्रदर्शन करवा ने को तैयार हो जाएंगे |

भाग्य स्थान का स्वामी शनि सप्तम भाव मे होने से भले ही इस फिल्म की रिलीज़ होने मे विलंब होगा पर यह फिल्म रिलीज़ ज़रूर होगी पर यह निश्चित लगता हैं की फिल्म अपने निर्धारित समय पर रिलीज़ नहीं हो पाएगी | शनि नवे भाव को भी दर्शा रहा हैं जो इस फिल्म का धर्म से संबन्धित होना तथा साथ मे इस फिल्म का शुरू से ही विवादो मे रहना भी निश्चित करता हैं परंतु बुध लग्नेश संग सूर्य होने से सरकार इसपर कोई भी कार्यवाही नहीं करेगी |

निर्देशक संजय लीला भंसाली की बात करे तो उसका स्वामी गुरु बन रहा हैं जो सप्तमेश व दशमेश दोनों हैं (जो सांझेदारों का प्रतीक भी हैं ) जिसकी लग्न व नवम भाव पर दृस्टी हैं जो इस बात का पक्का प्रमाण हैं की उन्होने इस फिल्म मे धर्म से संबन्धित कुछ भी आपत्तिजनक जनक नहीं दिखाया हैं चूंकि शुक्र अपने ही मनोरंजन के भाव मे गुरु के ही संग हैं हो सकता उन्होने फिल्म बनाने के लिए कुछ ड्रामा व काल्पनिक दुनिया रचने की कोशिश की होगी जिसका उद्देश्य मात्र धन कमाना हो सकता हैं |

जहां तक फिल्म की कमाई की बात की जाये तो यह फिल्म कोई बड़ा कीर्तिमान तो नहीं बना पाएगी पर सफल ज़रूर होगी यह निश्चित हैं दूसरे भाव मे राहू का होना तथा एकादश भाव मे चार ग्रहो को दृस्टी होना,धनेश चन्द्र का लाभ भाव को देखना ऐसे योग हैं जो इस फिल्म को लाभ का सौदा ही बता रहे हैं | यह फिल्म लगभग 200 करोड़ के आंकड़े को पार कर लेगी ऐसा प्रतीत होता हैं |