बुधवार, 26 दिसंबर 2012

नक्षत्र,राशि तथा ग्रहो का आपसी संबंध


ताराओ का समुदाय अर्थात तारों का समूह नक्षत्र कहलाता हैं |विभिन्न रूपो और आकारो मे जो तारा पुंज दिखाई देते हैं उन्हे नक्षत्रो की संज्ञा दी गयी हैं | सम्पूर्ण आकाश को 27 भागो मे बांटकर प्रत्येक भाग का एक नक्षत्र मान लिया गया हैं | पृथ्वी अपना घूर्णन करते समय जब एक नक्षत्र से दूसरे पर जाती हैं या होती हैं तो इससे यह पता चलता हैं की हमारी पृथ्वी कितना चल चुकी हैं अब चूंकि नक्षत्र  अपने नियत स्थान मे स्थिर रहते हैं धरती पर हम यह मानते हैं की नक्षत्र गुज़र रहे हैं |

गणितीय दृस्टी से कहे तो जिस मार्ग से पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती हैं उसी मार्ग के आसपास ही “नक्षत्र गोल”मे समस्त ग्रहो का भी मार्ग हैं,जो क्रांतिव्रत से अधिक से अधिक सात अंश का कोण बनाते हुये चक्कर लगाते हैं |इस विशिष्ट मार्ग का आकाशीय विस्तार “राशि” हैं जिसके 12 भाग हैं और प्रत्येक भाग 30 अंशो का हैं | यह 12 राशि भाग धरती से देखने पर जैसे नज़र आते हैं उसी आधार पर इनके नाम रखे गए हैं |इस प्रकार मेष से लेकर मीन तक राशिया मानी गयी हैं |

रशिपथ एक अंडाकार वृत की तरह हैं जिसके 360 अंश हैं | इन अंशो को 12 भागो मे बांटकर(प्रत्येक 30 अंश) राशि नाम दिया गया हैं | अब यदि 360 अंशो को 27 से भाग दिया जाये तो प्रत्येक भाग 13 अंश 20 मिनट का होता हैं जिसे गणितिय दृस्टी से एक “नक्षत्र” माना जाता हैं |प्रत्येक नक्षत्र को और सूक्ष्म रूप से जानने के लिए 4 भागो मे बांटा गया हैं (13 अंश 20 मिनट/4=3 अंश 20 मिनट) जिसे नक्षत्र के चार चरण कहाँ जाता हैं |

इस प्रकार सरल भाषा मे कहे तो पूरे ब्रह्मांड को 12 राशि व 27 नक्षत्रो मे बांटा गया हैं जिनमे हमारे 9 ग्रह भ्रमण करते रहते हैं | अब यदि इन 27 नक्षत्रो को 12 राशियो से भाग दिया जाये तो हमें एक राशि मे सवा दो नक्षत्र प्राप्त होते हैं अर्थात दो पूर्ण नक्षत्र तथा तीसरे नक्षत्र का एक चरण कुल 9 चरण, यानि ये कहाँ जा सकता हैं की एक राशि मे सवा दो नक्षत्र होते हैं या नक्षत्रो के 9 चरण होते हैं | हर राशि का एक स्वामी ग्रह होता हैं जिसे हम राशि स्वामी कहते हैं इस प्रकार कुल मिलाकर यह कहाँ जा सकता हैं की एक राशि जिसका  स्वामी कोई ग्रह हैं उसमे 9 नक्षत्र चरण अर्थात सवा दो नक्षत्र होते हैं |

किस राशि मे कौन से नक्षत्र व नक्षत्र चरण होते हैं और उनके स्वामी ग्रह कौन होते हैं इसको ज्ञात करने का एक सरल तरीका इस प्रकार से हैं |

सभी 27 नक्षत्रो को क्रमानुसार लिखकर उनके स्वामियो के आधार पर याद करले | अब नक्षत्र चरण के लिए निम्न सूत्र याद करे |

नक्षत्र चरण –राशिया
4 4 1-{ मेष,सिंह,धनु }
3 4 2 –{ वृष,कन्या,मकर }
2 4 3-{ मिथुन,तुला,कुम्भ }
1 4 4-{ कर्क,वृश्चिक,मीन }

आरंभ के 3 नक्षत्र केतू,शुक्र व सूर्य ग्रह के हैं ज़ो क्रमश; मेष,सिंह व धनु राशि मे ही आएंगे | इसके बाद तीसरा नक्षत्र (शेष 3 चरणो की वजह से ),चौथा व पांचवा नक्षत्र सूर्य,चन्द्र व मंगल के हैं जो क्रमश; वृष, कन्या व मकर राशि मे ही आएंगे |अब अगले(शेष)नक्षत्र मंगल,राहू व गुरु के हैं जो मिथुन,तुला व कुम्भ राशि मे ही आएंगे तथा अंत मे गुरु(शेष),शनि व बुध के नक्षत्र कर्क,वृश्चिक व मीन राशि मे ही आएंगे |

बुधवार, 19 दिसंबर 2012

लाल किताब सावधानिया


लाल किताब सावधानिया !!

चन्द्र 1-मुफ्त मे कुछ ना ले दान व रिश्वत भी नहीं |
चन्द्र 2-मंदिर मे घंटा ना बजाए |
चन्द्र 4 गुरु 10-धर्मशाला,मंदिर आदि ना बनाए ना इनके निर्माण हेतु दान करे |
चन्द्र 6-कुआँ या प्याऊ ना लगवाए/बनाए |
चन्द्र12-साधू फकीरो को भोजन ना कराये ना ही मुफ्त मे किसी को पढ़ाये |
मंगल 6 पुत्र का जन्मदिन ना मनाए | नमकीन बांटे मीठा नहीं |
बुध 6-मानसिक श्रम से कमाए शारीरिक श्रम से नहीं |
गुरु 7-वस्त्र दान ना करे/घर पर मूर्तिया,शंख व घंटी रखकर पुजा ना करे |
गुरु 12-साधू संगत ना करे /माला धरण ना करे |
शुक्र 9-गरीबो,अनाथों को पुस्तके,व पढ़ाई के लिए पैसा ना दे |
शनि 1/गुरु 5-ज़रूरत मंदो के ज़्यादा मदद ना करे |
शनि 8- धर्मशाला का निर्माण ना कराये/ज़्यादा परोपकारी व धार्मिक ना बने |
ऊंच गृह का दान ना करे तथा नीच गृह का दान ना ले |
गुरु और शनि 5-शराब ना पिये |
सूर्य 11-शाकाहारी बने व ईमानदार रहे |



मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

21-12-2012: प्रलय कैसे आ सकती है ?




21-12-2012 के दिन अंक ज्योतिष से देखने पर हमें मूलांक 3 व भाग्यांक 9 आता हैं जो की क्रमशगुरु व मंगल ग्रह के अंक होते हैं इन दोनों ग्रहो मे मित्रता होने से कोई अशुभता नज़र नहीं आती हैं |

गुरु वक्र व पीड़ित होने से अपनी अशुभता खो रहे हैं तथा मंगल अपनी ऊंच राशि मे हैं जो किसी भी प्रकार के विनाश या नुकसान की नहीं अपितु स्रजन व निर्माण को ही बता रहे हैं वही न्यायकारक शनि भी अपनी ऊंच राशि मे चल रहे हैं जो धरती पर निर्माण कार्यो को ही बता रहे हैं ( जब शनि ऊंच के होते हैं तो बहुत से मकानो का निर्माण होता हैं आप अपने आस पास नज़र दौड़ाए आज कल हर जगह निर्माण कार्य ही चल रहे हैं ) तो यह स्पष्ट रूप से कहाँ जा सकता हैं की इस दिन विशेष तौर से विनाश जैसा कुछ नहीं होने वाला हैं |

इस दिन यह दावा किया जा रहा हैं की धरती पर महाप्रलय आएगी तथा धरती की वर्तमान सभ्यता नष्ट हो जाएगी चूंकि इस प्रलय का एक निश्चित समय नहीं दिया गया हैं तो हमने भारतीय ज्योतिष की दृस्टी से भी उस दिन की चन्द्र कुंडली द्वारा यह जानने का प्रयास किया हैं की तथाकथित प्रलय आने की कितनी संभावना हैं |

इस पुरे दिन चंद्रमा मीन राशि मे रहेगा जिसका फलित ज्योतिष के आधार पर शुभ फल कहाँ गया हैं | अन्य ग्रहो मे देखे तो सूर्य  छठे भाव का स्वामी होकर दशम भाव व धनु राशि मे हैं जो की शुभ हैं |

पंचम भाव का स्वामी चन्द्र होकर लग्न मे बैठा हैं जो की केंद्र त्रिकोण का संबंध बनने से अति शुभ हो गया हैं | अपनी ऊंच राशि मे मंगल एकादश भाव मे अतिशुभ व लाभप्रद बन गया हैं वही अष्टम भाव मे बैठा शनि आयुवर्धक ग्रह  बन गया हैं |

तीसरे भाव मे गुरु वक्री होकर शत्रु राशि मे केतू संग हैं जिससे वह भी शुभ हो गया हैं नवम  भाव मे दो केंद्र का स्वामी होकर बुध केंद्र त्रिकोण का संबंध बना रहा हैं | शुक्र अपने पराक्रम के भाव को देखकर बल प्रदान कर रहा हैं भाग्य स्थान मे राहू का होना थोड़ा सा अशुभ अवश्य हैं परंतु भाग्य स्वामी का ऊंच राशि गत होना उसकी अशुभता को कम कर रहा हैं | इस प्रकार सभी के सभी ग्रह अपनी शुभ अवस्था मे हैं  जो यह निश्चित कर रहे हैं की इस दिन प्रलय जैसा कुछ नहीं होने वाला हैं |

एक तथ्य यह ज़रूर ध्यान मे रखा जाना चाहिए की इस दिन जल तत्व की राशियो पर ज़्यादातर ग्रहो का प्रभाव हैं जो किसी जल संबंधी घटना या दुर्घटना होना अवश्य बता रहे हैं विशेषकर कर्क राशि वाले स्थानो मे ऐसा हो सकता हैं क्यूंकी कर्क राशि पर मंगल व शनि दोनों ग्रहो का प्रभाव हैं |

गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

लाल किताब व दाम्पत्य सुख


लाल किताब व दाम्पत्य सुख !!

मेष व वृश्चिक लग्न-शुक्रवार को चमेली के फूल ज़मीन मे दबाये |
वृष व तुला लग्न-मंगलवार को लाल अकीक या लाल गोल पत्थर छाया वाले स्थान मे दबाये |

मिथुन व कन्या लग्न-गुरुवार के दिन पीली हल्दी की गांठ धर्म स्थान के अंदर छाया मे दबाये |

कर्क लग्न-शनिवार शाम को काले तिल अंधेरे स्थान मे दबाये |

सिंह लग्न- रविवार को काले तिल सुबह पेड़ के छाया मे दबाये |

धनु व मीन लग्न –बुधवार के दिन हरे मूंग साबुत धर्मस्थान मे दबाये |

मकर लग्न-सफ़ेद रंग के सीप/गोमती चक्र सोमवार को जल के समीप वाले स्थान मे दबाये |

कुम्भ लग्न –रविवार के दिन गेहूं दोपहर के समय ज़मीन मे दबाये |
सभी उपाए 43 दिनो तक लगातार करे |

सोमवार, 10 दिसंबर 2012

2013 मे भारत



2013 मे भारत –वर्ष 2013 मे भारत सूर्य मे शनि व सूर्य मे बुध दशा के प्रभाव मे रहेगा सूर्य,शनि व बुध सभी भारत की कुंडली के तीसरे भाव मे स्थित हैं सूर्य चतुर्थेश होकर स्वयं से द्वादश यानि तीसरे भाव मे हैं जो देश से बाहर अधिक सफलता दर्शा रहे हैं (विभिन्न मुद्दो,मसलो व खेलो मे भारत व भारत वासी विदेशो मे इस पूरी दशा मे बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और करेंगे )शनि नवमेश- दशमेश होकर अस्त अवस्था मे स्वयं से षष्ठ व सप्तम स्थित हैं जो कार्यो मे प्रतियोगिता द्वारा सफलता एवं विदेश संबंधी व्यापार से लाभ दर्शा रहा हैं (सरकार एफ डी आइ लागू कर ही चुकी हैं अभी ऐसे और भी विदेश व्यापार संबंधी विधेयक सरकार पारित करेगी ) बुध द्वितियेश व पंचमेश होकर स्वयं से दूसरे व ग्यारहवे स्थित हैं जो बुद्धि,धन व वाणी द्वारा कोई ना कोई लाभ बता रहा हैं |

सूर्य राजा व सरकार का प्रतिनिधित्व करता हैं जो देश चलाते हैं,शनि राजा को सहयोग करने वाले लोगो,नौकरो,आमजन यानि प्रजा के बारे मे बताता हैं वही बुध देश मे बुद्दिजन व व्यापारिक घरानो के विषय मे जानकारी देता हैं स्पष्ट हैं की जब राजा द्वारा चलाये जा रहे नियम या फैसले जनता अथवा प्रजा को पसंद नहीं आते हैं तो वह उसका विरोध करने लगती हैं जैसा की भारत मे इन दिनो हो ही रहा हैं जनता सरकार का विरोध तो कर रही हैं पर पूर्ण रूप से नहीं और नाहीं स्वय कुछ कर पाने की स्थिति मे हैं | सूर्य की दशा 2009 से आरंभ हुयी सूर्य का नक्षत्र बुध हैं जो सूर्य संग तीसरे भाव मे ही हैं इसी भाव मे चन्द्र के होने से भी भारत की सोच व मन हमेशा अपने पड़ोस,पराक्रम,साहस,विदेश यात्रा, रक्षा व वीरता आदि पर ही केन्द्रित रहता हैं (चन्द्र देश की सोच व मन का प्रतिनिधित्व करता हैं ) लग्न देश की जनता को बताता हैं,जहां राहू का होना हम भारतवाशियों को हमेशा एक प्रकार से भ्रमित रखता हैं यही राहू हम सब को भ्रष्ट आचरण मे लिप्त भी करता हैं (जब सरकार चलाने वाले यदि भ्रष्ट होंगे तो सम्पूर्ण जनता भी इसमे शामिल हो ही जाएगी) |

भारत की कुंडली मे शनि व शुक्र अस्त अवस्था मे हैं जो की भाग्येश व लग्नेश भी हैं जिससे यह पता चलता हैं की भारत की जनता (लग्नेश) सुप्त अवस्था मे है इसे जगाए जाने की ज़रूरत हैं वर्तमान मे शनि जो की  जनता या मजदूर वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं अपनी ऊंच राशि मे भारत की कुंडली के छठे भाव से गोचर कर रहे हैं जो की शत्रुता,प्रतियोगिता,से संबन्धित भाव हैं इसीलिए जनता वर्तमान मे सरकार से शत्रुता का भाव रखे हुये हैं वही चतुर्थ भाव व कुंडली मे जनता कारक सूर्य स्वयं से 12वे होने से भारत की जनता निजता (स्वय)मे रहती हैं (तीसरा भाव निजता का भी होता हैं )जनता को अपनी दाल रोटी की चिंता ज़्यादा रहती हैं ना की देश की तरक्की की,अपने अपने सुख दुख मे रहने के कारण हमारी जनता को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता हैं की देश मे किसकी व कैसी सरकार चल रही हैं यह सूर्य मे शनि दशा का ही प्रभाव हैं की सरकार द्वारा किए गए घोटाले दिन प्रतिदिन पकड़ मे आ रहे हैं (शनि दशमेश भी हैं )इसी दशा के प्रभाव मे अभी और भी बहुत से विरोध के स्वर सामने आएंगे | इसके बाद सूर्य मे बुध की दशा लगभग एक वर्ष के लिए आएगी जो की सरकार के लिए भारी मुसीबत ला सकती हैं कारण सूर्य बुध के तथा बुध शनि के नक्षत्र मे हैं जिसके प्रभाव से जनता मे जोश व ऊर्जा का संचार होगा और जनता सरकार से उसके किए कार्यो का हिसाब मांगेगी संभवत; इससे देश मे एक नयी क्रांति का जन्म होगा,बुध पंचमेश हैं तथा पंचम भाव पर शनि व मंगल का प्रभाव हैं जो की देश की बुद्दि का भाव होने से तथा दशा नाथ की ऊंच राशि होने से जनता के साथ अन्य पढे लिखे वर्ग व व्यापारिक वर्ग भी सरकार की ग़लत नीतियो का विरोध कर जवाब माँगेगा जिससे सरकार को अपनी छवि बचाना मुश्किल हो जाएगा |

जहां तक राजनीतिक पार्टियो की बात करे तो काँग्रेस सरकार हर प्रकार से अपने कार्यकाल को पूरा कर ही लेगी भले ही इसके लिए उसे कैसे ही अच्छे या बुरे कदम उठाने पड़े संभवत यह कोंग्रेसी भी जानते हैं की अगले कार्यकाल मे उन्हे शायद ही जनता दोबारा से मौका प्रदान करे | भाजपा की कुंडली मे की बात करे तो उनके शीर्ष नेता का बदलाव हो सकता हैं किसी वरिष्ठ नेता की मृत्यु भी संभव हैं (साढ़ेसाती का प्रभाव )परंतु 2013 से 2014 तक सितारे उनके पक्ष मे दिखते हैं जो उन्हे देश की जनता का भरोसा जीतने का अवसर प्रदान कर सकते हैं संभवत मई 2013 के बाद भाजपा का एक नया रंग ही देखने को मिलेगा गुरु व शनि पार्टी को अवश्य ही कोई बड़ा पद प्राप्त करवा सकते हैं |

आइए अब कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए 2013 कैसा रहेगा यह जानने का प्रयास करते हैं |

मनमोहन सिंह जी की कुंडली मे देखे तो राशि पर शनि प्रभाव तथा दशा के अनुसार उनके स्वास्थ्य से संबन्धित कष्ट उभर सकते हैं समय समय पर उनपर मानसिक दवाब रह सकता हैं संभवत; राहुल गांधी के किसी शीर्ष पद पर आने से वह अलग-थलग पड सकते हैं तथा राजनीति से सन्यास लेने की भी सोच सकते हैं

सोनिया गांधी जी की ग्रह स्थिति देखे तो उन्हे इस समय केतू की महादशा चल रही हैं केतू मंगल की राशि मे हैं व मंगल छठे भाव मे हैं जो की उनके स्वास्थ्य विशेषकर पेट से संबन्धित कोई कष्ट दर्शा रहा हैं केतू का राशि परिवर्तन उनके लिए कोई न कोई परेशानी अवश्य खड़ी करेगा शायद कोई सर्जरी भी करवा सकता हैं वही पुत्र राहुल के कारण भी कोई मानसिक चिंता हो सकती हैं लग्न पर शनि वा मंगल का गोचरीय प्रभाव किसी ना किसी विवाद मे ला सकता हैं |

लाल कृष्ण आडवाणी जी की कुंडली के ग्रह गोचर से उनके कद मे बढ़ोत्तरी होती दिख रही हैं परंतु वह सक्रिय राजनीति से स्वयं को दूर ही रखेंगे ऐसा प्रतीत होता हैं उनके नेत्रत्व मे भाजपा बड़ी व मजबूत पार्टी बनकर उभरेगी राजनीति से इस वर्ष उनके सन्यास लेने की इस वर्ष संभावना नहीं दिखती हैं पार्टी के आधारस्तंभ के रूप मे वह काम करते रहेंगे |

नितिन गडकरी जी कुंडली मे शनि का जन्मकालीन राहू से गोचर उनको किसी प्रकार की पारिवारिक परेशानियों मे डाल सकता हैं भाग्येश का लग्न पर प्रभाव उन्हे हर प्रकार से सुरक्षित रखेगा वही शनि गुरु का पंचम भाव पर प्रभाव उनकी संतान से संबन्धित कोई खबर अच्छी या बुरी इस वर्ष सुना सकता हैं तथा उनकी प्रसिद्दि को गिरने नहीं देगा |

राहुल गांधी इस वर्ष ग्रह गोचर उनको मात् संबंधी कष्ट बता रहे हैं साढ़ेसाती के प्रभाव मे वह आ ही चुके हैं शनि व गुरु का (मई 2013 के बाद ) सप्तम भाव पर प्रभाव इस वर्ष उन्हे कोई महत्वपूर्ण पद प्राप्त करवा सकता हैं शायद इस वर्ष वह विवाह भी कर ले तो कोई आश्चर्य नहीं होगा इस पूरे वर्ष उन्हे अपनी माता  सोनिया गांधीजी का स्वास्थ्य चिंता मे डाल सकता हैं |

अमिताभ बच्चन -लग्न से नवम शनि उन्हे दादा बना ही चुका हैं मई 2013 से गुरु का उनके लग्न से पंचम भाव मे गोचर उनके पुत्र अभिषेक के लिए कोई ना कोई सुखद समाचार लाएगा स्वयं उनके लिए यह समय किसी बड़ी लाभकारी योजना का होगा,हो सकता हैं इस वर्ष अमिताभ कोई नया कार्य या व्यवसाय आरंभ करे |भारतीय सिनेमा मे उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हे कोई विशेष पुरस्कार मिल सकता हैं प्रदर्शित फिल्मे कोई उल्लेखनीय सफलता प्राप्त नहीं कर पाएगी |

आमिर खान 2013 पूरी तरह से आमिर खान का वर्ष कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी वर्ष आरंभ मे उनकी प्रदर्शित फिल्म काफी सराहना प्राप्त करेगी साथ साथ वर्ष के मध्य मे उनकी फिल्म धूम 3 बॉलीवुड मे उनका सिक्का मजबूत करेगी संभवत;उन्हे इस वर्ष कोई बड़ा पुरस्कार भी मिले गुरु शनि के प्रभाव से विश्व परिवेश मे उनकी नयी पहचान बनेगी समाज से संबन्धित कार्य इस वर्ष भी करते रहेंगे किसी बड़े व्यवशायिक अनुबंध से उन्हे कोई बड़ा लाभ होता दिखता हैं |

सलमान खान 2012 की तरह इस वर्ष भी उनका जलवा बरकरार रहेगा परंतु किसी ना किसी विवाद से भी उनका ज़रूर सामना होगा ऐसा ग्रह गोचर दर्शा रहे हैं कोई बड़ा सौदा या बड़ी गाड़ी इस वर्ष ले सकते हैं किसी विदेशी फिल्म मे काम करने का अवसर मिल सकता हैं | इस वर्ष फिल्मों के अलावा अपनी दरियादिली वा दोस्ती के लिए भी जाने जाएंगे | स्वयं फिल्म निर्माण के क्षेत्र मे हाथ आजमा सकते हैं |

शाहरुख खान- इस वर्ष एक नए अवतार मे जाने जाएंगे यश चोपड़ा की चर्चित फिल्म के लिए सभी पुरस्कार  अपनी झोली मे डाल लेंगे ऐसा दिखता हैं इस वर्ष फिल्मों से कम अवार्डो के लिए अधिक जाने जाएंगे |इस वर्ष अपनी किसी महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर सकते हैं खेल से संबन्धित किसी बड़े सौदे मे उतर सकते हैं अत्यधिक व्यस्तता के चलते कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता हैं |



शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012

लाल किताब के रोजगार उपाय


लाल किताब के रोजगार उपाय-----

सौन्दर्य प्रशाधन का कार्य –
1) ईशान कोण मे,पश्चिममे कच्ची ज़मीन या गाय का खिलौना रखे |
2)किसी से सलाह लेकर ही काम करे,सतनाजा,सरसों दान करे |
3)गुप्तांग दूध,दही से धोये,स्त्री नंगे पैर ना चले |
4) गाय,बकरी पाले या दान करे,स्त्री-ऋण हटाये |

कैशियर –
1)बुजुर्गो के पैर छुआ करे,वर्षा का जल रखे,ज्योतिष या कविताए पढे |
2) 40 दिन हरा कपड़ा कन्याओ को दान करे |
3)शमशान घाट का पानी रखे,121 दूध के पेड़े बांटे/बहाये |
4) पूर्व,वायव्य केंद्र मे चन्द्र वस्तुए व पानी रखे |

ज्योतिष/वास्तु कार्य -
1) वायव्य,अग्नि,पश्चिम,केंद्र मे केतू वस्तुए रखे,गणेश आराधना करे |
2) सोना पहने,झूठा वादा ना करे |
3) चांदी के पात्र मे शहद भर कर रखे,कव्वे,कुत्ते को मीठी रोटी दे |
4) ईश्वरीय-ऋण हटाये |

राजनीति-
1)नारियल,तेल,बादाम मंदिर मे दे, मुँह मीठा कर हर कार्य करे |
2) अन्धो को भिक्षा दे,तांबे के टुकड़े दबाये |
3)पहली रोटी अग्नि को डाले,स्व-ऋण यज्ञ करे |
4) आग पर दूध के छींटे मारे,40 दिन सूर्य नमस्कार करे |

शेयर बाज़ार/सट्टा -
1) केंद्र मे हरा रंग ना रखे,वायव्य कोण मे धार्मिक समान रखे |
2) “ॐ श्री गुरुवे नमः” रोजाना 108 बार जपे,पीपल पर दीपक जलाए |
3) मिट्टी के घड़े मे मूंग साबुत नारियल रखकर बहाये | पीला धर्मस्थान मे खूब दान करे |
4)केसर तिलक लगाए,पीला पहने,पित्र-ऋण हटाये |

सुरक्षा कार्य/सिक्यूरिटी -1) 
1)ईशान व दक्षिण कोने मे लालनीम का पेड़ व मिठाई ना रखे 
2) चिड़ियो को मीठा दान करे/खिलाये,दक्षिणमुखी ना रहे |
3) चांदी की ईट घर पर रखे,मंदिर मे बताशे दान करे |
4) कीकर के पेड़ पर पानी डाला करे व मुफ्त मे किसी से कुछ ना ले |

सलाहकार/एड्वाइजर-
1)दक्षिणमे/ईशानमे/पूर्वमे व उत्तर मे मनोरंजन का समान,तथा केतू वस्तुए (कंबल,गणेश,केला,तिल)आदि ना रखे |
2) सोना पहने,कंबल दान करे,चांदी मे शहद वीरान ज़मीन मे दबाये |
3) ईश्वरीय ऋण हटाये,गाय,कुत्ते व कव्वे को रोटी दे |

दवा संबंधी कार्य/मेडिकल कार्य-
1) कीकर के पेड़ पर 40 दिनो तक पानी डाले |
2) चने की दाल/पीले मोती मंदिर मे दान करे |
3) केसर तिलक लगाए व काला ना पहने,पित्र ऋण हटाये |
4) 40 दिनो तक तांबे का पैसा बहाये | किसी के आगे हाथ ना फैलाये |