मंगलवार, 19 नवंबर 2013

ज्योतिष के इन गुरुओ को शत शत प्रणाम

ज्योतिष के इन गुरुओ को शत शत प्रणाम

आज सुबह जब यह खबर सुनी की सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिया जा रहा हैं तब ज्योतिष के दो गुरुओ को दंडवत प्रणाम व उनकी ज्योतिष विद्या को नमन करने का मन हो रहा हैं | मुझे गर्व हैं की मैंने इन दोनों ज्योतिष गुरुओ से ज्योतिष की शिक्षा पायी हैं | भारतीय विद्या भवन दिल्ली को विश्व मे ज्योतिष का सबसे बड़ा केंद्र क्यू कहाँ जाता हैं इसके हज़ारों उदाहरण दिये जा सकते हैं लेकिन यह ताज़ातरीन उदाहरण हम सब के सामने हैं वैसे तो इस संस्थान के सभी शिक्षक बेहतरीन ज्योतिषी हैं पर यहाँ मैं श्री के॰एन राव जी व श्री मनोज पाठक जी का अवश्य नाम लेना चाहूँगा | राव सर के अनुसार सचिन को भारत रत्न अवश्य मिलना हैं यह बात उन्होने कई साल पहले भारतीय विद्या भवन मे कही थी साथ ही इसे अपनी वेब साइट मे भी जारी किया था जो आज सही साबित हो गयी,वही जब भारत ने 2011 का क्रिकेट विश्व कप जीता था सबने यह कह दिया था की सचिन तेंदुलकर अब सन्यास ले लेंगे परंतु श्री मनोज पाठक जी ने कहाँ था की अभी यह सन्यास नहीं लेंगे बल्कि 2013 के अंत मे सन्यास लेंगे और ऐसा हुआ भी हैं | यह दोनों भविष्यवाणियाँ शत प्रतिशत सही साबित हुई हैं जिससे इस संस्थान मे ज्योतिष शिक्षा के स्तर का पता चलता हैं मुझे गर्व हैं की मैं इस संस्थान से जुड़ा हुआ हूँ |

मैं यहाँ यह भी बताना चाहूँगा की ज्योतिष मे जहां सब ज्योतिषी अपने अपने को श्रेष्ठ व दूसरे को तुच्छ समझते हैं अभी कुछ साल पहले जब अमिताभ बच्चन जी के यहाँ उनकी पोती का जन्म हुआ भारत के प्रख्यात ज्योतिषियो ने उनके घर पोता होने की भविष्यवाणी की थी जिनमे प्रमुख संजय जुमानी,सुरेश श्रीमाली व बेजान दारुवाला जी थे जिन सभी की इस मामले मे काफी जगहसाईं भी हुई फिर भी इनमे से किसी ने भी यह नहीं माना की हमने ऐसा कहाँ था सिर्फ यह ज़रूर कहाँ की हमने कहाँ था की अमिताभ दादा बनेंगे और वह बन गए संभवत; इन सभी ने अमिताभ बच्चन का नाम देखकर ही ऐसी भविष्यवाणी की थी अभिषेक व ऐश्वर्या की कुंडली देखकर नहीं जिनसे उनकी फजीयत ही हुई,हमारा कतई ऐसा मानना नहीं हैं की यह अच्छे ज्योतिषी नहीं हैं परंतु हमारा यह मानना हैं जब कोई भविष्यवाणी सही होती हैं तो आप सब जगह कहते हैं की हमने कहाँ था परंतु जब कोई ग़लत होती हैं तब आप क्षमा नहीं मांगते | यही वह फर्क हैं जो आपको भारतीय विद्या भवन से जुड़े ज्योतिष से अलग कर देता हैं अंत मे यही कहूँगा सो सच्चे हैं वो कहते नहीं हैं लेकिन जो झूठे हैं वह चिल्लाते रहते हैं की हम सच्चे हैं | इस संस्थान के सभी शिक्षक इसी संस्थान से पढे व्यक्तिओ को भी अच्छा ज्योतिषी मानते हैं व समय समय पर उनका मार्गदर्शन भी करते हैं मैंने स्वयं भी कई बार इन सभी का मार्गदर्शन प्राप्त किया हैं जिस वजह से मैं आज ज्योतिष क्षेत्र मे थोड़ा बहुत सफल हो रहा हूँ |


रविवार, 10 नवंबर 2013

कपड़े व ज्योतिष
कपड़े ना सिर्फ शरीर ढकने के काम आते है बल्कि हमारे व्यक्तित्व,व्यवसाय,स्तर के साथ साथ हमारे चरित्र,व्यवहार,आत्मविश्वास को भी दर्शाने के काम आते हैं किसी भी व्यक्ति को उसके कपड़े पहनने के तरीके से,कपड़ो के रंग से,कपड़ो की गुणवत्ता से अर्थात पहनावे से सरलता से पहचाना जा सकता हैं की उसका सामाजिक स्तर उसकी सोच व व्यवसाय किस प्रकार का हैं |

ज्योतिष के आधार पर भी हम कपड़ो द्वारा बहुत कुछ व्यक्ति विशेष के बारे मे जान सकते हैं हमने अपने इस लेख मे कुछ इसी तरह का विश्लेषण करने का एक छोटा सा प्रयास किया हैं आशा हैं पाठकजन इससे लाभान्वित होंगे |

ढीले कपड़े–ऐसे वस्त्र पहनना जातक के शांत,कोमल,सीधे व सरल स्वभाव को बताता हैं ऐसे लोग धैर्यवान दूसरों को राह बताने वाले स्वयं को किसी भी परिस्थिति मे ढालने वाले होते हैं प्राय; इनके लग्न या चन्द्र पर गुरु गृह का प्रभाव होता हैं इसलिए ये चिंतन,मनन,ध्यान व अध्यात्म मे ज़्यादा रुचि रखते हैं | समय के पाबंद होने के साथ साथ  ये लोग अपना प्रत्येक काम योजना बद्ध तरीके से करते हैं पैसे से ज़्यादा इन्हे मान सम्मान व नाम की इच्छा रहती हैं |

तंग कपड़े-ऐसे जातक चुस्त,फुर्तीले,कुछ कर गुजरने की सोच वाले,अस्थिर स्वभाव वाले, निडर व साहसी प्रवर्ती के होते हैं | इनका मन मस्तिष्क हर वक़्त किसी ना किसी उधेड़ बुन मे लगा रहता हैं | इनके लग्न या चन्द्र पर शनि अथवा राहू ग्रह का प्रभाव रहता हैं दिखावा व बहसबाजी  करना इन्हे पसंद होता हैं लंबे समय तक कोई काम करना इन्हे पसंद नहीं होता स्वयं पर खूब लगाव रखते हैं तारीफ के भूखे परंतु खर्च के मामले मे कंजूस होते हैं अपना काम निकलवाने मे तथा धन कमाने मे ये लोग माहिर होते हैं कभी कभी हीन भावना के कारण छोटा रास्ता (शॉर्ट कट) भी अपना लेते हैं |

ब्रांडेड कपड़े- ऐसे कपड़े पहनने वाले जातक महत्वकांक्षी,मूडी व बिंदास होते हैं सदैव ऊपर उठने की कोशिश करते रहते हैं इनमे आत्मविश्वास की कमी होती हैं जिसे यह छिपाते रहते हैं दूसरों के प्रति होड,जलन व प्रतिद्वंदिता की भावना इनमे पनपती रहती हैं जिस कारण यह अपने को  आर्थिक रूप से सम्पन्न दर्शाते हैं छोटी छोटी बातें व मोलभाव करना इन्हे पसंद नहीं होता अपने से कमजोर से यह बहस बाजी करते हैं परंतु साथ वाले या बड़े से यह ज़्यादा नहीं बोलते या बिलकुल चुप रहते हैं | इनके लग्न अथवा चन्द्र पर सूर्य ग्रह का प्रभाव रहता हैं जिस कारण यह बड़े आत्मसम्मान से जीना पसंद करते हैं |

हाथ से बने कपड़े -ऐसे वस्त्र पहनने वाले लोग हंसमुख,संवेदनशील,भावुक,शांत व प्रतिभावान होते हैं अपने सभी कार्य स्वयं करना पसंद करते हैं इनकी बातों मे दर्शन,धर्म,दया व अनुभव साफ झलकता हैं ये रचनात्मक व कला से संबन्धित कार्य करते हैं पारखी नज़र व दूरदर्शी होते हुये दूसरों के दूख दर्द को समझते हैं समय व नियम के पक्के होते हैं प्राय: इनके लग्न या चन्द्र का संबंध गुरु या शनि से होता हैं जिसके कारण इनकी मेहनत,त्याग व प्रेम को लोग समझ नहीं पाते और इनको अपना उचित हक़ भी नहीं मिल पाता हैं परंतु यह किसी से शिकायत ना करते हुये भी किसी पर आश्रित रहना पसंद नहीं करते हैं |

कपड़ो का रंग -ज़्यादातर लोग कुछ विशेष रंग के कपड़ो का प्रयोग कुछ ज़्यादा करते हैं इससे उनके स्वभाव व व्यक्तित्व का काफी पता चलता हैं |

लाल रंग -इस रंग के कपड़े ज़्यादा पहनने वाले लोग गुस्सेबाज़,कामुक,उत्साही,ऊर्जावान तथा प्रबल इच्छाशक्ति वाले होते हैं जो ठान लेते हैं उसे करके ही दम लेते हैं सुनते कम व सुनाते ज़्यादा हैं इनमे धैर्य की कमी होती हैं जिससे इन्हे कई बार हानी का सामना करना पड़ता हैं अपनी हरकतों व बातों के द्वारा ये सदा आकर्षण का केंद्र बनना चाहते हैं | यह जातक मंगल ग्रह से प्रभावित होने के कारण ज़्यादातर मेष अथवा वृश्चिक राशि के हो सकते हैं |

काला रंग- यह रंग त्याग व रहस्यात्मकता दर्शाता हैं जिस कारण इनका प्रयोग करने वाले लोग अच्छे विचारवान व अनुशाशित होते हैं जिन्हे स्वयं पर पूरा नियंत्रण होता हैं यह अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाना जानते हैं इनके जीवन मे आकस्मिक घटनाए ज़्यादा होती हैं जिस कारण इनके व्यक्तित्व व कार्य पर हमेशा प्रश्नचिह्न लगता रहता हैं | यह जातक शनि ग्रह से संबन्धित होने के कारण मकर या कुम्भ राशि के हो सकते हैं |

सफ़ेद रंग-इस रंग का प्रयोग करने वाले जातक शांत,संतुलित,स्पष्टवक्ता,सकारात्मक व आशावादी दृस्टीकोण रखने वाले होते हैं खुले विचारो वाले ये लोग एकांत एवं साधारण जीवनशैली मे रहना व जीना पसंद करते हैं | यह जातक चन्द्र ग्रह से प्रभावित होने के कारण कर्क राशि के हो सकते हैं |

पीला रंग-ऐसे जातक चुनौती पसंद,प्रेरणा प्रदान करने वाले व सदा अपने कार्यो मे लगे रहने वाले होते हैं आध्यात्मिक प्रवृति के लोग सहजता से जीवन गुजारना पसंद करते हैं इनकी वाणी मे मिठास,समर्पण व अपनत्व की भावना अधिक होती हैं | ऐसे लोग गुरु ग्रह से प्रभावित होने के कारण धनु व मीन राशि के हो सकते हैं |

नीला रंग -ऐसे लोग आत्मनिर्भर व गहरे विचार रखने वाले होते हैं,काल्पनिक व व्यावहारिक दोनों प्रकार का दृस्टीकोण रखते हैं शांत एवं ज़रूरत से ज़्यादा श्रम करने के शौकीन तथा किसी भी बात की तह तक जाना पसंद करते हैं जिस कारण इन्हे कई बार दूसरों की जिम्मेदारिया भी पूरी करनी पड़ती हैं | ऐसे जातक शनि व शुक्र दोनों ग्रहो के प्रभाव मे रहते हैं |

हरा रंग- यह जातक अपनी वाणी से किसी को भी अपना बना लेते हैं परंतु किसी पर जल्दी से भरोसा नहीं करते,स्वतंत्र जीने के शौकीन यह लोग किसी के अधीन ना रहकर घूमने फिरने का बेहद लगाव रखते हैं हर समस्या का समाधान इनके पास होता हैं | ऐसे जातक बुध ग्रह से प्रभावित होने के कारण मिथुन या कन्या राशि के होते हैं |

भूरा रंग-यह लोग आत्मकेंद्रित,अकेले जीवन जीने वाले तथा स्वनियंत्रित होते हैं अच्छे मार्गदर्शक व आलोचक हो सकते हैं समय का नियोजन ना कर पाने के कारण हमेशा तनाव मे रहते हैं | इन जातको पर राहू ग्रह का ज़्यादातर प्रभाव रहता हैं |

गुलाबी रंग- इस रंग को चाहने वाले जातक स्नेही,उदार व समझदार होते हैं परंतु इनमे इच्छाशक्ति का अभाव होता हैं अपनी उम्र के हिसाब से इनमे बचपना अधिक रहता हैं छोटी सी बात भी इन्हे परेशान कर देती हैं | यह लोग सूर्य ग्रह से प्रभावित होने के कारण सिंह राशि के हो सकते हैं |

पहनने का ढंग एवं बांधने का तरीका-नाभि से ऊपर कपड़े बांधने वाले लोग चिंतित,व्याकुल,संजीदा,संस्कार व परंपरा को मानने वाले होते हैं मनचाहा प्राप्त ना होने से असहज महसूस करते हैं वस्तुओ व लोगों को जल्दी से अपनी पसंद नहीं बनाते हैं बड़े बुजुर्गो का आदर करने वाले तथा रूढ़िवादी विचारधारा के होते हैं |

नाभि के नीचे वस्त्र बांधने वाले लोग स्वतंत्र विचार रखने वाले,मस्तमौला,अपनी ही दुनिया मे रहने वाले,आत्मविश्वासी व निडर प्रवृति के होते हैं | इन्हे बंधन या रोक टोक मे रहना बिल्कुल पसंद नहीं आता,भीड़ से अलग दिखना इन्हे बहुत पसंद होता हैं दिखावे के साथ साथ इनमे कामुकता भी कूट कूट कर भरी होती हैं यह सुनते सबकी हैं पर करते अपने मन की ही हैं |

चमक दमक व भड़कीले कपड़े पहनने वाले लोग दिखावटी एवं रसिक मिजाज़ के होते हैं पारदर्शी वस्त्र पहनने वाले निर्भीक,स्वतंत्र तथा मनमौजी होते हैं | प्रैस किए हुये वस्त्र पहनने वाले बुद्दिमान,सभ्य व सजग जबकि उधड़े,फटे कपड़े पहने व्यक्ति लापरवाह व गैर जिम्मेदार प्रकार के होते हैं | कमीज़ को अंदर दबाकर पहनने वाले औपचारिक व सभ्य स्वभाव के तथा कमीज़ बाहर रखने वाले हंसमुख,रौबीले एवं बिंदास प्रकार के होते हैं | प्लेन कमीज़ या टी शर्ट वाले सीधा,सरल व चिन्तामुक्त जीवन जीने वाले जबकि चैक या लाइन कमीज़ या टी शर्ट पहनने वाले लोग चुनौतियों के शौक़ीन होते हैं इन्हे परिवर्तन या नवीनता पसंद होती हैं |



               

बुधवार, 6 नवंबर 2013

लग्न नक्षत्र स्वामी की लाभकारी दशा

लग्न नक्षत्र स्वामी की लाभकारी दशा

ज्योतिष का अध्ययन करते समय कई बार यह विचार अवश्य आता हैं की जन्म समय के चन्द्र नक्षत्र का प्रयोग जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे किया जाता हैं इसी से ही दशाए ज्ञात कर जातक विशेष के भविष से जुड़े सभी सवालो के जवाब दिये जाते हैं | हमने अपने ज्योतिषीय शोध के दौरान यह जानने का प्रयास किया की क्या जातक विशेष के जीवन मे जन्म लग्न के नक्षत्र का भी कुछ प्रभाव पड़ता हैं इसके लिए हमने लगभग 100 व्यक्तिओ की कुंडली का अध्ययन कर यह निष्कर्ष पाया की जातक विशेष को अगर जन्म लग्न के नक्षत्र स्वामी की दशा मिली हो तो वह जातक उस दशा मे बहुत तरक्की या सफलता प्राप्त करता हैं |

हमने अपने इस शोध मे यह भी पाया की जन्म लग्न के नक्षत्र स्वामी की दशा कुछेक लोगो को ही अपने जीवन मे मिल पाती हैं परंतु जितने भी लोगों को यह दशा मिलती हैं उन सभी को इस दशा मे लाभ ही प्राप्त होते हैं उस दशा का स्वामी उनके लग्न का चाहे शत्रु हो या अशुभ भावो का स्वामी हो वह उनको रक्षक की तरह शुभता ही प्रदान करता हैं |
आइए अब कुछ उदाहरण देखते हैं जिनमे यह स्पष्ट होता हैं की जन्म लग्न के नक्षत्र स्वामी की दशा लाभकारी होती हैं |

1)लता मंगेशकर(28/9/1929 22:30 इंदौर) –इनका जन्म लग्न नक्षत्र मृगशिरा हैं जिसके स्वामी मंगल की दशा इन्हे 1989 से 1996 के बीच मिली इस दौरान इन्हे भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा पुरस्कार “दादा साहब फाल्के “ प्राप्त हुआ,इसी समय इन्होने विदेशो मे बहुत कार्यक्रम किए और पूरी दुनिया मे इनका नाम हुआ तथा इन्हे फिल्मों मे गायन के लिए 3 बार फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले जिसके बाद इन्होने अपना नाम पुरस्कारों की दौड़ से हटा लिया परंतु फिल्म संगीत मे यह फिर भी अव्वल बनी रही और इनका रुतबा बरकरार रहा |

2)कपिल देव(6/1/1959 5:30 चंडीगढ़) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र (ज्येष्ठा )स्वामी बुध हैं जिसकी दशा इन्हे 1970 से 1987 के बीच मिली जिस दौरान इन्होने अपना परचम क्रिकेट जगत मे लहराया 1975 मे इन्होने घरेलू व 1978 मे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मे पदार्पण किया फिर इन्ही की कप्तानी मे इन्होने भारत को 1983 का विश्व कप जीता कर पूरी दुनिया मे अपना व भारत का नाम रोशन किया,इसी समय यह क्रिकेट जगत मे यह सबसे कम उम्र मे 200 व 300 विकेट्स लेने वाले खिलाड़ी भी बने |

3)नरसिम्हा राव(28/6/1921 13:00 करीमनगर,आंध्र प्रदेश) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र (चित्रा)स्वामी मंगल हैं जिसकी दशा इन्हे 1990 से 1997 के बीच मिली और इसी दशा मे यह भारत के प्रधानमंत्री बने (21/6/1991 से 16/5/1996)

4)बी॰वी रमन (8/8/1912 19:42 बंगलोर)–इनका जन्म लग्न नक्षत्र शतभिषा जिसके स्वामी राहू की दशा इन्हे 1919 से 1937 के बीच मिली जिस दौरान इन्होने अपने दादा द्वारा लिखित ज्योतिषीय पत्रिका “एस्ट्रोलोजिकल मैगजीन“का फिर से प्रकाशन आरंभ किया जिससे पूरी दुनिया मे इन्हे ज्योतिषी के रूप मे जाना जाने लगा इसी दौरान इन्होने ज्योतिष की कई पुरानी किताबों को अँग्रेजी मे अनुवाद किया और विश्व भर मे ख्याति पायी |

5)सानिया मिर्ज़ा (15/11/1986 11:28 मुंबई) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र स्वामी (उत्तराषाढ़ा) हैं जिसके स्वामी सूर्य की दशा इन्हे 2004 से 2010 के मध्य मिली इसी दौरान ही इन्होने टेनिस खेल मे अपना पहला खिताब जीता व बाद मे अधिकतर खिताब जीते व विश्व के शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ियो मे इनका नाम हुआ |

6)मुकेश अंबानी (19/4/1957 19:31 यमन) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र स्वाति हैं जिसके स्वामी राहू की दशा इन्हे 2002 से 2020 तक मिली हैं इसी दशा मे इन्होने अब तक व्यापार जगत के कई विश्वस्तरीय पुरस्कार व एवार्ड प्राप्त किए हैं व साथ साथ ही जामनगर रेफाइनरी व रेलाइन्स वन जैसे व्यापारिक उपक्रम भी स्थापित कर लिए हैं दुनिया के शीर्ष धनी व्यक्तिओ मे भी इनका नाम इसी दौरान हुआ हैं और इसी दौरान इनके मकान एंटेलिया का पूरी दुनिया मे काफी ज़िक्र रहा हैं |

7)महात्मा गांधी (2/10/1869 8:35 पोरबंदर) – इनका जन्म लग्न नक्षत्र स्वाति ही हैं जिसके स्वामी राहू की दशा इन्हे 1922 से 1940 के मध्य मिली जिसमे इन्होने अंग्रेज़ो से भारत की आज़ादी के लिए कई बार लोहा लिया कई बार जेल गए लाहोर मे काँग्रेस स्थापना की मीटिंग व नमक आंदोलन किया जिससे यह सारी दुनिया मे भारतीय स्वतन्त्रता के पर्याय माने जाने लगे |

8)मंसूर अली खान पटौदी (5/1/1941 22:18 भोपाल) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी हैं जिसके स्वामी शुक्र की दशा इन्हे 1956 से 1976 के बीच मिली इस दौरान इन्होने अपना क्रिकेट कैरियर आरंभ किया 1961 मे यह भारतीय क्रिकेट टीम मे आए व 1962 मे यह सबसे कम उम्र के क्रिकेट कप्तान बने और इन्होने विश्वस्तर पर काफी नाम कमाया बाद मे इसी दौरान इन्हे क्रिकेट जगत व भारतीय खेल जगत से जुड़े कई पुरस्कार भी प्राप्त हुये जिनमे अर्जुन एवार्ड व विस्डन क्रिकेटर ऑफ दी इयर अवार्ड प्रमुख हैं |इसी दशा मे इन्होने अभिनेत्री शर्मिला टेगोर से प्रेम विवाह कर भारतीय फिल्म जगत मे भी काफी हलचल मचा दी थी |

9)सुशील कुमार (22/10/1980  11:28 मोतीहारी बिहार)- इस जातक का जन्म लग्न नक्षत्र पूर्वा षाढ़ा हैं जिसके स्वामी शुक्र की दशा इन्हे 2011 से 2021 के दौरान मिली हैं और अभी से ही इनको शुक्र दशा का लाभ मिलने लगा हैं इनका विवाह मार्च 2011 मे हुआ और नवंबर 2011 मे यह भारतीय टेलीविजन के सबसे बड़े खेल “कौन बनेगा करोड़पति” मे यह 5 करोड़ रुपये की धनराशि जीतने वाले पहले व्यक्ति बने | इस जीत से यह पूरे भारत वर्ष मे प्रसिद्द हो गए तथा साथ ही साथ इन्हे कई अन्य टी॰वी कार्यक्रमों मे भी भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ इन्हे भारतीय सरकार ने अपनी नरेगा योजना का ब्रांड एम्बेस्डर भी बनाया हैं |

10)आमिर खान(14/3/1965 9:21 मुंबई )–इनका जन्म लग्न नक्षत्र भरणी हैं जिसके स्वामी शुक्र की दशा इन्हे 1991 से 2011 के बीच मिली इस दौरान यह भारत के सफलतम फिल्म कलाकार बने इनकी फिल्मों ने अपार सफलता पायी 2001 मे इन्होने अपनी फिल्म निर्माण की कंपनी खोली जिसकी निर्मित फिल्म लगान ने इन्हे विश्व भर मे पहचान दिलाई यह फिल्म ऑस्कर नामांकन के लिए गयी थी उसके बाद सन 2007 मे इन्होने फिल्म निर्देशन मे सफलतापूर्वक कदम रखा सन 2009 मे इनकी अभिनीत फिल्म 3 इडियट्स ने भारतीय फिल्म जगत मे कमाई का इतिहास रचा,इनके नाम पिछले 13 वर्षो से कोई भी फिल्म असफल ना देने का रिकौर्ड भी हैं जो पूर्णतया शुक्र दशा मे ही बना हैं |

11)अब्राहम लिंकन(12/2/1809 7:54 कैंटुकी अमरीका) -इनका जन्म लग्न नक्षत्र स्वामी राहू हैं जिसकी दशा इन्हे 1830 से 1948 के मध्य मिली इस दौरान 1832 मे इन्होने अपना राजनीतिक जीवन आरम्भ किया,1834 मे यह चुनाव जीते व 1846 मे यह अमरीकी संसद के यह सदस्य बने जिनसे इनके भावी जीवन की नीव मजबूत हुई |

12) इंद्रकुमार गुजराल(14/12/1919 22:00 झेलम पाकिस्तान) - इनका जन्म लग्न नक्षत्र अश्लेषा जिसका स्वामी बुध हैं जिसकी दशा इन्हे 1992 से 2009 के बीच मिली इस दौरान बिहार राज्य की राज्य सभा के सदस्य से भारत देश के प्रधानमंत्री बने(1997 से 1998)

13)हिटलर (20/4/1889 19:33 औस्ट्रिया) –इनका जन्म लग्न नक्षत्र स्वाति हैं जिसके स्वामी राहू की दशा इन्हे 1930 से 1948 के मध्य मे मिली जिस दशा मे यह अपने देश जर्मनी के चांसलर बने फिर इन्होने स्वयं को सर्वोच्च न्यायधीश घोषित कर बाद मे राष्ट्रपति पद प्राप्त किया तथा अपने महत्वाकांक्षी जीवन की शुरुआत करी |

14)श्री के एन राव( 12/10/1931 7:52 मछलीपट्टनम )-ज्योतिष के आधार स्तम्भ श्री राव जी का जन्म लग्न नक्षत्र विशाखा हैं जिसके स्वामी गुरु की दशा इन्हे 1951 से 1967 के मध्य मिली इस दौरान इन्हे शिक्षा मे स्कोलरशिप मिली जिसके बाद इन्होने भारतीय सरकार की नौकरी मे कई महत्वपूर्ण विभागो मे कार्य किया तथा साथ ही साथ यह ज्योतिष का अध्ययन भी करते रहे |

15) आर के डालमिया (7/4/1893 9:56            चिरावा राजस्थान)- इनका जन्म लग्न नक्षत्र मृगशिरा हैं जिसके स्वामी मंगल की दशा इन्हे 1936 से 1943 के समय मिली इस दौरान इन्होने भारत मे सीमेंट उद्योग की नींव रखी जो बाद मे भारतीय उद्योग जगत मे मील का पत्थर साबित हुई |

16)बंकिम चन्द्र चटर्जी (26/6/1838 8:42 नौहाटी पश्चिम बंगाल )-इनका जन्म लग्न नक्षत्र श्रवण हैं जिसके स्वामी चन्द्र की दशा इन्हे 1868 से 1878 के बीच मिली जिसमे यह अंग्रेज़ सरकार के शाशनकाल मे मजिस्ट्रेट बने इन्हे मान सम्मान व पद प्रतिष्ठा प्राप्त हुई इसी दौरान इन्होने पुस्तक लेखन का कार्य भी किया जिनसे इनका साहित्य जगत मे बहुत नाम हुआ इनकी लिखी पुस्तकों मे प्रमुख मृणालिनी,रजनी,इन्दिरा,जुगलन गुड़िया,राधारानी,कृष्णकांत ऊईल व विषवृक्ष हैं जिसके विषय मे उस समय के अखबारो मे काफी चर्चा रही थी |

17)संजीव कुमार (9/7/1937 9:00 महाराष्ट्र )-अभिनेता संजीव कुमार का जन्म लग्न नक्षत्र मघा जिसके स्वामी केतू की दशा इन्हे 1968 से 1975 के दौरान मिली इस समय मे इनकी बहुत सी फिल्मों ने सफलता पायी जिससे यह फिल्म उद्योग मे पूर्ण रूप से स्थापित हो गए इन्हे इसी दौरान फिल्मों मे अभिनय के लिए 4 बार फिल्मफेयर व 2 बार राष्ट्रीय पुरस्कार फिल्म आँधी(1971) व फिल्म अर्जुन पंडित(1973) के लिए प्रदान किया गया |

18)(8/12/1984 12:01 कोचीन)- इस जातिका का जन्म लग्न नक्षत्र शतभिषा हैं जिसके स्वामी राहू की दशा इसे 1994 से 2012 के मध्य मिली इस दौरान जातिका ने सन 2007 मे भारतीय वायु सेना मे बतौर पायलट प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसके बाद सन 2008 जून को यह फ्लाइंग अफसर तथा जून 2010 मे यह फ्लाइट लेफ्टिनेंट बनाई गयी |

19)(14/10/1954 8:57 दिल्ली) –इनका जन्म लग्न नक्षत्र विशाखा हैं जिसके स्वामी गुरु की दशा इन्हे 1999 से 2015 के बीच मिली हैं इस दौरान इन्हे अब तक अपने कार्यक्षेत्र मे दो बार (2009,2011) तरक्की मिल गयी हैं |

20)योगराज कंबोज(17/3/1950 00:00 अमृतसर)-इनका जन्म लग्न नक्षत्र अनुराधा हैं जिसके स्वामी शनि की दशा इन्हे 1977 से 1996 के मध्य मिली इस दौरान इन्हे कार्यक्षेत्र मे 2 बार तरक्की 1977,1990 मिली | 

21)8/2/1971 3:20 देहरादून को जन्मे इस जातक का जन्म लग्न नक्षत्र ज्येष्ठा हैं जिसके स्वामी बुध की दशा इन्हे 1996 से 2013 के मध्य मिली इस दौरान इन्होने शिक्षण व्यवसाय मे काफी नाम कमाया इसी समय इन्होने ज्योतिष विषय का विधिवत अध्ययन किया व ज्योतिष के कई शोध पूर्ण लेख लिखे,ज्योतिष क्षेत्र मे काफी मान सम्मान प्राप्त किया आजकल यह ज्योतिष शिक्षण व ज्योतिष द्वारा समाज सेवा कर रहे हैं |

22) नवेंद्रु शर्मा 4/3/1952 23:30 दिल्ली –इस जातक का जन्म लग्न नक्षत्रविशाखा जिसका स्वामी गुरु हैं जिसकी दशा इन्हे 1971 से 1987 के मध्य मिली इस दौरान इन्हे अपनी शिक्षा हेतु विदेश (लंदन) जाने का अवसर मिला वही इन्हे नौकरी की प्राप्ति भी हुई फिर वही इन्होने विवाह किया और कुछ साल बाद यह अमरीका जाकर बस गए | आजकल यह अमरीका मे ज्योतिष सिखाते हैं |