सोमवार, 15 अक्टूबर 2012

दुर्गा सप्तशती




दुर्गा सप्तशती के अध्याय से कामनापूर्ति

1) प्रथम अध्याय- हर प्रकार की चिंता मिटाने के लिए |

2) दूसरा अध्याय- मुकदमे,झगडे आदि मे विजय पाने के लिए |

3) तीसरा अध्याय- शत्रु से छुटकारा पाने के लिए |

4) चतुर्थ व पंचम अध्याय- भक्ति,शक्ति तथा दर्शन के लिए |

5) छठा अध्याय- डर,शक बाधा हटाने के लिए |

6) सप्तम अध्याय-हर कामना पूर्ण करने के लिए |

7) अष्टम अध्याय-मिलाप व वशीकरण करने के लिए |

8)नवम व दशम अध्याय- गुमशुदा की तलाश एवं पुत्र प्राप्ति के लिए |

9) एकादश अध्याय- व्यापार व सुख संपती के लिए |

10) द्वादश अध्याय-मान सम्मान व लाभ के लिए|

11) त्रियोदश अध्याय- भक्ति प्राप्ति के लिए |


शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

ग्रह और माँ दुर्गा




ग्रह और माँ दुर्गा

प्रस्तुत लेख मे नवरात्रि मे किस ग्रह को शुभ करने हेतु किस देवी या महाविधा का पूजन करना चाहिए यह बताया गया हैं साथ साथ उन्हे किस खाद्य पदार्थ का भोग लगाना चाहिए यह भी बताया गया हैं आशा हैं इससे हमारे पाठकजन लाभान्वित होंगे |

ग्रह –नवदेवी -दस महाविधा –भोग

सूर्य –शैलपुत्री –मातंगी –गाय घी

चन्द्र-कुष्मांडा –भुवनेश्वरी-मालपूए

मंगल –स्कंदमाता –बगलामुखी-केले

बुध-कात्यायनी-षोडसी-शहद

गुरु-महागौरी-तारा- नारियल

शुक्र-सिद्दीदात्री –कमला- तिल

शनि-कालरात्रि-काली-गुड

राहू-ब्रह्मचारिणी- छिन्नमस्ता-शक्कर

केतू-चंद्रघंटा –धूमावाती-खीर


शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

अंगारक योग से सावधान



मंगल का वृश्चिक राशी में प्रवेश हो रहा हैं जिससे गोचर में अंगारक योग का निर्माण हो जायेगा (चूँकि राहू पहले से  ही वृश्चिक राशी में हैं ) यह योग सभी शास्त्रों में बुरे योगो में जाना  जाता हैं इस योग में जन्मे जातक को हथियार रखने वाला, गुस्सेबाज तथा दोस्तों व भाइयो का कर्ज़दार माना जाता हैं ।


इस योग के बनने से धरती पर आगज़नी,विमान व रेल दुर्घटनाये,साम्प्रदायिक हिंसाए,अप्राकतिक दुर्घटनाये होती हैं जिसकी शुरुआत आज सुबह ही नेपाल में हुए विमान हादसे से हो चुकी  हैं ।



भारत की कुंडली में देखे तो यह योग सप्तम भाव में बनेगा जिससे भारत पर इसका प्रभाव कुछ ज्यादा ही रहेगा चूँकि भारत की कुंडली में मंगल सप्तम व द्वादश घर का मालिक हैं तथा राहू शुक्र के घर में लग्न में ही हैं और इस समय राहू सप्तम  में ही हैं शुक्र स्वयं 1 तारीख को चतुर्थ भाव में आ जाएगा और नीचाभिलाशी हो जायेगा इन सभी प्रभावों से स्त्री जातको को बहुत कष्ट मिलेंगे तथा उनंके  प्रति अपराधिक गतिविधिया बढ  जाएगी । किसी बड़े अभिनेता या नेता की मृत्यु हो सकती हैं तथा भारत का खेलो में प्रदर्शन गिरने लगेगा संभवत हमारे कप्तान के फैसले ग़लत पड़ने लगेंगे ।

सोमवार, 20 अगस्त 2012

बादल ओर तरंग




बादल ओर तरंग-माँ जो बादलो मे रहता हैं उसने मुझे बुलाया हम भोर सवेरे से रात अंधेरे तक खेले हम सवेरे के उजाले से रात के अंधरे चाँद तक खेले मैंने उससे पूछा मैं तुम्हारे पास कैसे आ सकता हूँ उसने कहा धरती के कोने तक आओ आकाश की ओर हाथ उठाओ बादल तुम्हें उठा लेंगे |

मैंने कहा मेरी माँ घर पर इंतज़ार कर रही होगी मैं उसे कैसे छोड़ सकता हूँ वो मुस्कुराए ओर चले गए ओर मैं घर आ गया लेकिन मैं उनसे अच्छा खेल जानता हूँ माँ मैं बादल बन जाता हूँ ओर तुम चाँद मैं अपने दोनों हाथो से तुम्हें ढक लूँगा ओर हमारा घर नीला आकाश होगा |

जो लहरों मे रहता हैं उसने मुझे बुलाया हम सवेरे से रात तक गाते रहे ओर पता नहीं कहा से कहा तक   चलते रहे मैंने उससे पूछा मैं तुम्हारे संग कैसे चलु वो बोला तट के किनारे तक आओ ओर आँखें बंद करो तुम्हें लहरे उठा लेंगी मैंने कहा मेरी माँ हमेशा मुझे घर पर चाहती हैं मैं उसे छोड़ कर कैसे आऊ वो मुस्कुराए,नाचे ओर चले गए लेकिन मैं इससे भी अच्छा खेल जानता हूँ माँ मैं एक लहर ओर तुम अंजान तट बन जाती हो मैं तुम पर टकरा टकरा कर हँसते हुये गोद पर आता हूँ ओर दुनिया मे कोई नहीं जान पाएगा की हम कहाँ हैं |    


प्रस्तुत कविता गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टगोर द्वारा लिखी गई है जिसे हमने हिंदी में रूपांतरित किया है।

रविवार, 5 अगस्त 2012

गुरु कराएगा जन हानी



गुरु कराएगा जन हानी रहिए जनहानी के लिए तैयार -आकाश मे भ्रमण करते हुये जब भी कोई ग्रह किसी विशेष राशि पर प्रवेश करता हैं तब उसका प्रभाव धरती पर किसी न किसी रूप मे अवस्य पड़ता हैं |इतिहास मे देखे तो जब भी गुरु ग्रह का भ्रमण वृषभ राशि पर हुआ हैं धरती पर भयंकर रूप से जनहानि हुई हैं यह जनहानि चाहे प्राकतिक रूप से हुई हो चाहे स्वयं मानवीय कारणो से परंतु हुई ज़रूर हैं यहाँ हम ऐसी ही कुछ दुर्घटनाओ के उल्लेख कर रहे हैं जो पिछले 100 सालो मे हुई हैं ओर जिनमे कम से कम 500 व्यक्तिओ की जन हानी हुई हैं |

1) 10-3-1906 को फ़्रांस मे खान दुर्घटना मे 1100 लोगो की मौत हुई |

2) 12-12-1917 को फ़्रांस मे रेल दुर्घटना 1000 व्यक्तिओ(सैनिको) की मौत हुई|यह दुर्घटना इतिहास की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना मानी जाती हैं|

3) 6-12-1917 को कनाडा मे परमाणु बम हादसे मे 2000 लोगो की मृत्यु  हुई|

4) 2-7-1941 को नाजीओ द्वारा लैंबर्ग मे 7000 तथा लिथवानिया मे 5000 लोगो की हत्या कर दी गयी |

5) 26-9-1941 नाजीओ ने कीव मे 34000 यहूदियो की हत्या कर दी|

6) 25-10-1941 के दिन यूक्रेन मे 16000 यहूदियो की हत्या की गयी |

7) 6-11-1941 को यूक्रेन मे फिर 15000 यहूदियो की हत्या की गयी |

8) 26-4-1942 को चीन मे खान दुर्घटना मे 1560 लगा की मौत हुई |

  इसी दौरान दूसरा विश्वयुद्ध भी हुआ था जिसमे समस्त विश्व मे       विशेषकर जर्मनी,अमरीका,इटली व रूस मे जनसंहार हुआ |

9) 3-2-1954 मे इलाहाबाद कुम्भ मे 800 लोगो की मृत्यु हुई |

10)मई -जून 1965 मे भारत व बांग्लादेश मे आए चक्रवात से दोनो देशो मे लगभग 88000 लोगो के मौत हुई |

11) 11-1-1966 को रियो दे जेनरिओ ब्राज़ील मे भू स्खलन से 550 लोगो की मौत हुई |

12) 28-7-1976 को चीन मे आए भयंकर भूकंप से 7 लाख 50 हज़ार लोगो की मृत्यु हुई |

13) 12-8-1976 को फिलिस्तीन मे 2000 लोगो की हत्या कर दी गयी |

14) 17-8-1976 को फिलिस्तीन मे भूकंप से 8000 लोगो की मौत हुई |

15) 4-3-1977 को रोमानिया मे भूकंप से 1541 लोगो की मौत हुई |

16) 27-3-1977 को टेनिराइफ विमान  दुर्घटना मे 585 लोगो की मौत हुई |

17) जून- जुलाई 1988 को अमरीका मे भयंकर गर्मी से 10000 लोगो की मौत  हुई |

18) 8-8-1988 को रंगून मे गोलीबारी 10000 विद्यार्थियो की मौत हुई |

19) 8-11-1988 को चीन मे भूकंप से 900 लोगो की मौत हुई |

20) 7-12-1988 को आर्मेनिया मे भूकंप से 60000 लोगो की मृत्यु हुई |

21) 27-4-1989 को बांग्लादेश मे आए चक्रवात से 500 लोगो की मौत हुई |

22) 3-6-1989 को चीन मे 5000 विद्यार्थियो के सेना द्वारा हत्या कर दी गयी |

23) 13-1-2001 को अल सल्वाडोर मे भूकंप से 850 लोगो की मौत हुई |

24) 26-1-2001 को भारत गुजरात मे आए भूकंप से लगभग 20000 लोगो की मौत हुई |

उक्त सभी दुर्घटनाए गुरु ग्रह के वृष राशि मे होने से ही नहीं मानी जा सकती हैं परंतु इन सभी दुर्घटनाओ मे यह एक समानता तो मिलती ही हैं |मैंने इसके कई ओर साक्ष भी एकत्रित किए हैं जिनसे कई अन्य जानकारिया भी मिलती हैं जिनमे प्रमुख बाते निम्न हैं|
इनमे से अधिकतर दुर्घटनाओ के समय गुरु का गोचर कृतिका व रोहिणी नक्षत्र पर था|

गुरु ग्रह 8 बार वक्री तथा 1 बार अस्त था,मंगल ग्रह 3 बार वक्री तथा शनिग्रह 9 बार वक्री था |

मंगल ग्रह मीन राशि मे 8 बार तथा सिंह राशि मे 6 बार था |
शनि ग्रह वृष व कर्क राशि मे 7-7 बार तथा धनु राशि मे 5 बार था |

राहू 5 बार कुम्भ व तुला राशि मे तथा सिंह राशि मे 4 बार था |
गुरु मंगल मे 3-11 का संबंध 8 बार तथा 4-10 का संबंध 7 बार था |

गुरु शनि का 3-11 का संबंध 7 बार तथा 6-8 का संबंध 6 बार था | गुरु राहू का 4-10 का संबंध 9 बार तथा 6-8 का संबंध 7 बार बना था |      

वर्तमान मे 17-5-2012 से गुरु ग्रह वृष राशि पर हैं जो की मई 2013 तक इसी राशि पर रहेगा इसी दौरान शनि ग्रह भी अपनी ऊंच राशि तुला मे 4 अगस्त 2012 मे प्रवेश करेंगे जिससे शुक्र ग्रह की दोनों राशि दो बड़े ग्रहो के प्रभाव मे आ जाएगी ओर शनि व गुरु मे 6-8 का अक्ष बन जाएगा |15 अगस्त से 27 सितंबर तक मंगल ग्रह भी तुला राशि मे प्रवेश कर जाएँगे जिससे इनका संबंध भी गुरु ग्रह से 6-8 का बन जाएगा | राहू 23 दिसंबर से तुला मे प्रवेश करेंगे तब शनि राहू की युति तुला राशि मे बनेगी तथा गुरु शनि राहू का संबंध 6-8 का हो जाएगा |

इस प्रकार कहाँ जा सकता हैं की आने वाले कुछ महीने किसी भयंकर आपदा व जनहानी की ओर संकेत दे रहे हैं वैसे भी 21-12-2012 को माया सभ्यता के अनुसार कहे तो दुनिया समाप्त होने को हैं |

गुरुवार, 28 जून 2012

सावन में शिव पूजा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सावन मास,सोमवार व कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी भगवान् शिव को अत्यंत प्रिय हैं ।गृहस्थ व्यक्ति को पांच देवताओ की पूजा नित्य करनी चाहिये जिनमे शिवजी का प्रमुख नाम हैं ।


आईये जानते हैं की शिवजी की सावन मास में कैसे पूजा करे ।


1)लक्ष्मी प्राप्ति हेतु भगवान् शिव की बिल्वपत्र,कमल,व शंख पूष्प के एक लाख पुष्पों  से  पूजा की जानी चाहिए।


2) भोग व मोक्ष प्राप्ति के लिए एक लाख तुलसी पत्रों से पूजा करनी चाहिए।


3) वाहन प्राप्ति हेतु चमेली के फूलो से पूजा करनी चाहिए।


4) शुभ लक्षणा पत्नी प्राप्ति हेतु बेला के फूल से पूजा करनी चाहिए।


5) पुत्र कामना हेतु लाल डंठल वाले धतूरे से पूजा करनी चाहिए।


6) वस्त्र प्राप्ति हेतु कनेर पुष्प से पूजा करनी चाहिए।


7) अन्न प्राप्ति हेतु जूही के पुष्पों से पूजा करनी चाहिए।


8) सुख सम्पति के लिए हर सिंगार के फूलो से पूजा करनी चाहिए।


9) दीर्घायु प्राप्ति के लिए दूर्बाओ द्वारा पूजा करनी चाहिए।


10) चंपा और केवड़े के फूलो से शिव की पूजा नहीं करनी चाहिए ।

मंगलवार, 26 जून 2012

देहरादून वाशियो  का  आभार व धन्यवाद 


देहरादून में लोगो ने हमें जो मान  सम्मान दिया हम उससे बेहद प्रसन्न हैं हमे अपने जन्मस्थान में जाकर वाकई  बड़ी ख़ुशी हुयी हम अपने ज्योतिष भाइयो विशेषकर राणाजी,ललित मोहन जोशी जी,पाठकजी ,कुश जी का शुक्रिया करते हैं जिन्होंने हमे यह सौभाग्य प्राप्ति का अवसर प्रदान किया ।........कोटि कोटि धन्यवाद । 

श्रीमाली जी की गलती...... हमे फ़ोन ना करे |


आज सुबह "सब"टीवी पर ग्रहों का खेल कार्यक्रम में सुरेश श्रीमाली जी ने एक कुंडली का गलत विश्लेषण कर दिया जिस कारण ज्योतिशियो ने हमे फ़ोन करना शुरू कर दिया, हम यह नहीं समझ पा रहे हैं की इसमें हमे फ़ोन क्यों किया जा रहा हैं ।

हमने जब उस पत्रिका को देखा जो की 23-2-1956 की मध्यरात्रि की थी जिसमे इस जातक के बेटे ने उन्हें  उनके कारोबार(वेल्डिंग का कार्य) से हटा कर किराये के घर में रहने को मजबूर कर दिया तथा इनका दामाद भी इन्हें इनकी बेटी से मिलने नहीं देता अब यह जातक बहुत मुसीबत में हैं और इन्होने श्रीमाली जी से समाधान माँगा था ।

कुंडली में ग्रह  इस प्रकार से हैं--वृश्चिक लग्न लग्न में शनि व राहू,दुसरे भाव में मंगल,तीसरे में बुध,चोथे में सूर्य(मध्य रात्रि का जन्म और बुध सूर्य से ज्यादा दूर नहीं हो सकता हैं )शुक्र उंच का होकर पंचम भाव में,सप्तम में केतु,अष्टम में चन्द्र,तथा दशम में गुरु हैं ।
  
श्रीमाली जी ने इन्हें अपने अनुसार सब ठीक बताया था परन्तु वह पंचमेश को नीच राशी का तीसरे भाव में बता गए जबकि जातक का पंचमेश गुरु दशम भाव में होकर संतान द्वारा उनकी कार्य क्षेत्र पर होना दर्शा रहा था
श्रीमालीजी यह भी बोले की अभी एक साल तक स्थिति यही रहेगी जो की बिलकुल सही आंकलन था ।यह हो सकता हैं की भूलवश ऐसा हुआ हो परन्तु इसमें हम कहाँ आते हैं हमे नहीं पता  कृपया कर हमे फ़ोन ना करे । 

सोमवार, 18 जून 2012

आप सभी को यह सुचना देते हुए हमें बड़ी प्रसन्नता हो रही हैं हम 20-21 जून को देहरादून अपने मित्र राना जी के ज्योतिषीय समाधान शिविर में रहेंगे यदि आप में से कोई या उनके रिश्तेदार,मित्रगण हमसे मिलना चाहे तो हमें शगुन बैंकट हॉल सहस्त्रधारा देहरादून में इन 2 दिनों में मिल सकता हैं हमारा फ़ोन नंबर 09540715969 ,9412018457 हैं । हम 22-23 को रूड़की में रहेंगे वहां भी हमें कोई मिलना चाहे तो संपर्क कर सकता हैं ।

गुरुवार, 7 जून 2012

सभी को नमस्कार ,
आप सभी से बहुत समय बाद मिलना हो रहा हैं आशा हैं हमारे सभी पाठक कुशलता से होंगे आज से अगले तीन दिनों के लिए हम कोटा राजस्थान में रहेंगे यदि कोई हमसे मिलना चाहे तो हमें अवश्य मिल सकता हैं हम वहां ज्योतिष सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं वहां निशुल्क  समाधान भी करेंगे