बुधवार, 19 दिसंबर 2018

विवाह के समय चन्द्र गोचर



जिस समय जातक का विवाह हो रहा हो अर्थात जब पाणिग्रहण संस्कार हो रहा हो उस समय चन्द्र का गोचर भावी वैवाहिक जीवन मे कैसा प्रभाव देता हैं | हमने अपने इस लेख मे यह बताने का प्रयास किया हैं |

चंद्रमा यदि प्रथम भाव में हो तो धन संपत्ति ढ़ाता है |

दूसरे भाव में होने पर मानसिक संतुष्टि देता है |

तीसरे भाव में धन प्रदान करता हैं |

चतुर्थ भाव में लड़ाई करवाता हैं |

पंचम भाव में ज्ञान का आदान-प्रदान करवाता हैं |

छठे भाव में भौतिक वस्तुओं के द्वारा लाभ प्रदान करता हैं |

सप्तम भाव में होने से प्रसिद्धि देता हैं |

अष्टम भाव में होने से मृत्यु तुल्य कष्ट देता है |

नवे भाव में होने से धार्मिक रूप से तरक्की करवाता हैं |

दसवें भाव में होने से समस्त इच्छाओं की पूर्ति करवाता हैं |

ग्यारहवे भाव में होने से विवाह द्वारा लाभ प्राप्त करवाता हैं

बारहवे भाव में होने से विवाह द्वारा नुकसान देता है |

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