गुरुवार, 21 सितंबर 2023

नाड़ी ज्योतिष पर ए वी सुंदरम के विचार

इंडियन कांउसिंल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साईसेंस के संयुक्त सचिव श्री ए वी सुंदरम इंटरनेशनल वास्तु एकेडमी जयपुर मे नाड़ी ज्योतिष पर निम्न विचार रखे | वैदिक मे ज्योतिष मे ग्रहो का प्रभाव पूर्वजन्मो के कर्मो पर आधारित होता है,राशि का 150 वां हिस्सा नाड़ी होती है,नाड़ी ज्योतिष मे ग्रहो की कोणीय दूरी और गति का अत्यंत महत्व है इसलिये वक्री ग्रहों का भी अलग महत्व होता है वे अपनी पिछली राशि का फल भी देते है ।

नाड़ी ज्योतिष मे पुर्नजन्म का सिद्धान्त माना जाता हैं,आत्मा अमर है वही नये शरीर के माध्यम से पुनर्जन्म लेती है । नाड़ी ज्योतिष मे ग्रह कारकत्व अत्यन्त महत्वपूर्ण है ।

नाड़ी ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा तथा बृहस्पति जीव है तथा शनि कर्म के ग्रह है । यदि जीव कारक बृहस्पति और कर्मकारक शनि त्रिकोण मे हो तो वह सुखी जीवन का प्रतीक है । शनि पापी या निष्ठुर नही है अतः वो हमसे वो सब छीन लेते है जिसके हम हकदार नही होते है ।

नाड़ी ज्योंतिष मे जातक का नाम का अक्षर या घर की दिशा भी बताना संभव है क्यूंकी जीवकारक बृहस्पति को जो ग्रह प्रभावित करते है,नाम का अक्षर उसके ही अनुरूप होता हैं |

श्री सुंदरम ने कहा कि उनकी कुंडली मे गुरू को केतु प्रभावित करते है,केतु ध्वजा कारक है । अतः केतु शनि का सम्मिलित प्रभाव हनुमान जी मे है यह उनके नाम की व्याख्या करता है |

जिस राशि मे राहू होते है उस राशि की दिशा मे घर का मुख्य द्वार होता है तथा राहू से 12 वें भाव मे जो राशि होती हैं उसके आधार पर घर के मुख की दिशा ज्ञात की जा सकती हैं |

यदि जन्मपत्री मे बुध अकेला हो तो व्यक्ति किसी की अधिक चतुरता अथवा ठगी का शिकार अवश्य होगा |

यदि शनि के दोनो ओर ग्रह नही हैं और सप्तम भाव मे भी कोई ग्रह ना हो तो व्यक्ति की नौकरी या कार्य स्थिर नही रहते है ।

जिस जन्मपत्रिका मे लग्न या सप्तम भाव मे राहू/केतु हो वह अपने पूर्वजों से बहुत कुछ लाते है या पितरों से प्रभावित होते है ।

यदि मंगल से त्रिकोण मे केतु हो तो यह पति के विवाहेतर संबंधों का संकेत है ।

पूर्वजन्म का संकेत नवम भाव से मिलता हैं नवम से दशम अर्थात पूर्व जन्म के कर्म का भाव छठा भी है इसलिये छठा भाव अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं |

नाड़ी ज्योतिष मे त्रिकोण भाव विशेषतः महत्वपूर्ण है । यदि त्रिकोणों मे अधिक ग्रह हो तो संघर्ष अधिक होगा यदि ग्रहों का योग केन्द्र या 2, 3, 11 भावो मे हो तो जातक को मेहनत के अनुसार फल प्राप्त होगे |

पूर्व जन्म के कर्मो को फलित करने वाला ग्रह शनि है तथा पूर्वजन्म के फलों को देने वाला ग्रह चन्द्रमा है ।

समुद्र मंथन के समय देवता अमृत बांटने को तैयार नही थे |

देवताओं के प्रतिनिधि देव गुरू बृहस्पति है |

लग्न मे बैठे गुरू कुछ हद तक स्वार्थी बना देते है ।

लग्न, पंचम एवं नवम के गुरू पुत्र शोक देते है ।

असुर गुरू शुक्र बांट कर खाने की प्रेरणा देते है । 

 

सोमवार, 18 सितंबर 2023

बूढ़े होते शाहरुख की जवान


जब आपके घर की फिल्म हो और आपका ही पैसा उसमे लगा हो और आप उसमें हीरो भी हो तो आप जो चाहे वह दिखा सकते हैं शाहरुख खान द्वारा प्रदर्शित और अभिनीत फिल्म “जवान” को देखकर ऐसा शतप्रतिशत कहा जा सकता है इससे पहले शाहरुख खान की फिल्म “पठान” में भी ऐसा ही था जिसमें उन्होंने 225 करोड़ लगाए थे तथा अब प्रदर्शित फिल्म “जवान” का बजट जो कि 300 करोड़ बताया जा रहा है उसमे देख कर ही समझ में आ जाता है कि पैसा किस कदर बहाया गया है | दक्षिण भारत के युवा डायरेक्टर एटली द्वारा निर्देशित जवान को देखकर यह स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है कि यह फिल्म पूरी तरह से शाहरुख की अपनी फिल्म है इसमें बाकी सब किरदार उनके सामने बौने नजर आते है |

फिल्म की कहानी मे कुछ भी नयापन ना होने के कारण बेकार है परंतु स्क्रीनप्ले तथा बीजीएम जबरदस्त है तथा एक्शन सीन देखने लायक हैं,ना तो फिल्म का संगीत अच्छा है और ना ही फिल्म की कास्टिंग सही प्रकार से की गई है,राधिका मदान जैसी कम उम्र की लड़की को शाहरुख खान को पालने वाली कावेरी अम्मा के रूप में दिखाया जाना तथा सुनील ग्रोवर को बिना वर्दी के पुलिस के किरदार में दिखाना बहुत ही बचकाना लगता है |

फिल्म की कहानी कई फिल्मों की मिली जुली कहानी है जिनमें दक्षिण भारत के अभिनेता अजीत की कहानी के कुछ अंश,कमांडो 3 फिल्म के कुछ अंश,नेटफ्लिक्स के मनी हाइस्ट नामक सीरियल के कुछ अंश,बाहुबली फिल्म के कुछ सींस तथा जॉन अब्राहम द्वारा अभिनीत फिल्म सत्यमेव जयते फिल्म के अंश व सीन हूबहू चुराए हुए नजर आते हैं |

डायरेक्टर एटली ने शाहरुख खान को महामानव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी परंतु वह अच्छी व मौलिक कहानी के अभाव के चलते फिल्म को दिमाग वाले दर्शकों से बांधने में कामयाब नजर नहीं आते है,क्योंकि इस फिल्म के लेखक भी स्वयं एटली ही है वह इस फिल्म को एक बेहतरीन कहानी के रूप में काफी जबरदस्त तरीके से बांध सकते थे अथवा बना सकते थे | देश के भ्रष्ट सिस्टम को दिखाने में उन्होंने जो जल्दबाजी दिखाई है उसने वह कहीं मुद्दों पर चुकते हुए नजर आते हैं ऐसा लगता है जैसे उन्हें शाहरुख ने जो कहा उन्होंने उसी को कहानी बनाकर पेश कर दिया है क्योंकि पैसा तो शाहरुख का लग ही रहा था जिसे शाहरुख ने पानी की तरह बहाया भी है स्पष्ट रूप से नजर आता है कि जहां लाखों का काम होना था वहां शाहरुख खान ने करोड़ों रुपए खर्च करे हैं इसमें कोई दो राय नहीं की शाहरुख एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ चतुर व्यापारी भी हैं वह भली-भांति जानते हैं कि दर्शक उनसे क्या उम्मीद रखते हैं और दर्शकों को क्या दिखाया जाना चाहिए यहां रामगोपाल वर्मा के एक कथन जिसमें वह कहते हैं कि वह शाहरुख को कभी डायरेक्ट नहीं कर सकते क्यूंकी शाहरुख एक पैकेज है जो उनकी जैसी फिल्मों में ढल नहीं पाते हैं शाहरुख के सिनेमा में लार्जर थन लाइफ की इमेज,अच्छा संगीत,अच्छी हीरोइन,अच्छा विलन हो तभी वह बेहतरीन फिल्म दे पाते हैं वरना उनकी इन सब के अभाव में बनी कोई भी फिल्म का जिक्र तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में नहीं होता | मैं व्यक्तिगत रूप से शाहरुख की दो ही फिल्मों को पसंद करता हूं जिनमे परदेश तथा स्वदेश नामक फिल्म है |

फिल्म में कहीं प्रकार के झोल नजर आते हैं,फिल्म के आरंभ में ही दिखाया जाता है कि शाहरुख को बचाने वाले लोगों को जब बाहरी लोग मारने आते हैं और वह कहते हैं कि भगवान हमें बचाओ तो शाहरुख मरणासन्न अवस्था से उठकर उन व्यक्तियों को मारने लग जाते हैं जो उनको बचाने वालों को मारने आए थे यहां तक तो फिर भी ठीक था जब उन सब को शाहरुख मार देते हैं और लोग उन्हें देवता समझने लगते हैं तब वह डायलॉग मारते हैं कि मैं कौन हूं यानी जो व्यक्ति यह नहीं जानता कि वह कौन है और मरण अवस्था में पड़ा है परंतु वह जानता है कि उसको किसको मारना है और कैसे मारना है | खैर फिल्म शाहरुख की है तो कुछ भी संभव हो सकता है |

फिल्म की मुख्य अभिनेत्री जो पुलिस में है {कैसे और क्यों है यह नहीं बताया गया है} शादी से पहले मां बन जाती है तथा उसका एक ही काम है कि उससे विलेन बने शाहरुख जो भी डिमांड करते हैं वह उन्हें सरकार के बीच में लाकर पूरा करने का काम करती है कोई इफ और बट की गुंजाइश नहीं दिखती है,ऐसा लग रहा है कि उन्हें शाहरुख की डिमांड पूरी करने के लिए ही रखा गया है इसमें पुलिस अथवा सरकार का कोई दखल नहीं होगा क्योंकि पैसे तो फिल्म में हमने ही लगाया है और हम ही हीरो हैं | अभिनेत्री को सिर्फ शाहरुख का प्रेम प्रसंग दर्शाने के लिए रखा गया है तथा जिस प्रकार से उसे प्रजेंट किया गया है देखकर हंसी ही आती है|

मुंबई मेट्रो वाले सीन में सभी लोगों को नकाब पहनाने वाला सीन मनी हाइस्ट नामक सीरियल से ज्यों का त्यों चुराया गया है, पैसा चुराकर किसानों में बांटा जाना कमांडो 3 फिल्म से चुराया गया है,वही फौज में नकली हथियारों का होना दक्षिण भारत की अजीत द्वारा अभिनीत एक फिल्म जिसमें उन्होंने फौज में दिए गए नकली जैकेट का जिक्र किया है उससे प्रेरित माना जा सकता है, निदेशक एटली और शाहरुख दोनों अगर फौज के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी रखते तो उन्हें पता होता कि फौज में कोई भी हथियार बिना टेस्टिंग के नहीं रखा जाता यहां दिखाया गया है कि फौजियों को खतरनाक मिशन में भेजने से पहले नकली बंदूकें दी गई है उसमें भी पेच यह है कि शाहरुख के साथियों की बंदूक नकली होकर नहीं चल रही परंतु शाहरुख की बंदूक चल रही होती है |

क्योंकि यह मसाला फिल्म है शाहरुख की अपने घर की फिल्म है तो वह जो भी कचरा चाहे परोस सकते हैं |शाहरुख महिला कैदियो के जेलर बने हैं जो ये भी नहीं जानते की मर्सिडीस गाड़ी की ब्याज दर ट्रेक्टर की ब्याज दर से कम क्यू होती हैं जो कि आज की तारीख मे एक सातवी का बच्चा भी जानता हैं | अपनी महिला कैदियों के साथ “जिंदा बंदा” नामक गाना गाते हैं तथा 6 लड़कियों की टीम बनाकर देश से भ्रष्टाचार मुक्त करने की कोशिश करते हैं | आम आदमी पार्टी के नेताओ द्वारा कहे भाषण को भी इसमे दिखाया गया हैं |

विलेन के रूप में विजय सेतु का काम तारीफ के लायक है परंतु उनका दक्षिण भारतीय स्टाइल में हिंदी बोलना अच्छा नहीं लगता तथा कई बार अखरता भी हैं | उनका गेट अप सफ़ेद दाढ़ी वाला दिखाया जाना समझ मे नहीं आता फिल्म मे उनका नाम काली मोदी अथवा अडानी को दर्शाने या जतलाने का प्रयास करता हुआ दिखता हैं |

कुल मिलाकर कह सकते हैं की भारत जैसे देश मे अगर आपके पास पैसा हैं तो आप कुछ भी दिखा सकते व बेच सकते हैं | शाहरुख ने इस फिल्म मे ये प्रूफ करके दिखा भी दिया हैं जहां तक फिल्म के कमाई की बात हैं तो बेहतरीन पीआर के चलते आप इस फिल्म को एक सप्ताह तो चलाकर दिखा सकते हैं उसके बाद तो सबको पता चल ही जाएगा की कितनी कमाई हुई हैं,बताया जा रहा हैं की इस फिल्म ने पहले सप्ताह मे करीब 400 करोड़ कमा लिए हैं जिसमे से 300 करोड़ तो इसकी लागत ही हैं |   

शीघ्र विवाह के उपाय


हमारे भारत के ज्योतिष शास्त्र में मनुष्य की हर एक समस्या का समाधान निहित है ! प्रस्तुत लेख मे यहाँ हम जातकों के शीघ्र शादी-विवाह के लिए कुछ उपाय प्रेषित कर रहे हैं | हमें आशा हैं हमारे पाठक इनसे लाभान्वित होंगे | 

1- शीघ्र विवाह के उपाय के लिए जातकों को अपने शरीर पर पीले वस्त्र धारण करना चाहिए !

2- प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती से अर्गलास्तोत्रम् का पाठ करने से अविवाहित जातकों का शीघ्र विवाह होता है !

3- वास्तु यंत्र की पूजा करना भी लाभप्रद रहता है !

4- यदि कोई वर किसी कन्या को शादी के लिए देखने जा रहा है तब उनको गुड़ खाकर घर से निकलना चाहिए! इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं !

5- शीघ्र शादी के उपाय के तौर पर गणेश जी की आराधना करनी चाहिए और उन्हें लड्डुओं का भोग भी लगाएँ! ऐसा करने से अविवाहित पुरुषों की शादी में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं, जबकि कन्याओं को गणपति महाराज को मालपुए का भोग लगाना चाहिए !

6- शीघ्र विवाह के लिए पूजा स्थल पर नवग्रह यंत्र स्थापित कर पूजा करना चाहिए !

7- प्रत्येक गुरुवार को पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें, इससे विवाह शीघ्र होने के योग बनते हैं !

8- भोजन में केसर का सेवन करना चाहिए, ऐसा करने से शीघ्र शादी होने की संभावनाएँ बनती हैं !

9- अपने से बड़े लोगों का हमेशा सम्मान करें, ऐसा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है !

10- ओपल रत्न धारण करने पर भी लाभ मिल सकता है !

11-गुरुवार को केले के वृ्क्ष के सामने शुद्ध देशी घी का दीपक जलाएँ और गुरु (बृहस्पति) के 108 नामों का उच्चारण करें, ऐसा करने से जातकों का विवाह शीघ्र होता है !

12- जल में बड़ी इलायची डालकर उसे उबालें,फिर इस जल को स्नान के पानी में मिलाएँ ! इसके बाद इस पानी से स्नान करें ! इस उपाय से शुक्र के दोषों का निवारण होता है !

13- गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें !

14- गुरुवार के दिन आटे के दो पेडों पर थोडी-सी हल्दी लगाकर, थोड़ा गुड़ और चने की दाल गाय को खिलाएं ! इससे विवाह का योग शीघ्र बनता है !

15- विवाह योग्य कन्या गुरुवार के दिन तकिए के नीचे हल्दी की गांठ को पीले वस्त्र में लपेट कर रखें! ऐसा करने से शीघ्र हाथ पीले होने के शुभ योग बनते हैं !

16- विवाह योग्य लड़कों को विभिन्न रंगों से स्त्रियों का चित्र एवं कन्याओं को लाल रंग से पुरुषों की तस्वीर सफ़ेद कागज़ पर प्रतिदिन तीन महीने तक बनानी चाहिए !

17- यदि लड़के के विवाह में देरी हो रही हो तो मिट्टी के कुल्हड़ में मशरूम भर कर किसी भी मंदिर में दान करें ! इससे लड़के का विवाह शीघ्र हो जायेगा !

18- शुक्रवार के दिन सूर्यास्त से पूर्व विवाह शीघ्र होने की ईश्वर से प्रार्थना करें और फिर रसोई घर में बैठकर भोजन ग्रहण करें !

19- विवाह के योग्य जातक अपने पलंग (बेड) के नीचे लोहे की वस्तुएँ एवं कबाड़ आदि कुछ भी न रखें !

20- पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करने से अविवाहित जातकों की विवाह की इच्छा पूरी होती है ! यह शीघ्र विवाह का अच्छा उपाय माना जाता है !

21- यदि अविवाहित कन्या किसी अन्य कन्या की शादी में जाए और वहाँ दुल्हन के हाथों से अपने हाथ में मेहंदी लगवा ले तब इससे उसकी शीघ्र शादी की संभावनाएँ बनती हैं !

22- शिव-पार्वती जी का पूजन करने से विवाह की मनोकामना पूरी हो जाती है ! इसलिए अविवाहित जातकों को शिवलिंग का कच्चे गाय के दूध से अभिषेक करना चाहिए एवं बेल पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि से विधिवत पूजा करनी चाहिए !

23- सोमवार के दिन चने की दाल एवं कच्चे दूध का दान करें और यह प्रयोग तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि जातक का विवाह न हो जाए !

24- मांगलिक लोगों के लिए शादी के उपाय :

प्रत्येक मंगलवार को मंगल-चण्डिका स्त्रोत्र का पाठ करें !

शनिवार को सुन्दर काण्ड का पाठ करें !

मांगलिक लड़के मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएँ !

मांगलिक लड़के/लड़की अपने कमरे के दरवाजे को लाल/गुलाबी रंग से रंगें !

25- शीघ्र विवाह हेतु मंत्र -

"पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणिम् !

तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम !!"

यह मंत्र दुर्गा सप्तशती से उद्घृत है !

26- शादी की कामना करने वाले पुरुष जातकों को स्नान आदि के बाद 11 बार ॐ गं गणपतै नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए ! इससे विवाह मे आ रही रुकावट स्वत: हट जाती हैं |

ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा”!

इस मंत्र को जपने से पहले बुधवार के दिन पीतल से बनी गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर पंचोपचार विधि से पूजन करें ! उसके बाद 21 बार इस मंत्र का जाप करें और जाप के बाद पंचामृत को पीपल के पेड़ में चढ़ाएँ ! यह शीघ्र शादी होने का महत्वपूर्झ उपाय है !

27- मंगलवार के दिन लक्ष्मी - नारायण की प्रतिमा को घर में स्थापित करें उसके बाद पंचोपचार विधि से पूजन के उपरांत इस मंत्र का 21 बार जाप करें !

28- “ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः”!

सोमवार को शिव मंदिर में पाँच नारियल चढ़ाएँ और इस मंत्र की 5 बार माला फेरें ! यह मंत्र विशेष रूप से कन्याओं के लिए है !

29- “क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”!

उक्त मंत्र का 108 बार जाप करने से अविवाहित कन्या अथवा वर का शीघ्र विवाह संपन्न हो जाता है ! इस मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है !

30- “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम:”!

प्रत्येक गुरुवार के दिन इस मंत्र को उच्चारित करते हुए पाँच माला फेरें (108x5 बार जाप करें ) ! इससे अविवाहित जातकों का विवाह शीघ्र होता है !

31- शीघ्र विवाह हेतु व्रत -

वैदिक ज्योतिष और हिंदू धर्म में शीघ्र विवाह के कई उपाय बताये गये हैं ! विवाह योग्य जातक व्रत रखकर और ईश्वर भक्ति करके भी अपनी शादी की मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं ! वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए निम्न व्रत बताए गए हैं :

बृहस्पतिवार व्रत: शीघ्र विवाह के उपाय के तौर पर बृहस्पतिवार (गुरुवार) के दिन व्रत रखने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं ! विशेषकर स्त्रियों के लिए यह व्रत शुभ फलदायी माना गया है ! इस व्रत को धारण करने से मन की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं ! इस व्रत को विवाह योग्य वर अथवा कन्या अपने शीघ्र विवाह के लिए रखते हैं !

सोलह सोमवार व्रत:सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और यह जल्दी शादी होने का अचूक उपाय माना जाता है ! ऐसा कहा जाता है कि सोलह सोमवार का व्रत पूरे विधि विधान के साथ करने से सारी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं ! अतः विवाह योग्य जातक इस व्रत का पालन कर अपनी विवाह की इच्छा पूर्ण कर सकते हैं !

वैभव लक्ष्मी व्रत:शीघ्र विवाह के उपाय के तहत वैभव लक्ष्मी व्रत सोमवार को रखा जाता है ! इस व्रत को स्त्री-पुरुष दोनों ही कर सकते हैं ! इससे घर में माँ लक्ष्मी जी का वास होता है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है ! अविवाहित कन्या अथवा वर इस व्रत का पालन कर माँ लक्ष्मी से अपने लिए जीवनसाथी का वरदान मांग सकते हैं !

 

रविवार, 17 सितंबर 2023

संक्रान्ति का दान कब करे |


सूर्य जिस राशि में गोचर में स्थित हों जब उसे छोड़कर अगली राशि में प्रवेश करते हैं तब उस संक्रमण काल को संक्रान्ति कहते हैं

रवेः संक्रमणं राशौ संक्रान्तिरिति कथ्यते !

ऐसी बारह संक्रान्तियों में मकरादि छः और कर्कादि छ: राशियों के भोगकाल में क्रमशः उत्तरायण और दक्षिणायण यह दो अयन आते हैं

कर कर्कट संक्रान्तिः क्रमेणो उत्तरायणं दक्षिणायणं स्यात् !

इसके अतिरिक्त मेष और तुला की संक्रान्ति को 'विषुवत्' !

वृष, सिंह, वृश्चिक और कुम्भ को 'विष्णुपदी' और मिथुन, कन्या, धनु एवं मीन को षडशीत्यानन' संक्रान्ति कहते हैं

अयने द्वे विषुवती चतस्रः षडशीतयः !

चतस्रो विष्णुपद्यश्च संक्रान्त्यो द्वादश स्मृताः !!

संक्रान्ति के समय व्रत-दान और जप आदि करने के सम्बन्ध में 'हेमाद्रि'' के मतानुसार संक्रमण काल से पहले और बाद की 15-15 घड़ियाँ पुण्यकाल होती हैं

धः पञ्चदश ऊर्ध्वं च पञ्चदशेति

इसी प्रकार 'बृहस्पति' के मत से दक्षिणायण के पहले और उत्तरायण के बाद की 20-20 घड़ियाँ पुण्यकाल के रूप में मान्य हैं

दक्षिणायने विंशतिः पूर्वा मकरे विंशतिः परा !

'देवल' के मत से पहले और बाद की 30-30 घड़ियाँ पुण्यकाल कहलाती हैं

संक्रान्तिसमयः सूक्ष्मो दुर्जेयः पिशितेक्षणैः !

*तद्योगाच्चाप्यधश्चोर्ध्वं त्रिंशत्राड्यः पवित्रिताः!

इनमें वसिष्ठ' के मत से 'विषुव' के मध्य की, विष्णुपदी और दक्षिणायण के पहले की तथा षडशीतिमुख और उत्तरायण के बाद की उपर्युक्त घड़ियाँ पुण्य काल की होती हैं

मध्ये तु विषुवे पुण्यं प्राग्विष्णौ दक्षिणायने!

षडशीतिमुखेऽतीते अतीते चोत्तरायणे !! (वसिष्ठ)*

वैसे सामान्य मत से सभी संक्रान्तियों की 16-16 घड़ियाँ अधिक फलदायक होती हैं

अर्वाक् षोडश विज्ञेया नाड्यः पश्चाच्च षोडश !

कालः पुण्योऽर्कसंक्रान्तेः !!......(शातातप) !!

यह विशेषता है कि दिन में संक्रान्ति प्रारम्भ हो तब पूरा दिन, अर्धरात्रि से पहले हो तब उस दिन का उत्तरार्द्ध, अर्द्ध रात्रि से बाद हो तब अगले दिन का पूर्वार्ध पुण्य काल होता है

ह्नि संक्रमणे पुण्यमहः सर्वं प्रकीर्तितम् !

रात्रौ संक्रमणे पुण्यं दिनार्धं स्नानदानयोः !!

अर्धरात्रादधस्तस्मिन् मध्याह्नस्योपरि क्रिया !

ऊर्ध्वं संक्रमणे चोर्ध्वमुदयात्प्रहरद्वयम् !!  (वसिष्ठ)

जबकि  ठीक अर्धरात्रि में संक्रान्ति प्रारम्भ हो तब पहले और बाद के तीन-तीन प्रहर और उसी समय अयन का भी परिवर्तन हो तब तीन-तीन दिन पुण्यकाल के होते हैं

"पूर्णे चैवार्धरात्रे तु यदा संक्रमते रविः !

तदा दिनत्रयं पुण्यं मुक्त्वा मकरकर्कटौ !! (ज्योतिर्वसिष्ठ)

उस समय दान देने में भी यह विशेषता है कि अयन अथवा संक्रमण-समय का दान उनके आदि में और दोनों ग्रहण तथा षडशीतिमुख के निमित्त का दान अन्त में देना चाहिये !

सूर्य दिनांक 17.09.2023 को 13.43 बजे सिंह राशि छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश कर गये हैं, अतः अब कन्या संक्रान्ति प्रारम्भ हो चुकी है जो 18.10.23 को 01.42 तक प्रचलित रहेगी |

 

 

मंगलवार, 12 सितंबर 2023

केदार नामक नाभास योग और मोदी



केदार योग - 

यदि किसी जातक की जन्मपत्री में (राहु केतु को छोड़कर) चार स्थानों में ही सभी ग्रह स्थित हो गए हों तो "केदार" नाम का योग बनता है ! जिसे नाभास योग मे रखा गया हैं | 

जिस जातक की कुण्डली में यह योग होता है, वह खेती किसानी का काम करने वालों की सहायता करने वाला, बहुत मेहनती, अनुशासनप्रिय, बहुत साहसी, मशहूर, धर्मपरायण, अपने कृत्य से मनुष्यों का पालन करने वाला, आलस न करनेवाला, धनवान्, श्रेष्ठ - पुरुष, भाग्यवान्, सत्यवादी और बंधु-बांधओं और अपने कौम का नाम रोशन करने वाला व्यक्ति होता है ! वह अपने परिश्रम के बल से सत्ता के उच्च शिखर तक पहुँच सकता है और सच्चे राष्ट्रभक्त की तरह देश की सेवा एवं जनता की सेवा में अपना जीवन खपा देता है ! ऐसे साहसी, कर्मठ और कर्त्तव्यनिष्ठ विरले व्यक्ति ही होते हैं !

इस योग की विशेषताए जो ऊपर दी गयी है, भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से शत प्रतिशत मेल खाती है !