बुधवार, 29 मई 2019

जून 2019 माह का राशिफल


जून 2019 राशिफल व उपाय-1 --- https://youtu.be/YPSyU7iJKU0

जून 2019 राशिफल व उपाय-2 --- https://youtu.be/QT4gdb_GAug


जून 2019 राशिफल व उपाय-3 --- https://youtu.be/MfiypENgId
1)मेष राशि - यह महीना जीवन का संघर्ष बढ़ाने वाला है,कामकाज में परेशानी के अतिरिक्त निजी जीवन में भी तनाव रहेगा,सूर्य जब मिथुन राशि में आएंगे तो प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी और जीवन में घात प्रतिघात देखना पड़ सकता है,धन की उपलब्धि बड़ी रहेगी परंतु धन का रोक पाना मुश्किल होगा,पहला सप्ताह कमजोर है तथा दूसरा सप्ताह कुछ समस्याएं रहेंगी,महीने का अंतिम सप्ताह सावधानी रखने वाला होगा अन्यथा कोई विवाद होगा,यात्राएं बहुत होंगी,दोस्तों से लाभ मिलेगा,समस्याओं को निपटने के लिए वार्ता कौशल की आवश्यकता होगी,बाहर के शहरों से व्यवसाय में या विदेश व्यापार में खर्च बढ़ रहा है,मित्र और सहयोगीयों से आपको बनाकर रखनी होगी अन्यथा कुछ दोस्त किनारा कर सकते हैं |
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महीना ठीक रहेगा संधिवात की परेशानी तथा इन्फेक्शन वाले रोग हो सकते हैं जो पाचन तंत्र को परेशान करेंगे |
उपाय - 9 मजदूरों को कुछ ना कुछ भोजन कराएं तथा किसी मंदिर मे लगे पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं


2)वृषभ राशि - राशि से दूसरे और आठवे भाव में अधिकांश ग्रहों की उपस्थिति किसी कठिन घटना का संकेत दे रही है जिससे संतान की चिंता लगी रहेगी तथा कुटुंब परिवार में कोई ना कोई परेशानी अवश्य आएगी,राशि पर बृहस्पति की दृष्टि स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा तो दे रही है भाई बहनों के लिए यह महीना अच्छा रहेगा,पहले सप्ताह दैनिक आय बढ़ने की योग है,दूसरे सप्ताह विवादों से बचना अच्छा रहेगा अन्यथा संतान के व्यवसाय पर दबाव बन सकता है,राशि से पंचम भाव पर मंगल और शनि की दृष्टि थोड़ी कठिनाई अवश्य देगी,महीने के अंतिम दिनों में जब मंगल और बुध कर्क राशि में आएंगे समस्याएं सुलझने लगेंगी तथा आप की आर्थिक सुरक्षा और नियमित आय भी होने लगेगी,महीने का तीसरा सप्ताह  निर्वाह की दृष्टि से निर्णायक है कुछ नए संबंध बनेंगे,घर की आंतरिक समस्याओं को सतह पर ना आने देना ही बुद्धिमानी रहेगी,किसी भी प्रकार की शांति भंग का प्रयास ना करें |
स्वस्थ्य अनुसार देखे तो राशि से दूसरे और आठवें अक्ष पर अधिकतर ग्रह कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें अवश्य देंगे |
उपाय - राहु ग्रह की पूजा पाठ मंत्र इत्यादि करे तथा कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से पहले बड़ों बुजुर्गो की राय अवश्य लें |

3)मिथुन राशि - यह महीना बहुत ही अलग रहेगा इस महीने के मध्य में 6 ग्रह आपकी राशि के लग्न व सप्तम भाव को प्रभावित कर रहे हैं जिससे अत्याधिक सावधान रहकर चलना आवश्यक है वाहन आदि की  गति को नियंत्रित करके रखें,इस महीने बहुत से परिवर्तन तेजी से हो रहे हैं,निजी रिश्तों पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए,राशि स्वामी बुध राशि में ही है इसलिए आशंकाओं से डरने की आवश्यकता नहीं है प्रथम सप्ताह कोई लंबी यात्रा हो सकती है,दूसरे सप्ताह कर्जा लेने के योग बनेंगे नौकरी पेशा लोग सुरक्षित हैं परंतु व्यापार करने वालों को सावधानी रखनी चाहिए,तीसरी सप्ताह चिंता थोड़ी कम होगी खर्च अधिक चलेगा तथा भागदौड़ बनी रहेगी सगाई इत्यादि का संबंध टालने में ही भलाई है आपका निजी पराक्रम बढ़ेगा जिसे आप अपने काम के घंटे बढ़ा लेंगे जिस कारण आपके मित्र और सहयोगी नाराज हो सकते हैं और संबंध बिगड़ने का खतरा हो सकता है |
स्वास्थ्य की दृष्टि से इस महीने आप मानसिक रूप से अशांत रहेंगे तथा मन में पलायन के विचार आएंगे जीवनसाथी की कोई लंबी यात्रा होगी यदि आपकी उम्र ज्यादा है तो अस्पताल जाना पड़ सकता है |
उपाय - सूर्यास्त के बाद घी का दिया जलाएं तथा पत्नी का सम्मान और मदद करें |

4)कर्क राशि - इस महीने किसी न किसी विवाद को हवा मिलती दिख रही है लेन-देन के मामलों में थोड़ी सावधानी अपेक्षित है,मजबूरी में यात्राओं में खर्च होगा,मन में शांति रहेगी बाहरी लोगों से नया संपर्क जोखिम भरा हो सकता है आप अधिकतर काम स्वयं ही निपटाने का प्रयास करेंगे,गुप्त आय और गुप्त खर्च होने के योग बने हैं,पहले सप्ताह अचानक धन आएगा संतान संबंधी कामकाज में आबढ़ सकती है दूसरा सप्ताह भी ठीक ही रहेगा परंतु खर्चे बने रहेंगे नौकरी के लिए बाहर जाना पड़ सकता है विदेश व्यापार में सरकार आदि से मदद मिल सकती है,तीसरे सप्ताह बहुत खर्चे रहेगा अंतिम सप्ताह में लंबी यात्राएं होंगी, किसी भी प्रकार के कानूनी झमेले में ना पड़े और आगे बढ़े अच्छा रहेगा राशि में भ्रमण कर रहे बुध मंगल और बृहस्पति की दृष्टि यह बता रही है कि बिना किसी उचित सलाह के कोई काम ना करें मामा पक्ष की तरफ से कोई अप्रिय बात हो सकती है माता पिता से संबंध अच्छे रहेंगे किसी मामले में चर्चा अवश्य होगी आर्थिक लाभ भी होगा |
स्वस्थ्य आमतौर से ठीक रहेगा परंतु दूसरे सप्ताह वाहन की गति पर नियंत्रण रखें अन्यथा वाहन से कष्ट हो सकता है,आंखों की रोशनी से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं |
उपाय – कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सूर्यास्त के बाद ही लें तथा चमड़े का कोई सामान इस माह ना खरीदें |

5)सिंह राशि - राशि से 5वे व 11वे भावो पर ग्रहों का प्रभाव चल रहा है जो किसी घटना को जन्म देने वाला है इस समय आपको मानसिक रूप से मजबूत बनना पड़ेगा अन्यथा कुछ चीजें हाथ से निकल जाएंगी परंतु संतान से आपको सहयोग मिलेगा,बृहस्पति चाहते हैं कि आप अपनी मानसिक क्षमताओं की वृद्धि करें,व्यवसाय में ही नहीं निजी जीवन में भी अपनी क्षमताओं का विस्तार करें,पहले सप्ताह कार्य क्षेत्र में विस्तार होगा,दूसरे सप्ताह काम सफल होता नजर आ रहा है परंतु आपको साम दाम दंड भेद का इस्तेमाल करना पड़ेगा,आर्थिक लोगों का सहयोग तो मिलेगा परंतु किसी खास व्यक्ति का साथ छूट जाएगा,तीसरे सप्ताह अधिक काम के कारण आपकी आतो बढ़ जाएगी परंतु महीने के अंतिम भाग में लाभ प्राप्ति के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी आपके व्यक्तित्व में आशातीत वृद्धि होगी यह महीना नए संबंधों को बनाएगा इससे कुछ नए लोग आप से जुड़ेंगे जीवनसाथी को लेकर मन में चिंता रहेगी |
स्वस्थ्य - महीने के अंतिम दिनों में डॉक्टर के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं घुटनों में दर्द हो सकता है अगर आप युवा है तो नाभी प्रदेश में तकलीफ हो सकती है क्योंकि मंगल राशि की और आ रहा है,योगा प्राणायाम या मॉर्निंग वॉक में रुचि बढ़ेगी जिससे आपको लाभ भी होगा |
उपाय - किसी से कोई ताबीज ना लें तथा गले में चांदी की चेन पहने |

6)कन्या राशि में पांच ग्रह केंद्र में रहेंगे मध्य मामें 6 ग्रह आपकी राशि से केंद्र में आ जाएंगे ऐसे में अत्याधिक सावधानी पूर्वक कार्य करना अच्छा रहेगा जिसे सफलता आपके कदम चूमेगी महीने के अंतिम दिनों में 2 ग्रह केंद्र से आगे निकल जाएंगे जिससे आपका दृष्टिकोण आशावादी बन जाएगा व्यवसायिक उन्नति के लिए आपको अपनी समस्त मानसिक शक्तियों का प्रयोग करना पड़ेगा | राशि से  दशम में ग्रहों का बहुमत आपको सही दिशा में ले रहा ले जा रहा है परंतु राशि से दशम में भ्रमण कर रहे मंगल और राहु उच्च कोटि की तिकड़म प्रयास और जोखिम लेने की क्षमता प्रदर्शित करना चाहते हैं इस समय भागदौड़ बहुत अधिक रहेगी,यदि नौकरी करते हैं तो आपको सभी मित्रों से सावधान रहना चाहिए बदले की अथवा नफरत की भावना को दबाने से ही लाभ रहेगा,बृहस्पति के वक्री होने से धन की बहुत आवश्यकता रहेगी वैवाहिक जीवन में रुकावट मिल सकती है भागीदारों की मामलों में कोई बड़ा निर्णय हो सकता है माता पिता से संबंध अच्छे रहेंगे एकांत साधना का बेहतरीन समय है आमतौर पर स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा परंतु आकस्मिक घटनाओं से सावधान रहना आवश्यक है राशि पर शनि और मंगल की दृष्टि हर काम में तेजी चाहती है अतः सावधान रहना अपेक्षित है |
माता के स्वास्थ्य की चिंता तथा पिता को मानसिक चिंताएं हो सकती हैं |
उपाय - हरे कपड़े ना पहने तथा कव्वो को भोजन कराएं |

7)तुला राशि - जून का महीना बहुत भागदौड़ वाला है जो मध्य जून में घटनाओं में बड़ी तेजी ले आएगा जिससे मन अशांत रहेगा तथा आप कुछ ऐसा करने का प्रयास करेंगे जिसके अच्छे परिणाम नहीं आएंगे आत्म संयम बनाकर रखना उचित रहेगा सूर्य जब राशि बदल चुके होतो आप कोई फैसला लेंगे जिससे आपकी नेत्रत्व की क्षमता उभर कर सामने आएगी,प्रथम सप्ताह ठीक रहेगा बड़े लोगों से मिलना होगा दूसरे सप्ताह कामकाज के नए अवसर मिलेंगे लेनदेन की मात्रा बढ़ेगी,तीसरा सप्ताह संघर्ष रहेगा और आपकी निर्णय क्षमता प्रभावित होगी,अंतिम सप्ताह बहुत ही शानदार है जिससे आपकी आय बढ़ने के योग मिल रहे हैं आप के प्रभाव की वृद्धि होगी तथा कोई नए फार्मूले पर काम करने का विचार आपके पास आएगा,निजी रिश्ते में खुशी और नाराजगी चलती रहेगी पिता से मतभेद हो सकते हैं स्त्री वर्ग से लाभ तथा संतान से आंखमिचौली वाले संबंध बनेंगे |
माता का स्वास्थ्य नरम रहेगा पिता को रक्त संबंधी विकार हो सकता है राशि से दशम जब बुध होते हैं तो व्यक्ति प्राकृतिक चिकित्सा पर बहुत ध्यान देता है |
उपाय - प्रतिदिन मंदिर अवश्य जाएं |

8)वृश्चिक राशि - यह महीना बहुत ही थका देने वाला है समय की कमी आपको अक्सर नजर आएगी तो कोई भी काम अपने ऊपर लेने से पहले समय प्रबंधन पर अवश्य ध्यान दें भागीदारी में लाभ होगा जीवनसाथी के नाम से किए गए कार्य भी लाभ देंगे नौकरी में पद प्रतिष्ठा बनने के योग हैं परंतु बीच महीने में आलोचनाएं भी झेलनी पड़ सकती है बृहस्पति चाहते हैं कि आप मित्रों सलाहकारों की मदद लेकर ही आगे बढ़े तथा कोई भी जिम्मेदारी लेने से पहले सलाह अवश्य लें,पहला सप्ताह मिश्रित प्रभाव वाला है आय और व्यय में कोई तालमेल नहीं रहेगा लंबी यात्राएं होंगी यात्रा में कष्ट भी होगा,दूसरा सप्ताह आपकी कुछ गलतफहमी को दूर कर देगा जिससे आपकी कार्यप्रणाली अधिक स्पष्ट होगी मित्र भी मदद करेंगे तीसरा सप्ताह थोड़ा कठिन है इसमें घर में कलह बढ़ने के योग बनेंगे इस समय बिना सहयोग के आर्थिक लाभ नहीं पड़ेगा विवाह हेतु कोई नया प्रस्ताव भी आ सकता है आप से अधिक से अधिक लोग मिलना पसंद करेंगे जिससे आपका दैनिक लाभ बढ़ेगा परंतु खर्चों पर नियंत्रण नहीं रहेगा पति मददगार है और वह नहीं चाहते कि आप कोई भी काम आधा अधूरा रखें |
स्वास्थ्य की दृष्टि से दूषित भोजन या पानी का प्रकोप हो सकता है यात्रा में एक-दो दिन खराब हो सकते हैं सावधानी रखें अच्छा रहेगा |
उपाय - गाय को भोजन कराएं तथा बाएं हाथ की अनामिका में सोने की अंगूठी पहने |

9)धनु राशि - अत्याधिक तनाव और अत्याधिक सुविधा दोनों का प्रभाव आपके जीवन में रहेगा राशि से सप्तम पर अधिकांश ग्रहों की स्थिति है जो महीने के अंतिम दिनों में कुछ असंतुलन पैदा कर सकती है सूर्य राहु और मंगल एक राशि में आने से आप पर आरोप लगने की संभावना बता रहे हैं प्रेम संबंध और सगाई की आदि के संबंध हेतु यह समय प्रतिकूल है आप किसी पर क्रोध भी कर सकते हैं कानूनी या नैतिक रूप से कोई भी गलती रही हैं तो भारी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है कुछ परिस्थितियां प्रेरणा प्रदान कर रही हैं योग और प्राणायाम करना लाभदायक होगा लंदन हेतु यह मामला कष्टकारी है तथा ऋण के भुगतान में दिक्कत आ सकती है राहु चाहते हैं कि कोई तिकड़म लगाकर आप अपनी आय को बढ़ाएं देनदारी अधिक होने से परेशानी बनी रहेगी तीसरे सप्ताह से परेशानियों का प्रभाव बढ़ जाएगा खर्चों को आप रोक नहीं पाओगे | सूर्य की आराधना और योग करना इनको इन परिस्थितियों से बाहर ला सकता है | माता से संबंध तनाव में रहेंगे संतान से कड़वाहट हो सकती है मित्रों के साथ अच्छा व्यवहार रहेगा कोई नया परिचय जो आगे चलकर  मित्रता में परिवर्तित हो सकता है |
जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है पिता के स्वास्थ्य में थोड़ी नरमी रहेगी आपको दांतों से संबंधित पीड़ा व पाचन तंत्र में कोई विकार परेशान कर सकते हैं जिससे दवा का खर्चा बढ़ सकता है |
उपाय घर मे आए मेहमानों का स्वागत अच्छी तरह से करें तथा अपने गुरुका आदर करें |

10)मकर राशि आपकी राशि से छठे 12वे अक्ष पर अधिकांश ग्रहो के होने से आपको अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है,उत्तेजना के क्षणों में कोई कानूनी गलती ना करें अन्यथा बहुत लंबा भुगतान करना पड़ सकता हैं,आप सफलता हेतु हर उपाय करना चाह रहे हैं परंतु सफलता का एक निश्चित क्रम है तथा समय से पहले कुछ नहीं होगा, हाथ आए मौके को हाथ से ना जाने दें,कुछ बातें आपके विरुद्ध भी हो सकती है अत: धीरज से काम ले,महीने की शुरुआत में योजनाओ मे परिवर्तन होगा,आप वह काम कर पाएंगे जो अब तक आप नहीं कर पाए हैं,बाधाओं में कमी आएगी,आप जीतने के लिए बहुत ताकत लगाएंगे और सफल हो जाएंगे,पहले सप्ताह आर्थिक लाभ बढ़ेगा संतान के कामकाज में वृद्धि होगी,दूसरे सप्ताह आर्थिक दबाव हो सकता है,तीसरे सप्ताह यदि नौकरी करते हैं तो लोग आपके खिलाफ बातें करने लगेंगे,अंतिम सप्ताह में आर्थिक दबाव में कमी आएगी तथा आर्थिक लाभ की मात्रा बढ़ जाएगी,यह महीना बहुत खर्चा देने वाला है अतः आय और व्यय का तालमेल बिठा कर चलना लाभदायक रहेगा,कामकाज में वृद्धि होगी भावनाओं पर नियंत्रण रखना तथा प्रतिवाद करने से बचने की सोचे तो अच्छा रहेगा |
स्वस्थ्य – इस माह आपका खानपान उच्च कोटि का होगा,जीवनसाथी को गर्दन से संबंधित चिंताएं हो सकती हैं,महीने के अंतिम दिनों में राशि से सातवे चल रहे मंगल रक्त विकार की संभावना दे सकते हैं |
उपाय - कुत्तों को भोजन कराएं तथा भगवान गणेश की पूजा करें |

11)कुंभ राशि - आप के ग्यारहवें भाव में अधिकतर ग्रहों का होना आपको कई प्रकार की मानसिक परेशानी दे सकता है,आप संतान को लेकर चिंतित हो सकते हैं और जीवन में आ रहे तेज परिवर्तनों को लेकर भी परेशानी आपको मिल सकती है,शनि गुरु दोनों का वक्री होना आपके जीवन मे किसी घटना को विशेष रूप से जन्म दे रहा है,आपको माह के अंत में यह समझ में आएगा कि समस्याएं केवल धन से ही हल नहीं की जा सकती,जीवन के बड़े परिवर्तन आपका इंतजार कर रही हैं आपका काम काभी आगे बढ़ रहा है परंतु आपको अतिरिक्त पूजा-पाठ और सहयोग की आवश्यकता है,पहला सप्ताह धन प्रदायक है अचानक धन लाभ होगा लंबी यात्राएं मिलेंगी सजावट के कार्यों में खर्च करेंगे तथा कोई नया यंत्र आप खरीद सकते हैं,महीने के मध्य में भाई-बहनों से संबंधित कोई विशेष काम होगा कई बार आप आ निर्णय की स्थिति के शिकार होंगे जिससे कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है,ऋणों से संबंधित भुगतान को लेकर भी हल्का सा विवाद हो सकता है,भाई बहनों से संबंध अच्छे रहेंगे संतान को लेकर छोटी-मोटी समस्याएं होंगी,महीने के अंतिम दिनों में मंगल आपको संघर्ष की मुद्रा में ले आएंगे और थोड़ी चिंता भी देंगे,कोई नया प्रस्ताव आपको मिल सकता हैं,राशि से केंद्र में शुक्र और बृहस्पति उत्तम स्वास्थ्य दे रहे हैं राशि स्वामी गुरु वक्री होकर केतु के साथ होने से कई बार मन में निराशा के साथ साथ पलायन की सोच भी आएगी,महीने के अंतिम सप्ताह में जब मंगल राहु शनि की दृष्टि आपको अचानक धन भी दे सकती है या आप कोई अच्छा फैसला ले सकते हैं |
स्वस्थ्य – मन मे पलायन वादी विचार व निराशा के भाव उत्पन्न होंगे ऐसे मे योग और प्राणायाम करना आपके लिए लाभदायक रहेगा |
उपाय -किसी भी मंदिर में एक मुट्ठी बादाम दान करें |

12)मीन राशि इस महीने कोई विशेष कार्यक्रम आपका इंतजार कर रहा है राशि से चौथे और दसवे भावो पर अधिकांश ग्रहो का होना सभाओं में परिवर्तन ला रहा है जिससे मन शांत होगा,एक तरफ आप बड़ी बड़ी बातें सोचेंगे दूसरी तरफ कोई अज्ञात भय भी आपको परेशान करेगा,कार्यक्षेत्र में असुरक्षा की भावना होने से नुकसान का डर आपको सताएगा,वक्री बृहस्पति का राशि को देखना आपके लिए वरदान है जो आपको किसी भी बड़े संकट से अवश्य बचा लेगा,राशि से केंद्र में बुध और मंगल कामकाज में तेजी लाएंगे तथा लंबी यात्राएं भी देंगे लेकिन भागीदारी के मामलों में परेशानी भी खड़ी करेंगे,बीच महीने में आपको काफी परिश्रम करना पड़ेगा,तीसरे सप्ताह आपके उग्र स्वभाव में कमी आएगी जिससे आपको आर्थिक लाभ और अपना अस्तित्व बचाए रखने का सकारात्मक दृष्टिकोण मिलेगा,अंतिम सप्ताह में सूर्य राहु की मिथुन राशि में उपस्थिति आपको दुर्घटना का सामना करा सकती है अतः सावधान रहें,महीने के मध्य में जब दिमाग में गर्मी चढ़ेगी तो आपका व्यवहार ठीक नहीं रह पाएगा क्रोध में आप किसी को भी कुछ गलत बोल सकते हैं तथा संतान की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है | फिर भी राशि पर बृहस्पति की दृष्टि विशेष कष्ट नहीं होने देगी और आप का कामकाज भी प्रभावित नहीं होगा |
स्वस्थ्य - रक्त विकार परेशान कर सकता है यदि मध्य आयु के हैं तो रक्त का ध्यान रखें,50 के ऊपर है तो कोलेस्ट्रोल बढ़ने की समस्या भी हो सकती है इस महीने अकारण गर्मी से आपके स्वभाव में विवाद उत्पन्न होगा,सूर्य राहु मंगल बुध का एक साथ होना त्वचा संबंधी कोई परेशानी अथवा एलर्जी दे सकता है |
उपाय - मीन राशि मित्रों रिश्तेदारों को मीठा दान करें |


शनिवार, 18 मई 2019

गुरुवार, 16 मई 2019

कुछ लेखो के यूट्यूब लिंक


जीवन में कुछ बडा करना है तो घड़ी ना पहने  -- https://youtu.be/cLvyQhIKml0


कलंक फिल्म का एस्ट्रो व्यू  - https://youtu.be/oHhASvzdRYk


कुछ ऐसे नाम जो अशुभता दर्शाते हैं -- https://youtu.be/QzhZe6MGt2s


गुरुवार, 9 मई 2019

शनि गुरु का वक्री होना


शनि और गुरु जब भी वक्री होते हैं तो भारत मे ऐतिहासिक अशुभ घटनाएं होती हैं इनके बीच यदि कोई अन्य ग्रह भी वक्री हो जाए तो धरती पर युद्ध जैसे हालात बन जाते हैं | इतिहास मे जब भी यह दोनों ग्रह वक्री हुये हैं कोई ना कोई अशुभ घटना अवश्य ही हुई हैं | 

10 दिसंबर 1918 से 2 मार्च 1919 जलियांवाला बाग हत्याकांड |

10 मई 1925 से 12 जुलाई 1925 स्वराज आंदोलन |

21 जून 1935 से 3 जुलाई 1935 |

29 जुलाई 1938 से 19 अक्टूबर 1938 |

14 अगस्त 1939 को 6 ग्रह वक्री थे तथा 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक दूसरा विश्व युद्ध चला था |

2019 अप्रैल माह के अंत से शनि और गुरु दोनों वक्री हो रहे हैं जो कि भारत हेतु शुभता नहीं दर्शा रहे हैं |


पूर्वजन्म कृत कर्म दर्शाने वाले ग्रह

हमारे कर्मों को दर्शाने वाले ग्रह मुख्य रूप से शनि,राहु और मंगल होते हैं | सबसे ज्यादा प्रारब्ध कर्म दिखाने वाले यह तीनों ग्रह जब चंद्र और बुध को प्रभावित करते हैं तो हमें इस जीवन में किसी ना किसी प्रकार से कष्ट मिलता ही है अधिकतर पिछले जन्मो के कर्मों को दर्शाने वाले यह ग्रह हमें हमारे पिछले जन्मो मे किए गलत कर्मों के कारण ही इस जन्म मे अशुभ प्रभाव प्रदान करते हैं |

महाभारत में संजय धृतराष्ट्र से कहते हैं कि यह कर्म ही है जो व्यक्ति विशेष की बुद्धि हर कर उससे पागल की भांति काम करवा कर उसके जीवन का नाश कर देते हैं | शनि का प्रभाव मंगल और राहु से कम बुरा होता है जैसे यदि किसी की पत्रिका में शनि चंद्र का संबंध होतो वह यह बताता है कि जातक का  बचपना खराब गुजरा होगा तथा उसके आसपास के लोगों ने उसे बहुत सा मानसिक तनाव दिया होगा परंतु यदि इस पर शुभ ग्रह का प्रभाव होतो ऐसा जातक सभी कठिनाइयों को दूर करता हुआ जीवन में जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी तरक्की करता जाएगा |

चंद्र राहु की युति ज्यादा तनाव बताती है एक विशेष प्रकार का भय जातक को बचपन से ही उसके पूर्वजन्म कृत कर्मों के द्वारा लगा हुआ होता है जो उसे इस जीवन मे उम्रभर सताता रहता है उसकी कुछ मानसिक आदतें खराब होती हैं जो उसे पिछले जन्म के कर्मों द्वारा इस जीवन में भयभीत करती रहती है जिससे वह ठीक प्रकार से इस जीवन में सोच विचार नहीं कर पाता,यदि ऐसा जल तत्व राशि में होतो भावनात्मक असुरक्षा के कारण ऐसा जातक गलत तरीके से प्रेम पाने अथवा चाहत पाने के लिए दूसरों का ध्यान आकर्षित करता रहता है यदि वायु तत्व राशि में यह युति होतो ऐसा जातक बहुत ज्यादा बुद्धिमान होता है परंतु दूसरों की भावनाओं को ठीक से समझ नहीं पाता हैं और नाही दूसरों को अपनी भावनाए समझा पाता हैं | पृथ्वी तत्व राशि में चंद्र राहु की यह युति जातक विशेष के अंदर शक्ति अथवा धन प्राप्ति की हवस देती है जबकि अग्नि तत्व राशि में यह युति प्रत्येक कार्य से और प्रत्येक व्यक्ति से जातक को असंतुष्टि प्रदान करती है जिससे उसका जीवन असहनीय हो जाता है |
शुभ ग्रह का दृष्टि प्रभाव अथवा शुभ ग्रह का त्रिकोण में बैठना जातक को आध्यात्मिक जीवन की ओर ढकेलता है तथा उसके अनजाने भय से उसे मुक्त करने का प्रयास करता है ऐसे मे प और प्राणायाम उसे काफी हद तक मदद करते हैं |

चंद्र मंगल की युति जातक विशेष को ना थकने वाला दिमाग,गुस्से बाज तथा परेशानी खड़ा करने वाला बनाती हैं उसका यह दर्द जो उसे आंतरिक शांति पाने नहीं देता केवल वही समझ सकता है,शुभ ग्रह का प्रभाव यह बताता है कि उपाय द्वारा इसको सही किया जा सकता है जबकि अशुभ ग्रह का प्रभाव जातक को हमेशा के लिए वहमी बना कर रखता है | इस प्रकार से कहा जा सकता है कि कर्म प्रधान इन ग्रहों की स्थिति जातक के दिमाग को परेशान करती है तथा यह दिमाग ही जातक के जीवन को नष्ट कर देता है |


कार्मिक बंधनों को देखने के लिए पंचम भाव उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि चंद्र | पंचम भाव ना सिर्फ बुद्धिमता के बारे में बताता है बल्कि पूर्वपुण्य स्थान भी होता है जो जातक के इस जीवन मे जन्म लेने की प्रेरणा के बारे में बताता है | जो कर्म जातक में सबसे ज्यादा बचे हैं जिसकी वजह से उसे सामाजिक नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाता है उसका पता इस भाव में स्थित ग्रह से चलता है,पंचम भाव में अशुभ ग्रह बहुत ही अशुभता देते हैं तथा जातक विशेष के नवे भाव अर्थात भविष्य को भी प्रभावित करते हैं,उदाहरण के लिए यदि किसी का पंचम भाव में मंगल हो और उस पर कोई शुभ ग्रह का प्रभाव ना होतो ऐसा जातक हमेशा तनावग्रस्त रहेगा अथवा यह सोचेगा कि वह जो कर रहा है उसे नहीं करना था अर्थात जो उसे करना पड़ रहा है उसे नहीं करना था जिससे उसकी इच्छा पूर्ति नहीं होगी तथा वह सीखने की इच्छा नहीं रखेगा जातक इस कर्म को दोबारा से सीख कर या सुधार कर अपने आप को सफल बना सकता है परंतु उसका स्वयं को श्रेष्ठ समझना उसे ऐसा करने नहीं देगा यदि इसके विपरीत शनि पंचम भाव में होतो वह यह बताता है कि उसके पिछले जन्मों का ये लेखा रहा है की जातक के पास बहुत ज्यादा जिम्मेदारियों रही होंगी परंतु वह इनसे हमेशा भागने का प्रयास करता रहा होगा इस जन्म मे वह ज़्यादा आजादी पसंद करना चाहेगा ताकि उसे जिम्मेदारियां कम से कम मिले यह वही पूर्व जन्म कृत लेख है जो उसे कंधे पर जिम्मेदारी को उठाने के लिए मजबूर कर रहा है और इनसे भाग पाना उसके लिए मुश्किल हो रहा है उसका यह जान पाना ही उसे अपने कर्मों में खुशी प्रदान करेगा