शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

कपड़े व ज्योतिष

कपड़े ज्योतिष
कपड़े ना सिर्फ शरीर ढकने के काम आते है बल्कि हमारे व्यक्तित्व व्यवसाय स्तर के साथ साथ हमारे चरित्र व्यवहार आत्मविश्वास को भी दर्शाने के काम आते हैं किसी भी व्यक्ति को उसके कपड़े पहनने के तरीके से कपड़ो के रंग से कपड़ो की गुणवत्ता से अर्थात पहनावे से सरलता से पहचाना जा सकता हैं की उसका सामाजिक स्तर उसकी सोच व्यवसाय किस प्रकार का हैं |
ज्योतिष के आधार पर भी हम कपड़ो द्वारा बहुत कुछ व्यक्ति विशेष के बारे मे जान सकते हैं हमने अपने इस लेख मे कुछ इसी तरह का विश्लेषण करने का एक छोटा सा प्रयास किया हैं आशा हैं पाठक जन इससे लाभान्वित होंगे |

ढीले कपड़ेऐसे वस्त्र पहनना जातक के शांत,कोमल,सीधे सरल स्वभाव को बताता हैं ऐसे लोग धैर्यवान दूसरों को राह बताने वाले स्वयं को किसी भी परिस्थिति मे ढालने वाले होते हैं प्राय; इनके लग्न या चन्द्र पर गुरु गृह का प्रभाव होता हैं इसलिए ये चिंतन,मनन,ध्यान अध्यात्म मे ज़्यादा रुचि रखते हैं | समय के पाबंद होने के साथ साथ  ये लोग अपना प्रत्येक काम योजना बद्ध तरीके से करते हैं पैसे से ज़्यादा इन्हे मान सम्मान नाम की इच्छा रहती हैं |

तंग कपड़े-ऐसे जातक चुस्त,फुर्तीले,कुछ कर गुजरने की सोच वाले,अस्थिर स्वभाव वाले, निडर साहसी प्रवर्ती के होते हैं | इनका मन मस्तिष्क हर वक़्त किसी ना किसी उधेड़ बुन मे लगा रहता हैं | इनके लग्न या चन्द्र पर शनि अथवा राहू ग्रह का प्रभाव रहता हैं दिखावा बहसबाजी  करना इन्हे पसंद होता हैं लंबे समय तक कोई काम करना इन्हे पसंद नहीं होता स्वयं पर खूब लगाव रखते हैं तारीफ के भूखे परंतु खर्च के मामले मे कंजूस होते हैं अपना काम निकलवाने मे तथा धन कमाने मे ये लोग माहिर होते हैं कभी कभी हीन भावना के कारण छोटा रास्ता (शॉर्ट कट) भी अपना लेते हैं |

ब्रांडेड कपड़े- ऐसे कपड़े पहनने वाले जातक महत्वकांक्षी,मूडी बिंदास होते हैं सदैव ऊपर उठने की कोशिश करते रहते हैं इनमे आत्मविश्वास की कमी होती हैं जिसे यह छिपाते रहते हैं दूसरों के प्रति होड,जलन प्रतिद्वंदिता की भावना इनमे पनपती रहती हैं जिस कारण यह अपने को  आर्थिक रूप से सम्पन्न दर्शाते हैं छोटी छोटी बातें मोलभाव करना इन्हे पसंद नहीं होता अपने से कमजोर से यह बहस बाजी करते हैं परंतु साथ वाले या बड़े से यह ज़्यादा नहीं बोलते या बिलकुल चुप रहते हैं | इनके लग्न अथवा चन्द्र पर सूर्य ग्रह का प्रभाव रहता हैं जिस कारण यह बड़े आत्मसम्मान से जीना पसंद करते हैं |

हाथ से बने कपड़े -ऐसे वस्त्र पहनने वाले लोग हंसमुख,संवेदनशील,भावुक,शांत प्रतिभावान होते हैं अपने सभी कार्य स्वयं करना पसंद करते हैं इनकी बातों मे दर्शन,धर्म,दया अनुभव साफ झलकता हैं ये रचनात्मक कला से संबन्धित कार्य करते हैं पारखी नज़र दूरदर्शी होते हुये दूसरों के दूख दर्द को समझते हैं समय नियम के पक्के होते हैं प्राय: इनके लग्न या चन्द्र का संबंध गुरु या शनि से होता हैं जिसके कारण इनकी मेहनत,त्याग प्रेम को लोग समझ नहीं पाते और इनको अपना उचित हक़ भी नहीं मिल पाता हैं परंतु यह किसी से शिकायत ना करते हुये भी किसी पर आश्रित रहना पसंद नहीं करते हैं |

कपड़ो का रंग -ज़्यादातर लोग कुछ विशेष रंग के कपड़ो का प्रयोग कुछ ज़्यादा करते हैं इससे उनके स्वभाव व्यक्तित्व का काफी पता चलता हैं |

लाल रंग -इस रंग के कपड़े ज़्यादा पहनने वाले लोग गुस्सेबाज़,कामुक,उत्साही,ऊर्जावान तथा प्रबल इच्छाशक्ति वाले होते हैं जो ठान लेते हैं उसे करके ही दम लेते हैं सुनते कम सुनाते ज़्यादा हैं इनमे धैर्य की कमी होती हैं जिससे इन्हे कई बार हानी का सामना करना पड़ता हैं अपनी हरकतों बातों के द्वारा ये सदा आकर्षण का केंद्र बनना चाहते हैं | यह जातक मंगल ग्रह से प्रभावित होने के कारण ज़्यादातर मेष अथवा वृश्चिक राशि के हो सकते हैं |

काला रंग- यह रंग त्याग रहस्यात्मकता दर्शाता हैं जिस कारण इनका प्रयोग करने वाले लोग अच्छे विचारवान अनुशाशित होते हैं जिन्हे स्वयं पर पूरा नियंत्रण होता हैं यह अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाना जानते हैं इनके जीवन मे आकस्मिक घटनाए ज़्यादा होती हैं जिस कारण इनके व्यक्तित्व कार्य पर हमेशा प्रश्नचिह्न लगता रहता हैं | यह जातक शनि ग्रह से संबन्धित होने के कारण मकर या कुम्भ राशि के हो सकते हैं |

सफ़ेद रंग-इस रंग का प्रयोग करने वाले जातक शांत,संतुलित,स्पष्टवक्ता,सकारात्मक आशावादी दृस्टीकोण रखने वाले होते हैं खुले विचारो वाले ये लोग एकांत एवं साधारण जीवनशैली मे रहना जीना पसंद करते हैं | यह जातक चन्द्र ग्रह से प्रभावित होने के कारण कर्क राशि के हो सकते हैं |
पीला रंग-ऐसे जातक चुनौती पसंद,प्रेरणा प्रदान करने वाले सदा अपने कार्यो मे लगे रहने वाले होते हैं आध्यात्मिक प्रवृति के लोग सहजता से जीवन गुजारना पसंद करते हैं इनकी वाणी मे मिठास,समर्पण अपनत्व की भावना अधिक होती हैं | ऐसे लोग गुरु ग्रह से प्रभावित होने के कारण धनु मीन राशि के हो सकते हैं |

नीला रंग -ऐसे लोग आत्मनिर्भर गहरे विचार रखने वाले होते हैं,काल्पनिक व्यावहारिक दोनों प्रकार का दृस्टीकोण रखते हैं शांत एवं ज़रूरत से ज़्यादा श्रम करने के शौकीन तथा किसी भी बात की तह तक जाना पसंद करते हैं जिस कारण इन्हे कई बार दूसरों की जिम्मेदारिया भी पूरी करनी पड़ती हैं | ऐसे जातक शनि शुक्र दोनों ग्रहो के प्रभाव मे रहते हैं |

हरा रंग- यह जातक अपनी वाणी से किसी को भी अपना बना लेते हैं परंतु किसी पर जल्दी से भरोसा नहीं करते,स्वतंत्र जीने के शौकीन यह लोग किसी के अधीन ना रहकर घूमने फिरने का बेहद लगाव रखते हैं हर समस्या का समाधान इनके पास होता हैं | ऐसे जातक बुध ग्रह से प्रभावित होने के कारण मिथुन या कन्या राशि के होते हैं |

भूरा रंग-यह लोग आत्मकेंद्रित,अकेले जीवन जीने वाले तथा स्वनियंत्रित होते हैं अच्छे मार्गदर्शक आलोचक हो सकते हैं समय का नियोजन ना कर पाने के कारण हमेशा तनाव मे रहते हैं | इन जातको पर राहू ग्रह का ज़्यादातर प्रभाव रहता हैं |

गुलाबी रंग- इस रंग को चाहने वाले जातक स्नेही,उदार समझदार होते हैं परंतु इनमे इच्छाशक्ति का अभाव होता हैं अपनी उम्र के हिसाब से इनमे बचपना अधिक रहता हैं छोटी सी बात भी इन्हे परेशान कर देती हैं | यह लोग सूर्य ग्रह से प्रभावित होने के कारण सिंह राशि के हो सकते हैं |
पहनने का ढंग एवं बांधने का तरीका-नाभि से ऊपर कपड़े बांधने वाले लोग चिंतित,व्याकुल,संजीदा,संस्कार परंपरा को मानने वाले होते हैं मनचाहा प्राप्त ना होने से असहज महसूस करते हैं वस्तुओ लोगों को जल्दी से अपनी पसंद नहीं बनाते हैं बड़े बुजुर्गो का आदर करने वाले तथा रूढ़िवादी विचारधारा के होते हैं

नाभि के नीचे वस्त्र बांधने वाले लोग स्वतंत्र विचार रखने वाले,मस्तमौला,अपनी ही दुनिया मे रहने वाले,आत्मविश्वासी निडर प्रवृति के होते हैं | इन्हे बंधन या रोक टोक मे रहना बिल्कुल पसंद नहीं आता,भीड़ से अलग दिखना इन्हे बहुत पसंद होता हैं दिखावे के साथ साथ इनमे कामुकता भी कूट कूट कर भरी होती हैं यह सुनते सबकी हैं पर करते अपने मन की ही हैं |

चमक दमक भड़कीले कपड़े पहनने वाले लोग दिखावटी एवं रसिक मिजाज़ के होते हैं पारदर्शी वस्त्र पहनने वाले निर्भीक,स्वतंत्र तथा मनमौजी होते हैं | प्रैस किए हुये वस्त्र पहनने वाले बुद्दिमान,सभ्य सजग जबकि उधड़े,फटे कपड़े पहने व्यक्ति लापरवाह गैर जिम्मेदार प्रकार के होते हैं | कमीज़ को अंदर दबाकर पहनने वाले औपचारिक सभ्य स्वभाव के तथा कमीज़ बाहर रखने वाले हंसमुख,रौबीले एवं बिंदास प्रकार के होते हैं | प्लेन कमीज़ या टी शर्ट वाले सीधा,सरल चिन्तामुक्त जीवन जीने वाले जबकि चैक या लाइन कमीज़ या टी शर्ट पहनने वाले लोग चुनौतियों के शौक़ीन होते हैं इन्हे परिवर्तन या नवीनता पसंद होती हैं |



               

सोमवार, 11 जनवरी 2016

आज कल के युवा और फास्ट फूड


आजकल की युवा पीढ़ी मे फास्ट फूड या जंक फूड खाने का क्रेज इतना ज़्यादा हो गया हैं की उन्हे घर पर बनने वाली कोई भी खाने की वस्तु पसंद नहीं आती हैं | अभिभावक स्वयं  भी फास्ट फूड खाने से परहेज नहीं करते तो जवान होती युवा पीढ़ी को कैसे रोकेंगे |आकर्षक सुविधाजनक व हर जगह आसानी से उपलब्ध होने वाले इन फास्ट अथवा जंक फूड्स को लोगो ने जितनी तेजी से अपनाया हैं उतनी ही रफ्तार से उन्हे इनसे होने वाले दुष्परिणामों से भी सामना करना पड रहा हैं | आज हमारी युवा पीढ़ी तेजी से कई लाइलाज बीमारियो जैसे कब्ज़,रक्तचाप,हृदय रोग,मधुमेह,कैंसर आदि का छोटी सी उम्र मे शिकार हो रही हैं तो इसके लिए हमारा अनुचित रहन सहन व भोजन के रूप मे फास्ट फूड का सेवन ही जिम्मेदार हैं आज हमारे घरो मे दूध कम सॉफ्ट ड्रिंक ज़्यादा प्रयोग होता हैं | पचास रुपये का दूध हमे महंगा व 70 रुपये का सॉफ्ट ड्रिंक हमे सस्ता लगता हैं |

फास्ट फूड जो की बिना रसायनिक पदार्थो के बनाए ही नहीं जा सकते वह हमारे शरीर मे जाकर हमारी स्वाद कोशिकाओ को भ्रमित कर देते हैं जिनसे वह अपनी प्राकृतिक शक्ति खो देती हैं और हमे भूख कम लगने लगती हैं जिससे हमारे शरीर की पूर्ति पूरी तरह से नहीं हो पाती और हम कई तरह से रोगो का शिकार होने लगते हैं | इन पदार्थो मे मिलाये जाने वाले रसायनो के पीछे बड़ी बड़ी कंपनियो के ये तर्क होते हैं की इनसे ये ज़्यादा समय तक ताज़ा रहते हैं |

फास्ट फूड मे अधिकतर वसा व कार्बोहाइड्रेट होते हैं जबकि प्रोटीन बिलकुल नहीं होता हैं जिससे बच्चो मे एक विशेष प्रकार के एंजाइम की कमी होने लगती हैं जो लीवर को अपना काम सही तरह से नहीं करने देती जिससे शरीर मे लौह तत्व व विटामिन की भी कमी हो जाती हैं और बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रुक जाता हैं एक अन्य फ्लेवरिंग एजेंट “मोनो सोडियम ग्लूटामेट” का प्रयोग भी फास्ट फूड के बंद डब्बो मे किया जाता हैं जो मस्तिष्क की कोशिकाओ को नुकसान पहुंचाता हैं जिसके प्रभाव से दिल का तेज धड़कना,दमा व सिर दर्द रहने लगता हैं |बच्चे स्वाभाविक रूप से चिड़चिड़े,गुस्सैल और मोटे होने लगते हैं और कई बीमारिया उनके शरीर मे जन्म लेने लगती हैं  |

हमारे देश मे जहां उष्ण-आर्द्र मौसम रहता हैं उसमे प्राकृतिक व स्वाभाविक स्वाद वाली वस्तुए ही आहार के रूप मे खाई जानी चाहिए जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियो का सामना करने से बचा जा सकता हैं पश्चिम देशो के देखादेखी उनके जैसे भोज्य पदार्थो (फास्ट फूड्स) को खाने से हम ना सिर्फ शारीरिक व मानसिक रूप से कमज़ोर होते जाएंगे बल्कि कई बीमारियो के शिकार भी बन जाएंगे वही अधिकांश फास्ट फूड्स किसी ना किसी तरह से मांसाहारी होते हैं जो हमारे देश की संस्कृति व संस्कारो के भी खिलाफ हैं |

आईए यह जानते हैं फास्ट फूड अथवा जंक फूड मे असल मे क्या क्या होता हैं और इनका  हमारे शरीर मे क्या क्या प्रभाव पड़ता हैं |

1)नूडल्स(मैगी)–दुनियाभर मे एक दिन मे सबसे ज़्यादा बिकने वाला यह पदार्थ नूडल्स जिसमे एक किलो मैदे मे 10-20 ग्राम अंडे की सफ़ेद ज़र्दी मिलाई जाती हैं जो की इस नूडल्स को मुलायम,चिकना व फुसफुसा बनाए रखती हैं जिससे यह अधिक समय तक खराब नहीं होता इससे संबन्धित व्यंजन बनाने मे एक अन्य पदार्थ “अजीनोमोटो”को इसमे मिलाया जाता हैं जो जैविक चर्बी से बना हुआ होता हैं जिसका सेवन हमें इसकी आदत लगवा देता हैं जिससे बार बार नूडल्स जनित व्यंजन खाना हम पसंद करने लगते हैं |

2)चिप्स व वेफ़र्स –आलू के बने चिप्स बाज़ार मे लगभग 50 से 80 गुना महंगी कीमत पर बहुराष्ट्रीय कंपनियो द्वारा बेचे जाते हैं इनके पैक मे इन्हे कुरकुरा बनाए रखने के लिए विशेष प्रकार की गैस भरी जाती हैं जो हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं,वेफ़र्स मे अंडे मिलाये जाते हैं जिनसे ये हल्के,करारे व फुसफुसे बने रहते हैं |

3)जैम,जैली व चौकलेट –इन सभी पदार्थो मे जिलेटिन नामक तत्व मिलाया जाता हैं जो मुख्यत; मरे हुये जानवरो के विभिन्न अवयवो को उबालकर बनाया जाता हैं कई देशो मे इसे वहाँ की सरकारो ने प्रतिबंधित कर रखा हैं |

4)कोल्ड ड्रिंक्स –सभी कोल्ड ड्रिंक्स मे कई प्रकार के अम्ल यानि एसिडस जैसे कार्बोलिक एसिड,साइट्रिक एसिड मिलाये जाते हैं जो उनमे मिठास बढ़ाने के लिए तथा सोडियम बेंज़ोएट जैसे केमिकल उनमे ज़्यादा समय तक खराबी से बचाने के लिए प्रयुक्त होते हैं जो व्यक्ति को कई प्रकार के रोग दे सकते हैं |

5)पिज्जा व बर्गर-मैदे,अंडे व जिलेटिन आदि से बने यह पदार्थ तथा इनमे मिलाये जाने वाले अवयव जैसे चीज़,बेकिंग पावडर,अमोनिया इत्यादि हमारे शरीर को नुकसान ही पहुंचाते हैं लाभ नहीं |