२७ सितम्बर २०११ से २ अक्तूबर २०११ तक ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही हैं जिससे यह आभास हो रहा हैं की धरती पर कुछ विनाश लीला अवश्य होगी चूँकि अंक ज्योतिष के अनुसार यह साल १ अर्थात सूर्य को दर्शा रहा हैं जिन भी देशो का १ अंक पड़ता हैं उनमे कुछ ना कुछ अवश्य आपदा आ रही हैं अक्तूबर का महिना १ अंक को बताता हैं इस लिए संभव हैं की १ तारीख को प्रकृति ज़रूर कोई ना कोई विनाश दिखाएगी जापान देश इस वर्ष बेहाल ही रहा हैं | कुछ अन्य देश जैसे नेपाल,पाकिस्तान,पेरू,नाईजेरिया आदि जो कन्या राशी व शनि ग्रह से सम्बंधित हैं उनमे भी विनाशलीला हो सकती हैं कारण कन्या राशी पर ज़्यादातर ग्रहों की युति इस दौरान होगी तथा शनि भी अब बदलने ही वाले हैं जिसका कुछ प्रभाव वह दिखाई ही चुके हैं हाल ही में दो भूकम्पो ने भारत वर्ष की धरती को हिला ही दिया हैं |
शुक्रवार, 23 सितंबर 2011
सोमवार, 12 सितंबर 2011
शुक्रवार, 26 अगस्त 2011
क्या होगा अन्ना का
माननीय "अन्ना जी" को आज अनशन पर बैठे ११ दिन हो गए हैं परन्तु सरकार ने आज तक उनकी मांगे नहीं मानी हैं ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक हैं की क्या होगा अन्ना का ? आइये इसका जवाब ज्योतिष से जानने का प्रयास करते हैं |
अन्ना का २९ तारीख तक यह अनशन यूही चलता रहेगा सरकार २९ के बाद ही कोई निर्णय लेंगी उससे पहले कोई भी हल नहीं निकलेगा | ऐसी हमारी ज्योतिषीय गणना कहती हैं |
शनिवार, 20 अगस्त 2011
मंगलवार, 14 जून 2011
totke
१) रोग निवारण हेतु-1) कृष्ण पक्ष में चमकीला काला कपडा,उड़द तथा एक रुपये का सिक्का दान करे|
२)पारिवारिक कलह हो तो - सभी दरवाजों पर गंगाजल छिडके ध्यान रखे की छीटे स्वयं पर ना पड़े |
३) स्मरण शक्ति बढाने हेतु -गुरूवार के दिन इमली के पत्ते पुस्तकों में रखे |.
४) शीघ्र विवाह हेतु -शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से पाँच रुपये की जलेबी २१ मंगलवार को हनुमान मंदिर में हनुमान जी के सम्मुख रख कर जाए. (पुरुष) |
५) बच्चो के स्वस्थ हेतु -१) गोमती चक्र का पेंडल बच्चे के गले में पहनाये .|
२) प्रत्येक मंगलवार कच्चा दूध ७ बार उतारा कर कुत्ते को पिला दे |.
६) बिस्तर पर पेशाब -१) ऊट के बाल बच्चे की दाहिनी जांघ पर धागा बनाकर बांधे |
२) शमशान की मिट्टी चान्दी के ताबीज में बच्चे के हाथ से पीपल के नीचे दबवा दे |
७) धन लाभ हेतु -१) एक शीशी में शहद भरकर ११ दाने सफ़ेद गूंजा डाल कर श्री सूक्त के ११ पाठ पढ़े,खीली हुई खील तथा कमलगट्टे से 16 आहुति हवन करे शीशी को व्यापर स्थल रख दे तथा श्रीसूक्त का पाठ नित्य करे.|
२) शुक्रवार के दिन इत्र चौराहे के मध्य में छोड़ कर आये |
३) इमली की टहनी गल्ले में रखे |.
४) जलकुम्भी गुरूवार को लाकर पीले कपडे में बांधकर घर के ईशान कोण में लटका दे सप्ताह बाद बदलते रहे ऐसा ७ गुरूवार करे |.
८) संतान प्राप्ति हेतु -पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में बरगद के पेड़ की जड़ धागे से भुजा पर पहने |.
९) सुख समृधि हेतु -पुष्य नक्षत्र में सफ़ेद आक की जड़ दाई भुजा में बांधे |
१०) अचल सम्पति हेतु --पुरे वर्ष हर शुक्रवार को भूखे व्यक्ति को भोजन व हर रविवार को गाय को गुड खिलाये |.
११) योग्यतानुसार काम ना मिलने पर सोमवार फिटकरी तवे पर फुलाकर 7 बार सिर से उतारा कर गंदे पानी में बहाए |.
२) एक बेदाग़ नींबू चार बराबर टुकडो में कर चौराहे की चारो दिशा में फ़ेंक आये तथा पीछे मुड कर ना देखे |
१२) अनिच्छा हेतु -1) भैरव बाबा को रविवार के दिन शराब, दही बड़े, इमरती चढ़ाये खाली बोतल वापस लेकर ७ बार उतारा कर पीपल के पेड़ के नीचे रख आये |
२)गुरूवार के दिन केले की जड़ पीले कपडे में बांधकर १ माला ॐ ग्राम ग्रीम ग्रो सा गुरुवे नमः की जपे | ३) दो लोंग एक कपूर का टुकड़ा ३ बार गायेत्री मंत्र पढ़ अभी मंत्रित करे फिर जला दे (पुरबमुखी होकर) गायेत्री मंत्र करते रहे फिर भस्म दिन में दो बार जीभ पर लगाये | .
१३) धनप्राप्ति हेतु -श्यामा तुलसी के आसपास की घास किसी गुरूवार के दिन लेकर पीले कपडे में बांध कर लक्ष्मी का ध्यान कर धूप दीप कर तिजोरी अथवा व्यापार स्थल में रखे |
१४) विरोधी की शांति के लिये-रविवार,मंगलवार सोकर उठते ही 3 बार विरोधी की कोसे फिर सफ़ेद काग़ज़ पर काली श्याही से विरोधी का नाम लिखकर उस काग़ज़ को काले धागे में लपेटकर रखले फिर शाम को उस काग़ज़ को पीपल की जड़ के नीचे दबा दे |.
१५)नज़र दोष -१) फिटकरी को २१ बार उतारा कर चूल्हे में जलादे (तीन बार सुबह दोपहर शाम)
१६) व्यवसाय वृद्धि हेतु -१) रविवार दोपहर को ५ कागज़ी नींबू काटकर एक मुठ्ठी काली मिर्च,१ मुठ्ठी पीली सरसों व्यवसाय स्थल पर रख दे अगले दिन दूकान खोलते समय सभी वस्तुए वीराने में दबा दे |
२) गल्ले के नीचे काली गूंजा रखे |
३) शुक्ल पक्ष से ११ गुरूवार व्यापार स्थल के मुख्य द्वार के एक कोने को गंगाजल से धो ले उसमे स्वस्तिक बनाकर उसमे गुड चने की दाल रखे इसे बार बार देखे (खराब होने पर जलप्रवाह करे )११ गुरूवार के बाद गणेश जी को सिंदूर लगाकर पाँच लड्डू अर्पित कर कहे "जय गणेश काटो कलेश ."|
१७) सुख शांति हेतु -१) अशोक के पत्ते मंदिर में रख पूजा करे सूखने पर नए पत्ते रखे पुराने पत्ते पीपल के नीचे रख आये.|
२) रात को दूध सिरहाने रख सुबह घर पर छिडकाव करे |
१८) व्यापार में घाटा होने पर बर बुधवार को ११ कौड़ीया,एक जोड़ा लौंग,छोटी इलायची,व्यापार स्थल की मिट्टी लेकर कौड़िया जलाकर राख पान के पत्ते पर रखकर ताम्बे का छेद किया हुआ सिक्का रखकर जल प्रवाह करे उस दिन उपवास रखे तथा 9 वर्ष से छोटी कन्याओ को भोजन कराये |.
शनिवार, 7 मई 2011
चमत्कारी टोटके (कार्यसिद्दी हेतु)
१) चुटकी भर हींग अपने सिर से घुमाकर (उतारा कर) दक्षिण दिशा में फ़ेंक कर जाए |
२) एक हरी इलायची या एक लौंग शिवजी के चरणों में रखकर जाए |
२) एक हरी इलायची या एक लौंग शिवजी के चरणों में रखकर जाए |
३) शनिवार के दिन एक रुपये का सिक्का या सरसों का तेल किसी कोढ़ी को दान करे. |
४) हरिद्रा के कुछ दाने व्यापार स्थल के द्वार पर फ़ेंक कर जाए |
5) रसायन रहित गुड या चमेली का तेल मंगलवार को हनुमान जी के आगे रखकर जाए.|
६) महाकाली का पूजन शुद्ध घी के दीपक से करे.|
७) काम में जाने से पहले पूजा घर में रखे जल कलश को प्रणाम करके जाए.|
८) दर्पण में स्वयं का चेहरा देखकर जाए.|
९) हर बुधवार एक कटोरी चावल दान कर गणेशजी पर एक सुपारी एक वर्ष तक चढ़ाये |
१०) हनुमान जी की मूर्ति से सिंदूर ले माँ सीता के चरणों में एक ही सांस में लगा दे |.
गुरुवार, 5 मई 2011
राहू केतु का गोचर ज्योतिषीय दृष्टी से यह वर्ष बड़े ग्रहों के राशी परिवर्तन का हैं इस वर्ष ब्रहस्पति,शनि,तथा राहू केतु गृह अपनी अपनी राशियो का परिवर्तन करेंगे ३ मई को राहू केतु वृश्चिक और वरिश राशी में प्रवेश कर गए इनके इस परिवर्तन से प्रत्येक राशी पर क्या प्रभाव पड़ेगा प्रस्तुत लेख में हमने इसी पर प्रकाश डालने का प्रयास किया हैं |
१) मेष राशी -छुपे हुए शत्रूओ से खतरा बढेगा,वाणी दोष हो सकता हैं यदा कदा बीमारी होगी तथा धनाभाव होगा |
उपाय -आलस व लापरवाही ना करे,किसी से बिजली का सामान ना ले,केसर तिलक लगाये व दुर्गा पाठ करे |
वृष राशी-जीवन साथी से बहस होगी,लडाई झगडे होंगे,हानि,बीमारी व भय होगा,हर कार्य में रूकावट होगी व मित्रो से अन बन हो सकती हैं |
उपाय- लेन देन ना करे, कुत्तो को भोजन(रोटी) खिलाये व दुर्गा सप्त्सदी का पाठ करे |
मिथुन राशी -धन व दार्शनिकता दोनों बढेंगे,स्थाई सम्पति खरीदने के योग बनेंगे,चोट लग सकती हैं तथा अचानक बदलाव होंगे |
उपाय -क्रोध ना करे,नीला दान करे व गणेश पूजा करे |
कर्क राशी -कफ व ठण्ड से कष्ट होगा, खर्चे बढेंगे,बच्चो से लडाई होगी, नया कार्य व पद उन्नति हो सकती हैं तथा अचानक विवाह योग बनेंगे |
उपाय-नशे से बचे,सफाई कर्मचारी को मुली दान करे तथा दुर्गा पूजा करे |
सिंह राशी- मानसिक,शारीरिक परेशानिया होंगी बाधाये व तनाव मिलेंगे, यात्रा होगी बदलाव भी हो सकता हैं साथ ही दुखों में कमी होगी |
उपाय- पूजा स्थान ना बदले ,काले चने दान करे तथा आदित्य ह्रदय श्रोत पढ़े |
कन्या राशी-निर्णय लेने में कमी होगी, धार्मिकता बढेगी व्यवशाय, दाम्पत्य व रिश्तेदारों में तनाव होगा कार्य बाधा होगी |
उपाय-पैसा उधार ना दे तथा गणेश पूजा करे |
तुलाराशी- रक्त व त्वचा रोग होंगे अस्पताल जाना पड़ेगा,कार्यो में परेशानिया आएगी व दाम्पत्य तनाव होंगे उपाय-विष्णु सहस्त्रनाम पाठ नित्य करे, पीले चावल बांटे, हो सके तो नाना नानी को चाय पिलाये |
१) मेष राशी -छुपे हुए शत्रूओ से खतरा बढेगा,वाणी दोष हो सकता हैं यदा कदा बीमारी होगी तथा धनाभाव होगा |
उपाय -आलस व लापरवाही ना करे,किसी से बिजली का सामान ना ले,केसर तिलक लगाये व दुर्गा पाठ करे |
वृष राशी-जीवन साथी से बहस होगी,लडाई झगडे होंगे,हानि,बीमारी व भय होगा,हर कार्य में रूकावट होगी व मित्रो से अन बन हो सकती हैं |
उपाय- लेन देन ना करे, कुत्तो को भोजन(रोटी) खिलाये व दुर्गा सप्त्सदी का पाठ करे |
मिथुन राशी -धन व दार्शनिकता दोनों बढेंगे,स्थाई सम्पति खरीदने के योग बनेंगे,चोट लग सकती हैं तथा अचानक बदलाव होंगे |
उपाय -क्रोध ना करे,नीला दान करे व गणेश पूजा करे |
कर्क राशी -कफ व ठण्ड से कष्ट होगा, खर्चे बढेंगे,बच्चो से लडाई होगी, नया कार्य व पद उन्नति हो सकती हैं तथा अचानक विवाह योग बनेंगे |
उपाय-नशे से बचे,सफाई कर्मचारी को मुली दान करे तथा दुर्गा पूजा करे |
सिंह राशी- मानसिक,शारीरिक परेशानिया होंगी बाधाये व तनाव मिलेंगे, यात्रा होगी बदलाव भी हो सकता हैं साथ ही दुखों में कमी होगी |
उपाय- पूजा स्थान ना बदले ,काले चने दान करे तथा आदित्य ह्रदय श्रोत पढ़े |
कन्या राशी-निर्णय लेने में कमी होगी, धार्मिकता बढेगी व्यवशाय, दाम्पत्य व रिश्तेदारों में तनाव होगा कार्य बाधा होगी |
उपाय-पैसा उधार ना दे तथा गणेश पूजा करे |
तुलाराशी- रक्त व त्वचा रोग होंगे अस्पताल जाना पड़ेगा,कार्यो में परेशानिया आएगी व दाम्पत्य तनाव होंगे उपाय-विष्णु सहस्त्रनाम पाठ नित्य करे, पीले चावल बांटे, हो सके तो नाना नानी को चाय पिलाये |
वृश्चिक राशी -स्वास्थ्य,परिवार,धन व लोकप्रियता प्रभावित होगी,तरक्की होने से धन भी बढेगा,बदलाव हो सकता हैं |
उपाय-लाल वस्त्र दान करे,चांदी की चेन पहने |
धनु राशी-माँ की व स्वयं की सेहत खराब हो सकती हैं,मित्रो से हानि होगी,कर्जा बढेगा तथा बाधाये मिलेगी |
उपाय -गुरु गायत्री पढ़े,६ केले गणेश मंदिर में हर माह गुरूवार को दान करे |
मकर राशी- आकस्मिक अच्छी घटनाएं होंगी, धन की प्राप्ति होगी, पित्त व वायु रोग होंगे, दाम्पत्य जीवन में क्लेश हो सकता हैं |
उपाय-नीले वस्त्र न प्रयोग करे ,५०० ग्राम चीनी हर माह सोमवार के दिन मंदिर में दान करे |
कुम्भ राशी-कार्यो में सफलता कम मिलेगी,मानसिक तनाव होगा जिससे शिक्षा में बाधा आएगी तथा माँ की सेहत खराब हो सकती हैं |
उपाय-दुर्गा सूक्त पढ़े,सफ़ेद टोपी पहने तथा चने की दाल दान किया करे |
मीन राशी- धन लाभ होगा,समृद्दी बढेगी,साहस व आत्मविश्वाश बढेगा,विदेश यात्रा हो सकती हैं |
उपाय- पवित्र नदी में स्नान करे,गणेश श्लोक पढ़े तथा क्रोध ना करे |
सोमवार, 25 अप्रैल 2011
अद्भुत खगोलीय घटना
3o अप्रैल २०११ से लगभग १५ दिनो के लिए पूर्वीय क्षितिज पर पर पांच ग्रह जिनमे चन्द्र, ब्रहस्पति, बुध,शुक्र और मंगल एक ही राशी मीन पर होंगे तब हमारी धरती सें इन्हें देखा जा सकेगा यह एक अद्भुत खगोलीय घटना होगी जो कई सालो मे देखने में आती हैं सूर्य कि परिक्रमा करते हुए जब कभी कई सारे ग्रह एक ही राशी पर आते हैं तब उस राशी पर विशेष प्रभाव उत्पन्न हो जाता हैं जिसका सीधा असर धरती पर पड़ता हैं क्यूंकि मीन राशी जलतत्व की राशी हैं इससे धरती पर जल सम्बन्धी घटनाएं व दुर्घटनाये हो सकती हैं |
ज्योतिषीय दृष्टी से भी एक ही राशी में ज्यादा ग्रहों का बैठना शुभ नहीं माना जाता हैं जिससे धरती पर हमेशा कुछ प्राकतिक दुर्घटनाये ही होती हैं (भूकंप,ज्वालामुखी फटना,भू स्खलन,बाढ़ आदि ) परन्तु हमारा इस लेख में यह सब बताने का प्रयास नहीं है | हम तो सिर्फ आप सबको यह बताना चाहते हैं की यदि आप सब इन ग्रहों को देखना चाहते हो तो ३० अप्रैल को प्रात: सूर्योदय से पहले पूर्व दिशा में इन सभी को देख सकते हैं सबसे ज्यादा चमकीला ग्रह शुक्र पहले दिखाई देगा फिर मंगल, गुरु, बुध और सूर्य दिखाई देंगे |
सोमवार, 4 अप्रैल 2011
नौ देवी एवं नक्षत्र
आप सभी को नवरात्रों की शुभकामनाये - हमें कौन सी देवी की पूजा करनी चाहिए यह सवाल अक्सर पूंछा जाता हैं प्रस्तुत लेख में हमने इस सवाल का जवाब देने की कोशिश की हैं | आप जिस नक्षत्र में पैदा हुये हैं उसी के अनुसार आप देवी की पूजा एवं अर्चना कर सकते हैं |
१) यदि आपका जन्म अश्विनी, माघ, व मूल नक्षत्र का है ( जिनका स्वामी केतु ग्रह है) तो आपको "शैलपुत्री" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा अपामार्ग की जड़ धारण करनी चाहिए |
२) भरनी,पूर्वाफाल्गुनी,पूर्वाषाढ़ ( नक्षत्र स्वामी शुक्र) वालो को "ब्रह्मचारिणी " देवी की पूजा करनी चाहिए तथा अगस्थ मूल धारण करनी चाहिए |
३) कृतिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ (नक्षत्र स्वामी सूर्य) वालो को "सिद्दिधात्री" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा बिल्वमूल धारण करनी चाहिए |
4) रोहिणी, हस्त, श्रवण (नक्षत्र स्वामी चंद्र) वालो को "चंद्रघंटा" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा सफ़ेद चंदन मूल धारण करनी चाहिए |
5) मृगसिरा, चित्रा, धनिष्ठा ( नक्षत्र स्वामी मंगल) वालो को "कुष्मांडा" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा जयंती मूल धारण करनी चाहिए |
6) आद्रा, स्वाति, शतभिषा (नक्षत्र स्वामी राहू ) वालो को "कात्यायिनी" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा काले वस्त्र दान करने चाहिए |
7) पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद (नक्षत्र स्वामी गुरु) वालो "स्कंदमाता" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा केले के पेड़ की मूल धारण करनी चाहिए|
8) पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद (नक्षत्र स्वामी शनि) वालो को "कालरात्रि" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा विच्छोल मूल धारण करनी चाहिए |
9) रेवती, अश्लेशा, ज्येष्ठा (नक्षत्र स्वामी बुध) वालो को "महागौरी" देवी की पूजा करनी चाहिए तथा कलोल मूल धारण करनी चाहिए |
शनिवार, 2 अप्रैल 2011
जय हिंद ...जय हिंद ....जय हिंद ...जीतो इंडिया जीतो
सुप्रभात मित्रो,
ये कविता हमारे मित्र विश्वनाथजी ने भारत की जीत की कामना करते हुए भेजी है |
कर लो , ले लो ..बस एक और जीत
बन जाओ तुम फिर से हमारे मीत
एक मौका और है ..कर लो हमसे प्रीत
रात सुबह गायेंगे तुम्हारे लिए हम गीत
इंडिया इंडिया गाते हमको मिलेगी राहत
कप जीतो हँसते तुम सब - एक हमारी चाहत
एक एक कर के रणनीति से, सबको दी है मात
जोर लगाओ बढ़ जाओ आगे, मारो लंका को लात
सब है इस आशा में , क्या कुटिया, क्या मकान
लायेगा सबके चेहरे पर, टीम इंडिया मुस्कान
आज दिखा दो दुनिया को खेल हमारी जान
लहराए हर गली कूंचे में, तिरगा अपनी शान
विश्व विजेता बनो यह अवसर है महान
ले लो कप बस यही , सब जन का फरमान
जय हिंद ...जय हिंद ....जय हिंद ...जीतो इंडिया जीतो
जय हिंद ...जय हिंद ....जय हिंद ...जीतो इंडिया जीतो
--- विश्वानि , अप्रैल १, २०११
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