निद्रा रोग शोध संस्थान स्टेनफोर्ड के निदेशक सीडल के मुताबिक, 'निद्रा का एक मात्र ज्ञात कार्य दूसरे दिन व्यक्ति को जागरुक रखना है।' आयुर्वेद के अनुसार जीवित रहने के लिए जिस प्रकार नियमपूर्वक लिया गया आहार मायने रखता है, उसी प्रकार स्वस्थ रहने के लिए नियमपूर्वक ली गई गहरी नींद से भी व्यक्ति सुखी और स्वस्थ रहता है।
डिमांत और लिटमैन (1953) की खोजों से हमें पता चला है कि नींद अत्यन्त सक्रिय व जटिल प्रक्रिया है। वास्तव में दो अलग-अलग प्रकार की नींद होती है। पहले को तीव्र आँखों की गति की स्थिति (आर.ई.एम.) तथा दूसरे को आँखों की धीमी गति (एन.आर.ई.एम.) कहते हैं।
जब हम बिस्तर पर सोने जाते हैं तो सर्वप्रथम 70-90 मिनट हम एन.आर.ई.एम. नींद लेते हैं और ये दोनों एन.आर.ई.एम. व आर.ई.एम. नींद का दौर रात-भर निरंतर चलता रहता है। आर.ई.एम. नींद की स्थिति लम्बी होती है तथा एन.आर.ई.एम. नींद की स्थिति कम होती है। कुल नींद की 25 फीसदी नींद ही आर.ई.एम. होती है।
आर.ई.एम. की विशेषता यह है कि बंद पलकों के भीतर आंखें तेजी से गति करती हैं। इसी कारण इसे तीव्र नेत्र गति की संज्ञा दी गई है। ऐसे में निश्चित समयांतराल से होने वाली चेहरे की मांसपेशियों की स्वतः संकुचन क्रिया सामान्य रहती है। हाँ, हृदय की धड़कन व रक्तचाप और बढ़ जाता है और इसी कारण शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है। मस्तिष्क का तापमान बढ़ जाता है, जो इस बात का द्योतक है कि मस्तिष्क काफी सक्रिय है। इस स्थिति के दौरान नींद लेने वालों को काफी स्वप्न दिखलाई देते हैं।
एन.आर.ई.एम. नींद स्वयं चार विभिन्न वर्गों में बंटा होता है। प्रथम से चतुर्थ वर्ग तक पहुँचने तक व्यक्ति हल्की से गहरी निद्रा तक पहुंच जाता है। प्रत्येक एन. आर.ई.एम. नींद 1-2-3-4-3-2-1 की दशा में चलता है। सामान्यत: आधी एन. आर.ई.एम. नींद स्थिति 2 में बीतती है। अगर व्यक्ति छोटी अवधि के लिए नींद में है तो सर्वाधिक संतुष्ट करने वाली 3 एवं 4 स्थिति होती है।
नींद में बोलने की स्थिति प्रायः व्यक्ति अस्पष्ट व कुछ शब्द ही बोलता है, प्राथमिक रूप से एन.आर.ई.एम. नींद के दौरान ही ऐसा होता है और वह भी स्थिति 2 में ही होती है।
दूसरी तरफ नींद में चलने की घटना गहरी एन.आर.ई.एम. नींद (स्थिति 4) में होती है। प्रायः व्यक्ति कोई वस्तु भूल जाता है या पुरानी वस्तु को ढूंढ़ना चाहता है तो उठकर चलने लगता है। कभी-कभी तो वह पत्र भी लिखता है। वे स्थितियां उनकी इच्छाओं की पूर्ति करने वाली एवं तनावमुक्त बनाने वाली होती है।
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