मकर राशि
भो, जा,
जी, जू, खी, खू,
खो, गा
मकर राशि वालों
के लिए शनि का मीन राशि में गोचर एक सुखद परिवर्तन लेकर आया है । इस गोचर का
प्रभाव विशेष रूप से शनि की साढ़ेसाती के समाप्त होने के साथ जुड़ा हुआ है । शनि के
साढ़ेसाती के बाद अब मकर राशि वालों के लिए यह समय न केवल राहतकारी रहेगा, वरन्
नवीन अवसर भी प्रदान करेगा । भाग्य का साथ मिलेगा तथा कार्यों में आ रहे
अवरोध दूर होंगे,सकारात्मक
दृष्टिकोण में वृद्धि देखने को मिलेगी । इन सबके
परिणामस्वरूप परिश्रम एवं प्रयासों के अनुरूप प्रतिफलों की प्राप्ति होगी।
जन्मराशि से
तृतीय भाव में गोचर कर रहे शनि की तीसरी पूर्ण दृष्टि पंचम भाव पर पड़ेगी, जिसके
चलते मकर राशि वाले जातकों को यश और प्रसिद्धि के नवीन अवसर प्राप्त होंगे । सन्तति से
सम्बन्धित शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी,साथ ही, इतिहास, पुराण,
ज्योतिष एवं पराविद्याओं के अध्ययन में अभिरुचि बढ़ेगी ।
तृतीय भाव में
गोचर कर रहे शनि की सप्तम दृष्टि नवम भाव पर रहेगी, जिसके प्रभाव से
भाग्य का साथ मिलने लगेगा तथा कॅरिअर में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे,माता-पिता से
कुछ मतभेद रह सकते हैं ।
शनि का द्वादश
भाव पर भी दृष्टि प्रभाव रहेगा, जिसके परिणामस्वरूप विगत गोचरावधि में
जो अनाश्यक खर्चों में वृद्धि हुई थी, उस पर प्रभावी
नियन्त्रण सम्भव होगा। स्वास्थ्य बेहतर होगा तथा सामाजिक एवं परोपकार से सम्बन्धित
गतिविधियों में सक्रियता बढ़ेगी |
स्वास्थ्य का
सुधार : शनि के मीन राशि में गोचर के दौरान मकर राशि वालों के स्वास्थ्य में सुधार
होगा । आपका
आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत होगा । दीर्घकालिक बीमारियों में राहत का अनुभव होगा |
पारिवारिक सुख
में वृद्धि पारिवारिक जीवन में : तृतीय भाव में शनि के गोचर का प्रभाव सामान्य रूप
से सकारात्मक रहेगा,पिछले
कुछ समय से जो पारिवारिक समस्याएँ और गृहक्लेश की परिस्थितियाँ चल रही थीं,
उनमें अब राहत देखने को मिलेगी । आपसी सामंजस्य
और समझ बढ़ेगी हालाँकि भाई-बहिनों के साथ आपके सम्बन्धों में थोड़ी चिंता हो सकती
है, लेकिन यह गोचर आपके लिए पारिवारिक सम्बन्धों
में सुधार लाने में सहायक रहेगा । घर में मांगलिक कार्यों के होने के योग बन
रहे हैं और विवाह तथा सन्तान सम्बन्धी इच्छाएँ पूरी हो सकती हैं । सामाजिक
मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी ।
आर्थिक स्थिति
में सुधार : आर्थिक दृष्टि से शनि का मीन राशि में गोचर आपके लिए शुभ रहेगा । इस अवधि में
आपकी आय के स्रोतों में जो रुकावटें आई थी, वे समाप्त हो
सकती हैं ।
नए आय के स्रोत उत्पन्न होंगे और पुराने निवेश से लाभ प्राप्त होगा । इस अवधि में
उधारी की समस्याएँ भी कम हो सकती हैं,खर्चों पर नियंत्रण रहेगा और आपको अपनी वित्तीय
स्थिति को सुधारने का अच्छा अवसर मिलेगा । इसके अलावा,
अचल संपत्ति के मामलों में भी शुभ समाचार मिल सकते हैं । नए निवेश की
योजना बन सकती है और शेयर, म्यूचुअल फण्ड आदि से लाभ होने के योग
बन रहे हैं |
नौकरी और कॅरिअर
: इस गोचर का प्रभाव नौकरी और कॅरिअर पर भी सकारात्मक होगा । नौकरीपेशा मकर राशि
के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। पदोन्नति, वेतन
वृद्धि, और उच्च अधिकारियों से सकारात्मक समाचार मिलने
की संभावना है ।
आपके कार्यों की समय पर सफलता से आपको मानसिक संतोष मिलेगा और आप अपने लक्ष्यों को
शीघ्रता से पूरा कर पाएँगे । यदि आप बेरोजगार हैं, तो
इस अवधि में आपको नौकरी प्राप्त होने के योग बन रहे हैं |
कैसा रहेगा मकर
राशि वाले जातकों का व्यवसाय?
मकर राशि के
व्यवसायियों के लिए शनि का मीन राशि में गोचर शुभ समाचार लेकर आ रहा है। अब आपकी
साढ़ेसाती समाप्त हो गई है और शनि आपके लिए इस गोचरावधि में शुभ फलप्रद रहेंगे । यह गोचर आपके
लिए नए लाभकारी अवसर लेकर आएगा। इस अवधि में व्यवसायियों को अपने कारोबार को
विस्तार देने के लिए नए अवसर मिलेंगे और वे अपनी योजनाओं को सफलतापूर्वक
क्रियान्वित कर पाएँगे । धनलाभ में वृद्धि साथ ही बिक्री में भी
वृद्धि होने के आसार हैं । इसके अलावा, साझेदारों और
सप्लायरों से अच्छा सहयोग मिलेगा ।
शनि का यह गोचर
व्यवसायियों के अंदर न केवल उद्यमशीलता को बढ़ाएगा, वरन् उनके
कार्यों में दृढ़ निश्चय और पहल करने की प्रवृत्ति को भी जाग्रत करेगा। इस दौरान
व्यवसायी नए अवसरों को पहचानने में सक्षम होंगे और उनका समुचित लाभ भी उठा पाएँगे।
इस अवधि में सम्पत्ति में वृद्धि की संभावना है साथ ही, जो धन निवेश
पहले किया गया था, उस
पर अच्छे लाभ की प्राप्ति हो सकती है । इस अवधि में
जो उधारी अटकी हुई थी, उसकी
वसूली के योग भी बन रहे हैं,
जिससे व्यवसायियों को आर्थिक लाभ होगा ।
तृतीय भाव में
गोचर कर रहे शनि की तीसरी दृष्टि पंचम भाव पर पड़ेगी, जिसके फलस्वरूप
व्यवसायी वर्ग अपने व्यवसाय की ब्राण्डिंग एवं इमेज बनाने की ओर प्रवृत्त होगा।
डिजीटल मार्केटिंग एवं अन्य तरीकों से व्यवसाय में वृद्धि प्रयास होंगे |
शनि की दृष्टि
नवम भाव पर होने से समाजसेवा, धर्म और परोपकार से जुड़े कार्यों में वृद्धि
होती है ।
व्यवसायियों को इस अवधि में सामाजिक कार्यों में सक्रियता दिखाने का अवसर मिलेगा । वे अपने
व्यवसाय से जुड़े सामाजिक दायित्वों को करने में भी सफल पूरा होंगे । द्वादश भाव पर
शनि की दृष्टि से दान और परोपकार सम्बन्धी मामलों में सक्रियता रहेगी । इस गोचरावधि
में विदेश से व्यापार के अवसर भी मिल सकते हैं और विदेशी
कंपनियों के साथ व्यापारिक सम्बन्ध स्थापित होने की संभावना है ।
शनि के गोचर का
राहतकारी उपाय : शनि की इस गोचरावधि से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ उपाय
किए जा सकते हैं |
पाँच कैरेट अथवा
उससे अधिक वजन का नीलम शनिवार या किसी शुभ मुहूर्त में दाहिने हाथ
की मध्यमा अँगुली में धारण करना चाहिए |
ॐ शं शनैश्चराय
नमः' मंत्र का नियमित रूप से जप करें ।
वृद्धों और
रोगियों की सेवा करना चाहिए
|
शिवलिंग पर काले
तिल चढ़ाने से शनि के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है ।
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