बुधवार, 2 अप्रैल 2025

शनि गोचर का कुम्भ राशि पर प्रभाव

कुम्भ राशि

गू, गे, गो, सा, सि, सु, से, सो, दा

कुम्भ राशि वालों के लिए शनि का गोचर उनकी जन्मराशि से द्वितीय भाव में रहेगा अभी भी आप साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं, परन्तु उतरती साढ़ेसाती होने के कारण कुछ राहत का अनुभव भी देखने को मिलेगा । शनि के इस गोचर का प्रभाव मिश्रित हो सकता है, जिसमें कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सतर्कता और ध्यान की आवश्यकता रहेगी । कॅरिअर में राहत देखने को मिलेगी, परन्तु स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सुख के सम्बन्ध में कुछ विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं ।

जन्मराशि से द्वितीय भाव में गोचर कर रहा शनि अपनी तीसरी दृष्टि से चतुर्थ भाव को देखेगा, जिसके परिणामस्वरूप पारिवारिक सुख में कमी देखने को मिल सकती है । परिवार की शान्ति रखने के लिए अधिक धैर्य और संयम का परिचय देना होगा । किसी परिजन के स्वास्थ्य को लेकर भी चिन्ता हो सकती है । स्थायी सम्पत्ति सम्बन्धी मामलों में सतर्कता रखें,लेनदेन में सावधानी बरते |

त्तरती साढ़ेसाती के रूप में द्वितीय भाव में गोचर कर रहा शनि अपनी सप्तम दृष्टि से अष्टम भाव को देखता है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यों में अवरोध, आर्थिक हानि दुर्घटना एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के प्रति आप संवेदनशील रहेंगे । पहले से चली आ रही बीमारियों को भी समय-समय पर दिखा रहना चाहिए । जोखिमपूर्ण निवेश से बचना चाहिए । नियमों एवं कानूनों का उल्लंघन न करें अन्यथा परेशानी हो सकती है ।

शनि की एकादश भाव पर भी दृष्टि रहेगी, जिसके परिणामस्वरूप एक ओर जहाँ कॅरिअर में उन्नति से सम्बन्धित मामलों में अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं, तो वहीं दूसरी ओर परिश्रम एवं प्रयासों के अनुरूप प्रतिफलों की प्राप्ति न होने से भी निराशा हो सकती है । आय में अपेक्षित वृद्धि न होने की भी आशंका दिखाई दे रही है । मित्रों एवं कुटुम्बियों के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाए रखने में कठिनाई का अनुभव होगा |

स्वास्थ्य पर शनि का प्रभाव : शनि का यह गोचर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है हालांकि पूर्व में जो बीमारियाँ चल रही थीं, उनमें कुछ राहत का अनुभव होगा, परन्तु अभी भी स्वास्थ्य का पाया कमजोर बना हुआ है । वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी, क्योंकि पैरों में चोट या किसी अन्य प्रकार की चोट का खतरा हो सकता है । इसके अलावा, जीवनसाथी के स्वास्थ्य की भी आपको विशेष रूप से चिंता करनी चाहिए |

पारिवारिक सुख : पारिवारिक दृष्टिकोण से यह गोचर अवधि पिछले समय की तुलना में राहतकारी रह सकती है। फिर भी परिवार में सुख-शान्ति का माहौल ना के लिए अधिक प्रयासों की जरूरत रहेगी । घर में परिजनों से अच्छे रिश्ते बनाए रखने का अवसर मिलेगा । मांगलिक कार्यों के योग बन रहे हैं और लव रिलेशनशिप भी विवाह संबंधों में बदल सकते हैं । विवाह और संतान के इच्छुक जातकों के लिए यह समय अच्छा हो सकता है ।

आर्थिक सुख - धन और संपत्ति के दृष्टिकोण से शनि का यह गोचर राहत देने वाला है । इस गोचरावधि काम की शुरूआत करना चाहते हैं, तो यह में आकस्मिक खर्चों में कुछ कमी आएगी । भूमि या समय इसके लिए उपयुक्त नहीं है भवन संबंधी कोई नया निवेश करने के योग बन सकते हैं, लेकिन इस मामले में सतर्कता बरतना जरूरी होगा,जमीन-जायदाद के दस्तावेज़ों को ध्यान से जाँचकर ही निर्णय लें और यदि जरूरत हो, तो किसी विशेषज्ञ से राय-मशविरा अवश्य लें ।

नौकरी और करियर नौकरी पेशा जातकों के लिए शनि का यह गोचर मिश्रित परिणाम दे सकता है । कार्यस्थल पर परिस्थितियाँ सामान्य रूप से अनुकूल रहेंगी, लेकिन आपको अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहना होगा । उच्चाधिकारियों और सहकर्मियों से रिश्ते बेहतर हो सकते हैं और कार्यभार में कमी आ सकती है । अपने कामों को जिम्मेदारी से करें और नियमों का उल्लंघन करने से बचें ।

कैसा रहेगा कुम्भ राशि वाले जातकों का व्यवसाय?

कुम्भ राशि वाले व्यवसायियों के लिए शनि का मीन राशि में गोचर उनकी जन्मराशि से द्वितीय भाव में रहेगा, जो कि सामान्यतः शुभ फलदायक नहीं माना जाता है । इस दौरान व्यवसाय में आ रही बाधाएँ धीरे-धीरे कम होने की संभावना है और विस्तार की योजनाएँ बनाने के लिए अधिक अवसर मिल सकते हैं | द्वितीय भाव में शनि का गोचर चतुर्थ, अष्टम और एकादश भावों को भी प्रभावित करता है, जिससे इन क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं |

शनि का गोचर व्यापार में आमदनी को बढ़ाने में सहायक हो सकता है । इस अवधि में व्यवसाय का टर्नओवर बढ़ सकता है, जिससे लाभ की संभावना भी अधिक हो सकती है | इसके साथ ही, आकस्मिक खर्चों पर भी नियंत्रण स्थापित होगा, जिससे कुल मिलाकर लाभ में वृद्धि होने की उम्मीद की जा सकती है ।

द्वितीय भाव में शनि के गोचर से चतुर्थ भाव पर दृष्टि पड़ने से स्थायी सम्पत्ति से संबंधित कुछ विवाद उभर सकते हैं । यदि आपका व्यवसाय खान- खनिज या इससे सम्बन्धित क्षेत्र में है, तो इस अवधि में लाभ की संभावना अधिक है । यह भी संभव है कि पैतृक व्यवसाय में कुछ विवाद उत्पन्न हों, लेकिन वे समय के साथ हल हो सकते हैं ।

अष्टम भाव पर शनि की दृष्टि से विदेश व्यापार, विदेशी कंपनियों के साथ सहयोग, एजेंसी या अन्य व्यावसायिक अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं । यदि आप इन क्षेत्रों में प्रयास करेंगे, तो आपके लिए यह लाभकारी हो सकता है । इस गोचरावधि के दौरान आप अपने व्यापार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैला सकते हैं, जिससे नए अवसर और लाभ प्राप्त हो सकते हैं ।

एकादश भाव पर शनि की दृष्टि से आपकी मेहनत और योजनाओं से आय में वृद्धि की संभावना बनती है । यह गोचरावधि उन व्यवसायियों के लिए खास तौर पर लाभकारी है जिनके पास अटके हुए धन की कोई स्थिति है। शनि का यह प्रभाव आपके आर्थिक संकट को दूर करने में मदद करेगा और व्यवसाय में धन निवेश की परिस्थितियाँ भी उत्पन्न करेगा, जिससे आप अपेक्षानुसार लाभ की प्राप्ति कर सकेंगे | इसके अलावा, कार्यों में आ रही बाधाएँ दूर होंगी और व्यवसाय में सफलता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा । इस सकारात्मक प्रभाव के कारण उत्साह और पराक्रम में भी वृद्धि होगी, जो आपके व्यवसाय के लिए शुभ रहेगा |

उपाय: कुम्भ राशि वालों के लिए शनि के अशुभ फलों से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना चाहिए |

सातमुखी रुद्राक्ष माला सोमवार या किसी शुभ मुहूर्त में गले में पहनना चाहिए ।

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः' मन्त्र का प्रतिदिन एक माला जाप करना चाहिए ।

शनैश्चरी अमावस्या पर तिली का तेल लोहे के चौड़े पात्र में सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद भरकर में अपना मुख देखें और किसी असहाय व्यक्ति को दान करें ।

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