गुरुवार, 3 मार्च 2022

विवाह हेतु शुभ तिथिया

 


हमारे ज्योतिष शास्त्रो मे विवाह के लिए कुछ शुभ तिथियो के विषय मे बताया गया हैं जिनमे विवाह करने से भावी दाम्पत्य जीवन बेहद सफल रहता हैं |

प्रस्तुत इस लेख मे हमने विभिन्न तिथि अनुसार विवाह करने से क्या प्रभाव होता हैं ये बताने का प्रयास किया हैं |

1) प्रथमा - वर पक्ष के लिए कन्या दुखो को जन्म देती हैं |

2) द्वितीया - वर को कन्या से अत्यधिक प्रीति मिले,जीवन प्रेममय हो |

3) तृतीया – कन्या सौभाग्यवती रहे |

4) चतुर्थी - कन्या वर के धन का नाश करे |

5) पंचमी - दोनों का सुखमय जीवन हो |

6) षष्ठी - विवाह होते ही हर कार्य मे बाधा होने लगे |

7) सप्तमी - हर प्रकार से सुख प्रदान करने वाली वधू की प्राप्ति हो |

8) अष्टमी - किसी प्रकार का फल ना मिले |

9) नवमी - वर को हर समय शोक प्रदान करने वाली वधू मिले |

10) दशमी - आनंद देने वाली वधू जिससे सारे परिवार को आनंद प्राप्त होवे |

11) एकादशी - वधू का आगमन पूरे परिवार को सुख प्रदान करे |

12) द्वादशी - वधू सर्वसुख प्रदान करने वाली हो |

13) तृयोदशी - सम्मान बढ़ाने वाला विवाह जिससे नाम कमाने वाली संतान जन्म ले |

14) चतुर्दशी - परिवार मे कलंक लगने वाला विवाह होवे |

15) पूर्णमासी - हर प्रकार से सुख व संपन्नता देने वाला विवाह होवे |

16) अमावस्या - असफल विवाह या तो तलाक होवे या दोनों मे से एक की मृत्यु हो जाये |

इस प्रकार से देखे तो द्वितीया,तृतीया,पंचमी,सप्तमी,दशमी,एकादशी,द्वादशी,तृयोदशी व पूर्णमासी तिथि को विवाह करना शुभ रहता हैं |   

मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

बाधक ग्रह के शास्त्र अनुसार उपाय

बाधक ग्रह यदि लग्न में हो तो छाया पात्र का दान करना चाहिए |

यदि दूसरे भाव में हो तो मंत्र जाप करना चाहिए |

तीसरे भाव में होतो पूजा अर्चना करनी चाहिए |

चौथे भाव मे होतो देव मंदिर बनाए |

पांचवें में होतो तर्पण ब्राह्मणों को अन्न दान दें |

छठे भाव में हो तो प्रतिकार बली करें |

सातवें भाव में प्रतिमा के सम्मुख नृत्य करें |

अष्टम भाव में हो तो व्रत उपवास करें |

नवे भाव में आवाहन मंत्र आदि करें |

दसवें भाव में हो तो तर्पण मार्जन करें |

ग्यारहवें भाव में हो तो तर्पण दे |

बारहवें भाव में यदि बाधक ग्रह हो सूर्य हो या सिंह राशि होने पर सूर्य आराधना करे |

चंद्र या कर्क राशि होने पर चावल पानी बाटे |

मंगल या मेष/वृश्चिक राशि होने पर मंदिर में दीपमाला करें हवन करें |

बुध या मिथुन/कन्या राशि होने पर भगवान के सामने नृत्य करें |

गुरु या धनु/मीन राशि होने पर ब्राह्मण भोजन करें |

शुक्र या वृषभ/तुला राशि होने पर मुक्त हस्त से अन्न दान करें |

शनि बारहवें भाव में हो अथवा मकर/कुम्भ राशि हो तो पिछड़ी जाति को अनुदान करें |

6/8/12 भाव में बाधक हो और केंद्र में गुरु हो तो सर्प बली पूजन कराये |

चौथे भाव में राहु चित्रकूट में शीला दान करे |

सातवें भाव में राहू भक्ति गीत का सहारा ले।

 

सोमवार, 21 फ़रवरी 2022

धन संबंधी भावो की विचित्रता

धन संबंधी  भावो मे देखे तो तो मुख्य रूप से 2,5,8, व 11 भाव अपना बड़ा महत्व रखते हैं | इन भावो मे जब विभिन्न ग्रह होते हैं तो किस प्रकार धन प्राप्त होता हैं ये आपकी इस लेख मे बताया जा रहा हैं |


दूसरा भाव - सूर्य यहाँ पर होतो जातक को नौकरी बड़ी मुश्किल से मिले, अधिकतर चीजों को बेचने का काम करता है |

बुध होतो जातक को पैसा  नकद रूप में  मिलता हैं |

मंगल होतो जातक अपनी पारंगतता के लिए कमाता है |

गुरु यहा होतो जातक काम करना एवं खर्चना चाहता है |

शनि होतो जातक पैसे को बचाकर भविष्य के लिए रखता  रहता है |

 

पांचवें भाव - सूर्य होतो जातक निवेश पर पैसा लगाता है |

बुध होतो जातक अच्छा लेखक एवं वक्ता होता है |

शुक्र देखभाल करके व्यापार करने वाला बनाता हैं  |

मंगल शोध एवं स्वयं के कार्य से धन देता हैं |

गुरु कागजों में हेरफेर करके धन कमाना बताता हैं  |

शनि सुरक्षित निवेश करता रहता है |

 

आठवें भाव  -  सूर्य हर प्रकार की पैसा देता है |

बुध कमीशन अथवा ट्रांजेक्शन का काम करता है |

शुक्र बड़े बड़े भवनों को बेचने वाला  बनाता हैं |

गुरु पार्टनर को धन्य बनाता है |

शनि अपने टैक्स मुश्किल से देता है |

 

ग्यारहवें भाव - सूर्य इंसेंटिव देता है |

बुध स्कीमिंग तरीके से पैसे बनाता है |

शुक्र अच्छी तरह जानता है कैसे खर्चना हैं |

मंगल कर्जदारों को चुकाता है |

गुरु हमेशा जितना चाहता है उससे ज्यादा पाता है |

शनि जितना चाहता है कभी नहीं पाता |

यदि  2-5-8-11  भाव खाली हो तो जातक सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए कमा पाता है |