लक्ष्मी तथा आयु प्राप्ति हेतु
अग्नि पुराण में धन्वंतरिजी सुश्रुतजी को कहते हैं : "श्रीदः, श्रीशः, श्रीनिवासः, श्रीधरः, श्रीनिकेतनः, श्रियः पतिः तथा श्रीपरमः
इन श्रीपति- संबंधी नामात्मक मंत्रपदों के जप से मनुष्य लक्ष्मी (धन-सम्पत्ति) को पा लेता है ।''
श्रीमद्देवीभागवत में भगवान नारायण कहते हैं कि गायत्री मंत्र जपते हुए दूधवाले वृक्षों (पीपल, गूलर, वट और पाकड़) की समिधा का हवन आयु प्रदान करनेवाला है।
सम्पूर्ण कार्यों की सिद्धि हेतु उपाय
नारद पुराण में आता है कि सम्पूर्ण कार्यों की सिद्धि के लिए पीपल और बड़ के मूल भाग में दीप देना चाहिए ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें